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ट्रेनों के बाद अब दिल्ली में जल्द शुरू होगी मेट्रो सेवा

आरोग्य सेतु ऐप और फेस मास्क हो सकता है अनिवार्य


कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण 22 मार्च से मेट्रो सेवाएं बंद है। 22 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता कर्फ्यू की घोषणा की थी। इसके साथ ही मेट्रो सेवाओं का परिचालन बंद कर दिया था। अब अनुमान लगाया जा रहा है की लॉकडाउन 0.3 खत्म होते – होते शायद ज्यादातर पब्लिक ट्रांसपोर्ट आंशिक रूप से शुरू हो जाएंगे। भारतीय रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया है। अब दिल्ली मेट्रो मे भी जल्द सेवाएं शुरू हो सकती है। इस पर खुद दिल्ली मेट्रो रेल सेवा (DMRC) ने इसके संकेत दिए है। दिल्ली मेट्रो ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट कर लिखा है कि मेट्रो स्टेशनों में विशेष रूप से प्रशिक्षित हाउसकीपिंग स्टाफ रखे गए है। जो लगातार पैसेंजर मूवमेंट एरिया को साफ करेंगे।

सफाई और मेंटिनेंस का काम

DMRC ने कहा कि कोरोना वायरस के संकट को देखते हुए हम लोग दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशनों को विशेष रूप से साफ-सुथरा करने का काम कर रहे है। इसमें दिल्ली मेट्रो के 264 स्टेशन, 2200 कोच, 1100 एक्सक्लेटर और 1000 लिफ्ट शामिल है। इन सभी को विधिवत साफ करने का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि ट्रेन और स्टेशनों पर सोशल डिस्टेंसिंग के लिए प्रोटोकॉल कैसा रहेगा उस पर अभी काम किया जा रहा है।

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आरोग्य सेतु ऐप और मास्क हो सकता है अनिवार्य

सोशल मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार दिल्ली मेट्रो में यात्रा करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी हो सकते है। ऐसा भी हो सकता है कि मेट्रो में प्रवेश करने के लिए आपको आरोग्य सेतु ऐप अपने फोन में रखना अनिवार्य हो सकता है। साथ ही किसी भी यात्री को बिना मास्क यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि अभी तक दिल्ली मेट्रो ने इस बात पर कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की है।

मेट्रो कब से शुरू होंगी, इस पर क्या बोले दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल

इसका जवाब मुख्यमंत्री ने जनता से ही पूछ लिया है। 12 मई को केजरीवाल ने कहा, ‘मैं दिल्ली के लोगों से जानना चाहता हूं कि 17 मई के बाद वो क्या चाहते हैं। आप लोग मुझे अपने फीडबैक और सलाह भेजें।’ इसके लिए उन्होंने दिल्ली की जनता को 13 मई शाम 5 बजे तक का समय भी दिया था। मुख्यमंत्री ने लोगों से पूछा कि शहर में बस और मेट्रो चलनी चाहिए या नहीं। उन्होंने ये भी पूछा कि मेट्रो और बस के चलने पर सोशल डिस्टैन्सिंग कैसे मेंटेन होगी।

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हजारों किलोमीटर पैदल चलकर कर घर लौट मजदूरों का आँखो से छलका दर्द

प्रवासी मजदूरों के पलायन की ऐसी कहानी सुनकर आँखे नम हो जाएगी


Heart-breaking stories of migrant workers


अभी पूरी दुनिया में कोरोना वायरस नामक महामारी का प्रकोप छाया हुआ है, जिसके कारण दुनिया के ज्यादातर देशों में लॉकडाउन लागू है। कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूर भूखे-प्यासे पैदल ही हजारों किलोमीटर दूर अपने गांवों के लिए चले जा रहे है। यह मंजर 24 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 21 दिन के लिए पुरे भारत को लॉकडाऊन करने की घोषणा के बाद सामने आया है। तब से शुरू हुआ यह सिलसिला आज श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के चलने के बाद भी थमने का नाम नहीं ले रहा।

