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आज मिली पेट्रोल-डीजल के दामों में राहत, पांच दिन बाद घटे पेट्रोल-डीजल के दाम

जाने अपने शहर के पेट्रोल-डीजल के दाम


पेट्रोल डीजल की बढ़ती महंगाई से पूरे देश की जनता परेशान है लेकिन आज यानि की मंगलवार की सुबह लोगों को एक राहत की खबर सुनने को मिली। एक बार फिर पांच दिनों बाद तेल कंपनियों ने पेट्रोल डीजल की कीमतों में कटौती की है। आज सुबह तेल कंपनियों ने अनुसार तय हुई कीमतों से पेट्रोल 22 पैसे और डीजल 23 पैसे सस्ता हुआ। अगर हम देश की राजधानी दिल्ली की बात करें तो दिल्ली में आज पेट्रोल का दाम 90.56 रुपये जबकि डीजल का दाम 80.87 रुपये प्रति लीटर है। वही अगर हम मुंबई की बात करें तो मुंबई में पेट्रोल की कीमत 96.98 रुपये व डीजल की कीमत 87.96 रुपये प्रति लीटर है। तो चलिए जानते है बाकी राज्यों के पेट्रोल-डीजल के दामों के बारे में।

जाने देख के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल डीजल की कीमतों के बारे में

शहर         डीजल          पेट्रोल

दिल्ली         80.87          90.56

मुंबई          87.96          96.98

कोलकाता   83.75           90.77

चेन्नई          85.88          92.58

नोएडा        88.91           81.33

बेंगलुरु       93.59           85.75

हैदराबाद    94.16           88.20

जयपुर        97.08           89.35

लखनऊ      88.85           81.27

पटना          92.89           86.12

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Image source – Indian express

रोज छह बजे बदलती है पेट्रोल डीजल की कीमतें

आपको बता दें कि रोज छह बजे पेट्रोल डीजल की कीमतों में बदलाव आता है। रोज छह बजे से पेट्रोल और डीजल की नई दरें लागू की जाती है। पेट्रोल व डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है। इन्हीं मानकों के अनुसार पेट्रोल डीजल के रेट तेल कंपनियों द्वारा तय किये जाते है। उसके बाद पेट्रोल पंप वाले खुद को खुदरा कीमतों पर उपभोक्ताओं के अंत में करों और अपने स्वयं के मार्जिन जोड़ने के बाद पेट्रोल बेचते हैं। इतना ही नहीं पेट्रोल और डीजल रेट में कॉस्ट भी जुड़ती है।

जानिए अपने शहर के पेट्रोल डीजल के दाम

अगर आप अपने शहर के पेट्रोल डीजल की कीमत जानना चाहते है तो आप एसएमएस के जरिए भी जान सकते हैं। अगर हम बात करें इंडियन ऑयल की तो इंडियन ऑयल के अनुसार आपको RSP और अपने शहर का कोड लिखकर 9224992249 नंबर पर भेजना होगा। इससे आपको अपने शहर के पेट्रोल डीजल के दाम पता चल जायेगा। हर शहर का कोड अलग-अलग है, जो आपको आईओसीएल की वेबसाइट से मिल जाएगा।

100 रुपये के पार चला गया था पेट्रोल

जैसा की हम आपको बता चुके है कि किसी भी राज्य के वैट की स्थानीय दरों और परिवहन लागत के आधार पर देश भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अंतर होता है। अगर हम पिछले महीने की बात करें तो पिछले महीने राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर से पार चली गयी थी। जिसके बाद पेट्रोल के बाद 100 रुपये के पार चले गया था।

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Lockdown 2021: जाने संडे को किन किन जिलों में लगने वाला है लॉकडाउन

Lockdown 2021: भोपाल, इंदौर और जबलपुर के अलावा इन जिलों में लगाया गया संडे लॉकडाउन


 

कोरोना वायरस को एक साल से ज्यादा का समय हो चुका है लेकिन आज भी ये थमने का नाम नहीं ले रहा। इस दौरान कोरोना की वैक्सीन भी आ गयी है लेकिन उसके बाद भी ये कम नहीं हो रहा है। लगातार बढ़ते संक्रमण के बीच एक बार फिर कई राज्यों में लॉकडाउन की स्थिति बन गई है। मध्यप्रदेश में  अभी कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी काफी तेजी से हो गई है।  इसे कम करने के लिए राज्य सरकार द्वारा सख्ती बरत जा रही है। मध्यप्रदेश सरकार ने उन सभी जिलों में जहां 20 से ज्यादा कोरोना केस है वहां स्विमिंग पूल, क्लब और सिनेमाघर सब कुछ बंद कर दिए है। पहले मध्यप्रदेश सरकार ने सिर्फ तीन जिलों भोपाल, इंदौर और जबलपुर में संडे लॉकडाउन लगाया था लेकिन अभी इनको तीन से बढ़ाकर सात कर दिया है तो चलिए जानते है किन किन जिलों में लगाया है संडे लॉकडाउन।