पीएम मोदी के पुरे भारत को लॉकडाउन करने की घोषणा के बाद देश के मजदूरों पर बिजली गिर पड़ी। खासकर वो मजदूर जो बड़े शहरों में रोजी-रोटी कमाने के लिए आए थे। वो घबरा कर अपने परिवार के साथ भूखे-प्यासे सैकड़ो किलोमीटर दूर घर के लिए पलायन करने लगे। देश भर में लाखों मजदूर सड़कों पर आ गए। हजारों परिवार पैदल ही चल पड़े। सबसे ज्यादा पलायन दिल्ली और मुंबई से हुआ।

उत्तराखंड से पैदल बिजनौर पहुंचे मजदूर

जब से भारत से लॉकडाउन शुरू हुआ है रोज मजदूरों के दर्द की कहानियां  सामने आती रहती है। अभी कुछ दिन पहले ही उत्तराखंड के हरिद्वार, देहरादून और पौड़ी से बड़ी संख्या में मजदूर उत्तर प्रदेश के बिजनोर पहुंचे। हाथों में सामान का थैला, कंधे पर बैठे बच्चे, आंखों में आंसू, भूख से अकड़ रहे पेट, इन मजदूरों की कहानी बयां करती है। ये मजदूरआपके घरों से दूर वहां रोटी कमाने गए थे।

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स्पेशल ट्रेन के बारे में कितनी जानकारी है मजदूरों को

उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में रहने वाले मजदूरों के एक जत्थे से जब पूछा गया कि वो स्पेशल ट्रेनें की जगह पैदल क्यों जा रहे है। तब उनमें से एक ने कहा कि मुझे स्पेशल ट्रेन के बारे में कोई जानकारी नही है। मैं पैदल इसलिए चल रहा हूं क्योंकि मैं दिल्ली में नहीं, अपने गांव में मरना चाहता हु। वही दूसरी तरफ तालकटोरा रोड के आसपास रहने वाले करीब 90% प्रवासी मजदूर घर वापस जाने की मांग कर रहे है उनमे से एक ने कहा 7 दिन पहले मेरी बहू को बच्चा हुआ था लेकिन हमारे पास घर में खाने के लिए कुछ नही है।

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Most awaited Web Series of 2020: बॉलीवुड की 5 ऐसी वेब सीरीज़, जिनका दर्शकों को बेसब्री से इंतजार  

2020 की 5 मोस्ट अवेटेड वेब सीरीज



इन दिनों लोग ज्यादातर वेब सीरीज देखना पसंद करते है। ऐसे में इस साल भी लोगों को इंतजार है नई-नई वेब सीरीज का। साल 2020 की शुरुआत नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज़ घोस्ट स्टोरीज़ के साथ हुई थी। इसके बाद अमेज़न, हॉटस्टार, ज़ी-5 और ऑल्ट बालाजी समेत ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने वेब सीरीज़ की लाइन ही लगा दी। लेकिन उसके बाद भी लोगों को कुछ शानदार वेब सीरीज़ का इंतज़ार अब भी है।

1. मिर्ज़ापुर 2: 2018 में आई ये एक ऐसी वेब सीरीज़ है, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया था अभी भी लोगों को इससे काफी उम्मीदें है। इस वेब सीरीज़ ने लोगों के बीच अपनी एक अलग फैंन फॉलोइंग पैदा की। इसके किरदार भी खू़ब फैमस हुए थे। उनमे से एक थे कालीन भैया। कालीन भैया के फैन्स एक बार फिर से बड़ी ही बेसब्री से उनका इंतजार कर रहे है। तभी तो फैन्स को सबसे ज्यादा इंतजार है मिर्जापुर 2 का।

2. दिल ही तो है सीजन 3: अब लोगों को टेलीविजन एक्टर करन कुंद्रा की वेब सीरीज ‘दिल ही तो है’ का पार्ट 3 का इंतजार है। इसने दो सीजन ने बड़ी ही सफलता हासिल की। ये एक टीवी शो था। जिसकी टेलीविजन पर सफलता के बाद इसे फैन्स की डिमांड पर ओटीटी प्लेटफॉर्म पर लाया गया था।

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3. द फैमिली मैन 2: मनोज बाजपेयी स्टारर वेब सीरीज़ फैमिली मैन 2 का भी दर्शकों को लंबे समय से इंतज़ार है। इस साल रिलीज़ होने वाली सीरीज़ में अमेज़न प्राइम वीडियो ने इसे भी सूचीबद्ध किया है। साथ ही आपको ये भी बता दे की फैमिली मैन 2 के जरिए साउथ इंडियन के अभिनेत्री सामंथा अक्कीनेनी भी अपना डिजिटल डेब्यू करने जा रही है।

4. दिल्ली: दिल्ली नाम अभी फिक्स नहीं है। लेकिन कास्ट फिक्स है। सैफ अली ख़ान और जीशान अयूब जैसे स्टार्स से सज़ी इस वेब सीरीज़ को ‘इंडियन हाउस ऑफ़ कार्ड’ बताया जा रहा है। इसका भी दर्शकों को बेसब्री से इंतजार है।

5. कोटा फैक्टरी 2: टीवीएफ की वेब सीरीज़ कोटा फैक्टरी के पहले पार्ट ने खूब सुर्खियां बटोरीं। इसके बाद से इसके दूसरे सीज़न का लोग इंतज़ार कर रहे है।

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विशाखापट्नम गैस लीक हादसा: 11 लोगों की मौत, सैकड़ों बीमार, जाने ऐसे ही एक और गैस हादसे के बारे में

विशाखापट्टनम में दिल दहला देने वाला गैस लीक हादसा


आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम के वेंकटपुरम गांव में गुरुवार को देर रात करीब 3 बजे केमिकल फैक्ट्री से स्टाइरीन गैस लीक होने से अब तक वहा 11 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें दो बच्चे भी शामिल है। मौके पर सभी आपातकालीन सेवाएं वहा पहुंची। जिसके कारण 300 से ज़्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। ये गैस एलजी पॉलिमर्स के प्लांट से लीक हुई। स्टाइरीन गैस प्लास्टिक, फाइबर ग्लास, रबर और पाइप बनाने में इस्तेमाल होती है। इस गैस का असर प्लांट के आसपास के तीन से चार किमी इलाके में रहा। पुलिस ने आसपास के इलाक़ों को खाली करा कर सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। खबरों के मुताबिक फिलहाल अब वहा कहीं भी गैस लीक नहीं हो रही। सुरक्षा के लिहाज़ से चार गांवों को ख़ाली कराया गया है।

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विशाखापट्नम गैस लीक हादसा ने दिलाये देश को भोपाल गैस कांड की याद

अभी आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम में जो गैस लीक हादसा हुआ उसने देश को भोपाल गैस कांड की याद दिला दी। 36 साल पहले भोपाल में ऐसी ही एक दुर्घटना हुई था। जिसे देश ‘भोपाल गैस कांड’ या ‘भोपाल गैस त्रासदी’ के नाम से जनता है। यह हादसा विश्व की सबसे भीषण औद्योगिक दुर्घटनाओं में से एक था। ये हादसा 2 दिसंबर 1984 को हुआ था। इस हादसे में भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से जहरीली गैस का रिसाव हुआ था, जिसका असर आज भी वहां के लोगों में देखा जा सकता है। हालांकि, यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में हुआ हादसा विशाखापत्तनम में हुए हादसे से कहीं ज्यादा डराने वाला और घातक था।

भोपाल में 2-3 दिसंबर 1984 की काली रात को यूनियन कार्बाइड की फर्टिलाइजर फैक्ट्री से जहरीले गैस का रिसाव शुरू हुआ था। उसके बाद धीरे धीरे ये पूरे शहर में बादल की तरह छा गया। उस समय लोग सो रहे थे। सोने के दौरान कई लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और जिनकी जानें बच गईं, उनके फेफड़े कमजोर पड़ गए और आखें खराब हो गईं। इस हादसे का असर लोगों के जिस्म पर ही नहीं, बल्कि उनके दिमाग पर भी पड़ा था। इनमें से कई की तो सुधबुध ही चली गई, वे मनोरोगी हो गए। यह जहरीली गैस मिथाइल आइसोसाइनाइड थी। इस दुर्घटना के कुछ ही घंटों के भीतर 3,000 लोग की मौत हो गयी और लगभग 1.02 लाख लोग प्रभावित हुए थे। ये इतना बड़ा हादसा था जिसका असर आज भी भोपाल में देखने को मिलता है।