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Image source – Hindustan Times

जाने कब से कब तक रहेगा संडे लॉकडाउन

मध्यप्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस की स्थिति को देखते हुए मंत्रिमंडल के साथ बैठक करके चार और जिलों में लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है। बुधवार शाम को मध्यप्रदेश सरकार ने लगातार बढ़ते कोरोना वायरस के केसों से चिंतित होकर बैतूल, छिंदवाड़ा, रतलाम और खरगौन में भी संडे लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया है। जबकि पहले ये संडे लॉकडाउन सिर्फ भोपाल, इंदौर और जबलपुर में ही था। ये संडे लॉकडाउन शनिवार रात 10 बजे से शुरू होगा और सोमवार सुबह 6 बजे तक लागू रहेगा।

राज्य में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने सात जिलों में रेस्तरां में बैठकर खाने पर भी पाबंदी लगा दी है। मध्यप्रदेश में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, खारगौन और रतलाम अब लोग रेस्तरां में बैठकर खाना नहीं खा पाएंगे। लेकिन खाना पैक कराने और होम डिलीवरी के लिए आज भी सारे रेस्तरां खुले है। साथ ही मध्यप्रदेश सरकार ने ये भी बताया कि जिन राज्यों में 20 से अधिक कोरोना केस है वहां शादी समारोह में 50 और शव यात्रा में 20 से अधिक लोगों के शामिल नहीं हो सकते। इतना ही नहीं अभी मध्यप्रदेश में होली, शब-ए-बारात और ईस्टर के दौरान ज्यादा लोगों के इकट्ठे होने पर पाबंदी लगा दी गई है। इस बार आप सार्वजनिक जगहों पर त्योहार नहीं मना पाएंगे।

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जानें बर्ड फ्लू क्या है और ये पक्षियों से इंसानों तक कैसे फैलता है

जानें क्या है बर्ड फ्लू


लम्बे समय से पूरी दुनिया कोरोना वायरस से परेशान है.  अभी हमारे देश से कोरोना वायरस गया नहीं कि उससे पहले हमारे देश में कई राज्यों में बर्ड फ्लू के मामले सामने आने लगे है और कई सारे राज्यों में तो ये मामले काफी ज्यादा बढ़ते जा रहे हैं. मध्य प्रदेश, झारखंड, हरियाणा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में तो बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट भी जारी कर दिया गया है. इन राज्यों में पोल्ट्री फार्म, जलाशयों और प्रवासी पक्षियों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है. इतना ही नहीं जिन जगहों पर संक्रमण फैल रहा है वहाँ पर मांस बेचने पर भी प्रतिबंध लगाया जा रहा है. पिछली साल दिसंबर में जापान, वियतनाम, साउथ  कोरिया और चार यूरोपीय देशों में बर्ड फ्लू के मामले आने शुरू हुए थे और अभी ये बर्ड फ्लू भारत के मामले भारत के कई राज्यों में फैल चुका है.

बर्ड फ्लू एक वायरल इंफेक्शन है जिसे हम एवियन इन्फ्लूएंजा भी कहते है.  ये एवियन इन्फ्लूएंजा इंफेक्शन एक पक्षी से दूसरे पक्षियों में फैलता है.  एवियन इन्फ्लूएंजा का सबसे बड़ा जानलेवा स्ट्रेन H5N1 होता है. अगर कोई पक्षी H5N1 वायरस से संक्रमित है तो उसकी मौत भी हो सकती है.  इतना ही नहीं ये वायरस संक्रमित पक्षियों से अन्य जानवरों और यहाँ तक की इंसानों में भी फैल सकता है और इंसानों के लिए भी ये वायरस इतना ही खतरनाक होता है.