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लॉकडाउन को हटाने से पहले हॉटस्पॉट इलाकों को ग्रीन जोन या येलो जोन में लाना है आवश्यक

will lockdown extend after 3 may? : क्या 3 मई को हटेगा भारत से लॉकडाउन


will lockdown extend after 3 may? : कोरोना महामारी के कारण अभी दुनिया के ज्यादातर देशों में लॉकडाउन चल रहा है। भारत में भी लॉकडाउन को करीबन एक महीने से ज्यादा हो गया है। लॉकडाउन के कारण सभी लोग बहुत ज्यादा परेशान है। कोई भी अपने घर से बाहर नहीं जा पा रहा है। सरकार ने सभी लोगों को सोशल डेस्टिनेसिंग बनाये रखने को बोला है। 3 मई के बाद लॉकडाउन खत्म होगा या नहीं इस पर अभी हम कुछ नहीं कह सकते। लेकिन देश में कोरोना से कम प्रभावित इलाकों को शायद 3 मई को लॉकडाउन से राहत मिल जाए। हाल ही में सोशल मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और मेदांता अस्पताल के सीएमडी डॉक्टर नरेश त्रेहन ने लॉकडाउन पर विस्तार से जानकारी दी।

और पढ़ें: लॉकडाउन के बाद परिचालन को लेकर दिल्ली मेट्रो ने की बड़ी तैयारी

किन इलाकों में खोली जाएगी दुकाने

दिल्ली स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली के कई इलाकों में दुकानों को खोलने की मंजूरी दे दी गई है। जबकि ज्यादा प्रभावित इलाकों में दुकानों को अभी भी बंद रखा जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा जारी निर्देशों के तहत देशभर में सिर्फ उन्हीं जगहों पर दुकानें खुलेंगी जहां कोरोना का प्रभाव कम है। उन्होंने कहा की लॉकडाउन का फायदा तो भारत को हो ही रहा है जैसे लॉकडाउन से पहले कोरोना के केस 1-2  दिन में डबल हो रहे थे अब वो केस 12-13 दिन में डबल हो रहे है। साथ ही मेदांता अस्पताल के सीएमडी डॉक्टर नरेश त्रेहन ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से भारत एक बड़े खतरे का शिकार होने से बचा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा अगर सरकार हॉटस्पॉट इलाकों में लॉकडाउन बढ़ाने के बारे में सोच रही है, वो बिल्कुल सही है। कोरोना के चक्र को तोड़ने का यही एक जरिया है।

किस तरह हटाना चाहिए लॉकडाउन

डॉक्टर नरेश त्रेहन ने बताया की अचानक लॉकडाउन हटाने से हमारी मुसीबत बहुत बढ़ जाएगी। क्योकि कोरोना वायरस को हराने का सिर्फ एक तरीका है लॉकडाउन। लॉकडाउन के कारण कोरोना वायरस की चेन टूट रही है। साथ ही उन्होंने बताया लॉकडाउन के कारण ही हॉटस्पॉट की पहचान कर पाना आसान हुआ है अब सरकार उन हॉटस्पॉट को जब तक नहीं खोलेगी जब तक वो ग्रीन जोन और येलो जोन में न आ जाये। डॉक्टर नरेश त्रेहन ने कहा की लॉकडाउन को एक साथ ना हटाकर कई चरणों में हटाना चाहिए, जैसे अगर हम फार्मिंग सेक्टर को खोलने का फैसला करते हैं तो उसकी पूरी चेन को ध्यान में रखनी पड़ेगी, जैसे- कटाई से लेकर मंडी तक सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का अमल हो पा रहा है या नहीं। अगर हम सोशल डिस्टेंसिंग और बाकी नियमों का अमल सुनिश्चित कर पाते हैं तो हम धीरे-धीरे बाकी सेक्टरों को भी खोल सकते हैं।

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Coronavirus Lockdown: लॉकडाउन के बाद परिचालन को लेकर दिल्ली मेट्रो ने की बड़ी तैयारी

मास्क और आरोग्य सेतु ऐप के बिना नहीं मिलेगी मेट्रो में एंट्री


कोरोना वायरस के चलते पूरी दुनिया में दहशत का माहौल बना हुआ है दुनिया के ज्यादातर देशो में लॉकडाउन चल रहा है। इस वायरस को रोकने के लिए पिछले एक महीने से भारत में भी लॉकडाउन चल रहा है जो 3 मई को ख़त्म होने वाला है जब लॉकडाउन ख़त्म होगा तो लोग बड़ी संख्या में बहार निकलेंगे। कोई अपने ऑफिस जायेगा तो कोई अपने घर। ऐसे में दिल्ली मेट्रो ने अपने संचालन को चाक-चौबंद करने की तैयारी पूरी कर ली है। रोज लाखों की संख्या में लोग मेट्रो से यात्रा करते है ऐसे में लॉकडाउन खत्म होने के बाद दिल्ली मेट्रो अपने संचालन को लेकर सतर्क रहेगी। यात्रियों और मेट्रोकर्मियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो यात्रियों से कुछ कानूनों का पालन करवाएंगी। सीआईएसएफ द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव के अनुसार, लॉकडाउन के बाद मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों को फेस मास्क पहनना अनिवार्य होगा। साथ ही उनसे आरोग्य सेतु एप्लिकेशन का उपयोग इ-पास के रूप में करवाया जाएगा।

जिन यात्रियों में फ्लू के लक्षण होंगे वो दिल्ली मेट्रो में नहीं कर पाएंगे सफर

सीआईएसएफ प्रस्ताव के अनुसार, यदि किसी यात्री में फ्लू जैसे कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे मेट्रो में यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सीआईएसएफ ने यात्रियों और रेलकर्मियों की सुरक्षा के लिए बिजनेस कंटिन्यूटी प्लान प्रस्तुत किया। इसी प्लान में उन्होंने इन सभी योजनाओं का उल्लेख किया गया है। जो लॉकडाउन के बाद दिल्ली मेट्रो के हर यात्री के लिए जरुरी होगा।

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सामान्य तापमान वाले यात्रियों को ही मेट्रो स्टेशन में प्रवेश मिलेगा

लॉकडाउन के बाद जब मेट्रो सेवा शुरू की जाएगी तो सीआईएसएफ द्वारा यात्रियों को सेनेटाइजर भी दिया जाएगा। साथ ही थर्मल स्क्रीनिंग भी की जाएगी। जिस यात्री का तापमान ज्यादा आएगा उसे गेट से ही वापस कर दिया जाएगा। सिर्फ सामान्य ताप वाले यात्रियों को ही मेट्रो स्टेशन में प्रवेश करने दिया जाएगा।

यात्रियों के बीच कम से कम 1 मीटर की दूरी अनिवार्य

दिल्ली मेट्रो में यात्रा करने वाले यात्रियों को नियम का सख्ती से पालन करना होगा। सिक्योरिटी स्क्रीनिंग के स्थान से 2 मीटर की दूरी बनानी होगी। वहीं, यात्रा के समय यात्रियों के बीच में कम से कम 1 मीटर की दूरी अनिवार्य होगा। सभी मेट्रो स्टेशनों पर सीआईएसएफ के दो कर्मी पीपीई सुरक्षा उपकरण को पहने रहेंगे।

क्यों जरुरी है ऐसी तैयारी?