 

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जाने इंसानों में बर्ड फ्लू का पहला मामला कब आया था

1997 में हॉन्ग कॉन्ग में इंसानों में बर्ड फ्लू का पहला मामला सामने आया था. उस समय पर बर्ड फ्लू के प्रकोप की वजह पोल्ट्री फार्म में संक्रमित मुर्गियों को बताया जा रहा था इतना ही नहीं 1997 में बर्ड फ्लू से संक्रमित 60 फीसदी लोगों की मौत हो गई थी. बर्ड फ्लू बीमारी संक्रमित पक्षी के मल, नाक के स्राव, आंखों से निकलने वाले पानी और मुंह की लार से इंसानों में फैलता है.

 

जाने बर्ड फ्लू पक्षियों से इंसानों में कैसे फैलता है

H5N1 बर्ड फ्लू इंसानों में होने वाले आम फ्लू की तरह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से नहीं फैलता है. बर्ड  फ्लू एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तभी फैलता है जब दोनों के बीच काफी ज्यादा करीबी संपर्क होता है. जैसे अगर आपके घर पर कोई छोटा बच्चा संक्रमित है और आप बच्चे की देखभाल कर रहे है तो आपको बर्ड फ्लू होने की संभावना होती है या फिर अगर आपके घर पर कोई अन्य व्यक्ति संक्रमित है और आप उसकीदेखभाल कर रहे है तो भी आपको बर्ड फ्लू होने की सम्भावना
बढ़ जाती है.

 

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सिर्फ चंदा न देने पर मध्यप्रदेश में 14 आदिवासी परिवारों का राशन, इलाज बंद

चंदा न देने वाले सभी लोग मजदूर है


त्योहार हमारे जीवन में खुशियों के साथ-साथ एक उर्जा को लेकर आते हैं. इस भाग दौड़ भरी दुनिया में लोग त्योहारों पर ही अपने लोगों से मिल भी पाते हैं. यही हमारे रिश्तों को मजबूती भी देते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है इन त्योहारों को कारण ही लोगों का सामाजिक बहिष्कार होने लग जाते हैं. इंसान की जिदंगी कैसी हो जाएगी?

ज्यादातर लोग प्रवासी मजदूर है

ताजा मामला मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले का है. जहां 14 गौड़ आदिवासी परिवार को दुर्गापूजा का मात्र 200 रुपए चंदा न देने के कारण उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है. गौरतलब है कि 14 अक्टूबर को स्थानीय दुर्गापूजा संगठन सार्वजनिक दुर्गापूजा संस्था ने लम्ता गांव की एक सभा में निर्धारित किया कि सभी 170 परिवार दुर्गापूजा के लिए 200 रुपए चंदा देगें. लेकिन 40 गौड़ परिवार ने इतना न दे पाने इच्छा जाहिर की.इनमें से ज्यादा प्रवासी मजदूर थे. लॉकडाउन के बाद लोगों के पास रोजगार नहीं. रोजगार न मिल  पाने के कारण इऩकी आर्थिक हालात भी ठीक नहीं है. लेकिन फैसले कुछ समय बाद 26 परिवार नरम पड़ गए और उन्होंने पैसे भरने के लिए हां कर दी. लेकिन 14 परिवार अभी भी ऐसे थे जो चंदा देने में सक्षम नहीं थे.

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राशन के लिए भी मना कर दिया

 

दुर्गापूजा समाप्ति के बाद एक बार फिर 3 नवंबर को गांव में एक सभा रखी गई जिसमें गांव के लोगों के सर्वसम्मति से यह निर्धारित किया कि इन 14 परिवारों के साथ कोई बातचीत नहीं करेगा. बात यही तक नहीं रुकी गांव के दुकानदारों को कह दिया गया कि इन्हें राशन नहीं दिया जाए. लोकल डॉक्टर को भी कहा गया वो इनका इलाज नहीं करें.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार 39 साल की लक्ष्मी वानखेडे एक मजदूर है. उसके पति की तबीयत बिगडने  बाद वह मजदूरी कर रही है. उसके घर में सात लोग रहते है. पूजा के लिए 200 रुपए भरना उसके लिए बहुत ही मुश्किल है.

बात बिगड़ती देख सभी 14 परिवारों ने बालाघाट के एडिशनल एसपी गौतम सोलंकी को ज्ञापन देते सारा वकाया बताया. उनका कहना था कि कुछ लोगों ने 101 रुपए चंदा दिया था. इसके बाद भी गांव के लोगों ने कम पैसे देने के कारण उनका बहिष्कार कर दिया. गांव के कुछ लोग और प्रशासन के समझाने  के बाद भी जब दबंग नहीं माने तो हार कर आदिवासी परिवारों ने जिला मुख्यालय का रुख किया और पुलिस के आला अधिकारियों को ज्ञापन देकर न्याय की गुहार लगाई है.

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