लॉकडाउन के बाद लोग बड़ी संख्या में बहार निकलेंगे। ऐसे में सीआईएसएफ कोरोना के संक्रमण को लेकर किसी भी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती। क्योकि दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ के ऊपर होती है। इसलिए सीआईएसएफ ने भविष्य की तैयारियों को लेकर प्लान प्रस्तुत किया है।

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लॉकडाउन बढ़ने से बिगड़ सकता है घर का बजट, जाने सेविंग करने के आसान तरीके

लॉकडाउन को ले कर कुछ खास बाते जो सबको पता होनी चाहिए


अभी पूरी दुनिया कोरोना वायरस की चपेट में है जिसकी वजह से ज्यादातर देशों में लॉकडाउन लागु है। भारत में भी इस महामारी से बचने की लिए 21 दिन का लॉकडाउन किया गया है जो 14 अप्रैल को खत्म होने वाला था। लेकिन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार सुबह 10 बजे देश को संबोधित किया, और 21 दिन का लॉकडाउन जो मंगलवार को खत्म होने वाला था उसकी अवधी बड़ा कर 3 मई कर दी। लोगों से अपील की वो सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखें। बिना काम अपने घरों से बाहर न जाये। और साथ ही उन्होंने लोगों से 7 चीजों में साथ मांगा। पहली बात – अपने घर के बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें, दूसरी बात – सोशल डिस्टन्सिंग बनाये रखें, तीसरी बात – अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें, चौथी बात- कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने में मदद करने के लिए आरोग्य सेतु मोबाइल App जरूर डाउनलोड करें, पांचवी बात – जितना हो सके उतने गरीब परिवार की देखरेख करें, छठी बात – किसी को नौकरी से न निकालें, सातवीं बात – देश के कोरोना योद्धाओं, हमारे डॉक्टर- नर्सेस, सफाई कर्मी-पुलिसकर्मी का पूरा सम्मान करें।

लॉकडाउन कैसे बिगड़ रहा है घर का बजट।

लॉकडाउन के कारण लगभग सब कुछ बंद पड़ा हुआ है, साथ ही सरकार ने भी लोगो को घर से बाहर जाने के लिए मना किया हुआ है| ऐसे में लोग अपने काम पर नहीं जा पा रहे है जिसके कारण उनको बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वैसे तो सरकार ने सभी कंपनियों से अपील की है की न तो वो लोगों को काम से निकाले और न उनका वेतन काटे क्योंकि ये एक ऐसा समय है जब लोगो को एक दूसरे की मदद करनी चाहिए न की पैसे के लिए सोचना चाहिए। परन्तु फिर भी ऐसी बहुत सारी कंपनिया है जो अपने कर्मचारियों को टाइम पर वेतन नहीं दे रहे है और दूसरी तरफ महंगाई बढ़ती जा रही है। सारी चीजें दोगुने दामों पर मिल रही है। ऐसे में लोगों को अपनी जरूरत की चीजें खरीदने के लिए ज्यादा पैसे की जरूरत है।

और पढ़ें: लॉकडाउन और जगह सील होने में क्या है अंतर?

कैसे कर सकते है सेविंग

अभी आप बाहर नहीं जा पा रहे है जिसके कारण आप अपने आने-जाने के खर्च का पैसा सेव कर सकते है। आप मार्केट भी नहीं जा पा रहे जिसके कारण आप अपने शॉपिंग करने का पैसा बचा सकते है। बचे हुए पैसों को आप अपने किसी और काम में लगा सकते है।

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Difference between lockdown and sealing: लॉकडाउन और जगह सील होने में क्या है अंतर?

अगर आप को भी है लॉकडाउन और सीलिंग में उलझन तो यहाँ जाने फ़र्क़


Difference between lockdown and sealing: अभी पूरी दुनिया में कोरोना वायरस महामारी के कारण हाहाकार मचा हुआ है। इस कारण ज्यादातर देशों में लॉकडाउन चल रहा है। इसी महामारी को रोकने और इससे बचने के लिए भारत ने भी 21 दिन का लॉकडाउन किया है जो कल ख़त्म हो गया। परंतु भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल सुबह 10 बजे देश को संबोधित किया, और 21 दिन के लॉकडाउन की अवधी बढ़ा कर 3 मई कर दी। इसका मतलब एक बार फिर भारत में 19 दिन का लॉकडाउन लग गया है। लॉकडाउन का बढ़ना स्वाभाविक भी है, क्योंकि भारत में कोरोना वायरस के केस बहुत तेजी से बढ़ रहे है जिसके कारण सरकार ने कुछ इलाकों को सील भी कर दिया है। अगर हम बात करे अपनी राजधानी दिल्ली की तो यहाँ कोरोना के केस 1450 से ऊपर जा चुके है। कुछ इलाको को सील भी कर दिया गया है। लेकिन लोग आज भी लॉकडाउन और सीलिंग में क्या अंतर है ये समझ नहीं पा रहे है तो चलिए आज हम आपको आसान शब्दों में बताते है की इन दोनों में क्या अंतर है।

लॉकडाउन क्या होता है।

लॉकडाउन में सब कुछ बंद होता है परन्तु आप अपनी जरूरी की चीजे लेने बाहर जा सकते हैं। जैसे फल, सब्जियां, राशन, दूध, दवाइयों के लिए बाहर जाने की छूट होती है। और साथ ही आपातकालीन सेवाएं चलती रहती हैं। मगर बेवजह घरों से निकलने पर कानूनी रोक है। और इसके लिए आपको सजा भी मिलती है।

और पढ़ें: वर्क फ्रॉम होम करते वक़्त कुछ इस तरह रखे बच्चों का ध्यान

सीलिंग में क्या होता है।

लॉकडाउन में आप जरूरी सामान लेने बाहर जा सकते हैं। परन्तु सीलिंग में आप घर से बहार भी नहीं जा सकते है। भारत में 21 दिन का लॉकडाउन रहा परन्तु लॉकडाउन के बाद भी जिन इलाकों से कोरोना के मामले बढ़ते गए, वहां सब कुछ सील कर दिया गया। लोगों को घरों से बाहर निकलने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई। दूध-राशन के लिए भी छूट नहीं है। सब दुकानें बंद करा दी गईं। डोर-टू-डोर स्‍क्रीनिंग शुरू की गई।

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कोरोना की वजह से नहीं जा पा रहे हैं बाहर तो इन तरीको से रख सकते हो खुद को खुश

खुद को खुश रखने के लिए कर  सकते हैं ये पांच एक्टिविटीज़


इस वक्त अगर पूरी दुनिया किसी चीज़ से  परेशान है तो वो है कोरोनावायरस। इस  वायरस की वजह से पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है लोग डरे हुए हैं. आते-जाते एकदूसरे को शक भरी निगाहों से देख रहे हैं. कोई छींक या खांस दे रहा है तो उससे दूर हट जाते हैं. इस वायरस ने दुनिया के बहुत सारे देशों को अपनी चपेट में लिया है इस वायरस ने कई सरे लोगो की जान ले ली है और कई सारे  लोग अभी भी इससे जूझ रहे है और अब इससे एक महामारी घोषित कर दिया गया है।
इसकी संजीदगी को देखते हुए हमारे देश के भी ज़्यादातर हिस्सों में स्कूल, कॉलेज, सिनेमाघर, जिम, मॉल और ऐसी ही दूसरी पब्लिक जगहो को कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। जिससे इस वायरस को कंट्रोल किया जा सके।

लगातार कई दिनों तक घर में रहना हो सकता है बोरिंग

वर्किंग लोगो के लिए लगता घर पर रहना काफी बोरिंग हो सकता है। फिर चाहे वो महिलाये हो या पुरुष अभी के लिए एक लम्बे समय तक घर पर रहना काफी बोरिंग हो जाता है लेकिन ये हम सब लोगो की भलाई के लिए ही है। जैसे हर नेगेटिव चीज़ का एक पॉज़िटिव साइड होता है, ठीक उसी तरह इस सिचुएशन का भी पॉज़िटिव साइड होगा। आज की भागदौड़ भरी ज़िन्दगी में खुद के लिए इतना समय आप चाहकर भी कभी नहीं निकाल पाती तो ये मौका है जब आप खुद के लिए निकाल सकते है और इस समय का सदुपयोग कर सकते है । ये सारा समय टीवी के सामने या फोन पर वेस्ट ना करें।

और पढ़ें: घर से काम करने पर भी कैसे बने रहे Productive?

किस प्रकार करे अपने समय का सदुपयोग?

कुकिंग: जिन्हें खाना बनाना पसंद है उन लोगो के लिए ये एक बहुत  अच्छा समय है  जो लोग खाना बनाना पसंद करते है वो लोग जानते हैं कि कुकिंग एक बहुत ही रिलैक्सिंग प्रोसेस भी है। और ये उन लोगो के लिए भी अच्छा समय है जिन लोगों का खाना बनाना नहीं आता है, ये उनके लिए बहुत अच्छा मौका है अपनी कुकिंग स्किल्स को बेहतर करने का।
 
हेल्थ और फिटनेस : आज कल हम लोगो की  ज़िंदगी बहुत   भागदौड़ से भरी  हुई है जिसकी वजह से  जिम के लिए समय निकलना बहुत  मुश्किल है   लेकिन घर पर तो हम वर्काउट कर ही सकती हैं। ये बहुत अच्छा समय है अपनी हेल्थ और फिटनेस पर ध्यान देने का।
साफ-सफाई: सफाई एक ऐसा काम जो बहुत कम ही लोगों को पसंद होता है! झाड़ू, पोछा और डस्टिंग तो लगभग हर किसी के घर में रोज़ ही होता है लेकिन यहां हम बात कर रहे हैं कुछ खास तरह की सफाई की जैसे अलमारियों की और स्टोर की सफाई। आप खुद लो बिज़ी रखने के लिए ये भी कर सकते है लेकिन इन सब कामो को करते समय खुद या और अपने परिवार दोनों का ही ध्यान रखे।
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Delhi AQI today: दिल्ली की हवा में आया सुधार, AQI में देखने को मिली गिरावट

Delhi AQI today: दिल्ली-एनसीआर में गुरूवार को  हुई बारिश से प्रदूषण हुआ कम


Delhi AQI today: आज सुबह दिल्ली-एनसीआर में बारिश के साथ ठंड बढ़ गई तो वही कुछ इलाको में ओले पड़ने से प्रदूषण भी धुल गया। बारिश से दिल्ली के प्रदूषण स्तर में भी तेजी से गिरावट देखने को मिली जिस से लोगो ने राहत की साँस ली। हालांकि, AQI में गिरावट 27 नवंबर की शाम से ही देखने को मिल गई थी। आपको बता दें की केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार दिल्ली में आज सुबह बारिश के बाद आईटीओ में एयर क्वालिटी इंडेक्स में प्रदूषण का स्तर 149 और आनंद विहार इलाके में 184 दर्ज किया गया।

दिल्ली में बारिश से हुई हवा साफ़

मौसम विभाग के अनुसार आगे तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। साथ ही मौसम विभाग ने यह कहा है की दिल्ली और उत्तर- पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बारिश हो रही है जिसकी वजह से हवा की गति में भी बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है,  इससे आगे प्रदूषण का स्तर और भी कम होने की संभावना है। हवा की गुणवत्ता औसत दर्जे पर पहुंच सकती है। लेकिन 29 नवंबर को एक बार फिर प्रदूषण का स्तर बढ़ने का अंदेशा है और 1  दिसंबर  से ठण्ड भी बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।

दिवाली के बाद से ही दिल्ली की प्रदूषण  स्तर  बढ़ते  हुए देखा गया जिस से लोगो का खुले  में साँस लेना  भी मुश्किल हो गया था। वही अब AQI में   आई  गिरावट से दिल्ली के लोगों  को बड़ी राहत मिली है जिस से अब लोग लोग खुल कर साँस  ले पा रहे है।

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कैसे  नापा  जाता है एक्यूआई ?

एक्यूआई 0 से 50 के बीच यानी ‘अच्छा’ है, 51 से 100 के बीच यानी ठीक – ठीक है’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301-400 के बीच ‘बिल्कुल ख़राब है’, 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ और 500 के पार ‘बेहद गंभीर  इमरजेंसी ’ माना जाता है।

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