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डायबिटीज़ को करना चाहते है कंट्रोल तो अपनाये ये 5 उपाय! 

क्या होता है डायबिटीज़? 


5 home remedies for control diabetes
आज कल की इस भागदौड़ भरे समय में अनियमित जीवनशैली के चलते जो बीमारी ज्यादा तर लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रही है वह है डायबिटीज़। डायबिटीज के मरीजों के लिए सबसे अहम है ब्‍लड शुगर लेवल को बनाए रखना। डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो एक बार किसी के शरीर को पकड़ ले तो उसे फिर जीवन भर छोड़ती नहीं। इस बीमारी की सबसे बुरी बात है ये अन्य कई बीमारियों को भी निमंत्रण देती है। डायबिटीज के रोगियों को आंखों में दिक्कत, किडनी और लीवर की बीमारी और पैरों में दिक्कत होना आम है। तो चलिए आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू नुस्ख़े बतायेगे जो आपका डायबिटीज़ कंट्रोल करने में आपकी मदद करेगा।

ये घरेलू नुस्खे कम करें ब्लड शुगर लेवल को: 

मेथी के दाने: मेथी के दाने का सेवन रक्त में शुगर के स्तर को कम करने में बेहद फायदेमंद है। रोजाना इसका सेवन करने से शुगर का स्तर नियंत्रण में रहता है। क्योकि मेथी के दाने फ़ाइबर युक्त और सैपोनिन में समृद्ध होते है। जो कार्बोहाइड्रेट के पाचन और अवशोषण दोनों को धीमा करने में मदद करता है

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करेला: करेला एक ऐसी सब्जी है जो बहुत कम लोगो को पसंद होती है लेकिन क्या आप जानते है करेला डायबिटीज़ से लड़ने के लिए कितना कारगर साबित होता है? एक रिपोर्ट से ये पता चला कि करेले का जूस पीने से फास्टिंग के बाद ब्लड शुगर के स्तर में काफी कमी आ जाती है।
जामुन: जामुन के बीजों का इस्तेमाल पारंपरिक तौर पर डायबिटीज के इलाज के लिए किया जाता है। जामुन के बीज में जम्बोलिन और जंबोसिन जैसे यौगिक तत्व होते है। यदि आप हर दिन 10-12 जामुन के बीज का पाउडर बनाकर खाते है साथ ही नियमित रूप से व्यायाम करते है तो आपका ब्लड शुगर लेवल कम हो सकता है।
पैदल चलना: अगर आप बिना कुछ किये और बिना कुछ खाये अपने डायबिटीज कंट्रोल करना चाहते है तो इसके लिए आपको रोजाना सुबह शाम टहलने की आदत डाल लेनी चाहिए। पैदल चलना, टहलना और हल्के फुल्के व्यायाम से भी ब्लड शुगर के बढ़ते स्तर को कम किया जा सकता है।
हरी सब्जियां: हरी सब्जियां जैसे: पालक, गोभी, लौकी, तोरी आदि खाना भी डायबिटीज में फायदेमंद होती है क्योकि इनमें विटामिन्स और मैग्नीशियम की अच्छी मात्रा होती है जो शुगर में लाभकारी है।

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Coffee Sideffects: ज्यादा कॉफी पीना हो सकता है नुकसानदायक:  जानिए सेवन की सही मात्रा

कॉफी पीजिए लेकिन सही मात्रा में


सुबह का अलार्म बजने के साथ बिस्तर पर गर्मा गर्म कॉफी मिल जाए तो इसकी बात ही कुछ और होती है। सुबह के समय कई लोगों को अखबार के साथ एक से दो कप कॉफी पीने की आदत होती है। लेकिन अधिक चाय और कॉफी का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। कॉफी ज्यादा मात्रा में पीने से आपको ऑटोइम्यून हो सकता है। कॉफी का अधिक सेवन करने पर इसका सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ने लगता है अधिक मात्रा में चाय, कॅाफी के सेवन से अनिद्रा जैसी समस्याएं होना आम बात है। अगर आपको कॉफ़ी पीना पसंद है तो आप दिन में दो बार कैलोरी और वसा रहित कॉफी का सेवन कर सकते है। अगर हो सके तो आप ब्लैक कॉफी का सेवन करे। ब्लैक कॉफी से आपको ऊर्जा मिलेगी साथ ही आपका मेटाबोलिज्म भी स्ट्रांग होगा।

क्या है ऑटोइम्यून? 

ऑटोइम्यून एक ऐसी बीमारी है जिसमे व्यक्ति को एक साथ कई बीमारियां हो जाती है। यह शरीर के किसी भी भाग में हो सकती है। ऑटोइम्यून से आपका इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर हो जाता है। जिसके कारण आप अनेक बीमारियों की चपेट में आ जाते है। ऑटोइम्यून रोगों का असर पुरषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा होता है इसका कारण महिलाओं में होने वाले हार्मोस होते है.
और पढ़ें: क्या आपको पता है कितने तरह के होते है विटामिन B, और कैसे ये शरीर को पहुंचाते हैं ये फायदे?

कॉफी के फायदे

1. अल्जाइमर एक ऐसी बीमारी है जिसमे लोग बातें भूलने लगते है। साथ ही उनकी सोचने की क्षमता भी कॉफी हद तक खत्म हो जाती है डॉक्टरों के अनुसार अगर ये लोग नियमित रूप से कॉफी का सेवन करे तो काफी हद तक उसकी समस्या दूर हो सकती है।
2. लीवर शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण भाग होता है शरीर को स्वस्थ रखने के लिए लीवर का सही रहना बहुत जरूरी है। दिन में 2-3 बार कॉफी पीने से कमजोर लीवर स्वस्थ व मजबूत बनता है।
3. कॉफी के सेवन से सिर दर्द भी ठीक होता है। दरअसल कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व मानसिक तनाव व दर्द को खत्म कर देते है।

कॉफी के नुकसान

1. कॉफ़ी में कैफीन की मौजूदगी के कारण ज्यादा मात्रा में कॉफी का सेवन आपकी किडनी को खराब कर सकता है।
2. अधिक मात्रा में कॉफ़ी पीने से हड्डियों पर काफी खराब असर पड़ सकता है। इससे आपकी हड्डियां पतली और कमजोर होने लगती है।
3. एक रिसर्च के अनुसार, कॉफी में मूत्रवर्धक के गुण होते है। ऐसे में कॉफी का अधिक सेवन करने पर आपको बार-बार टॉइलट जाने की समस्या हो सकती है।

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Coronavirus Updates: कोरोना का बढ़ता कहर, पिछले 24 घंटे में 4200 से अधिक नए केस, 2200 लोगों की मौत

पिछले 24 घंटे में 4213 नए मामले, 97 लोगों की मौत


देश में कोरोना से संक्रमित की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 4213 नए मामले सामने आए है। और  97 लोगों की मौत हुई है। अभी देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 67 हजार को पार कर गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के ताजा अपडेट के मुताबिक, कुल कोरोना संक्रमित कंफर्म केसों की संख्या 67152 हो गई है, जिसमें 2206 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20917 लोग ठीक हो चुके है, अभी कोरोना के एक्टिव केसों की संख्या 44029 है। भारत में कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित होने वाला राज्य महाराष्ट्र है। यहां पर अब तक कोरोना संक्रमित कंफर्म केसों की संख्या 22171 हो चुकी है। जिसमें 832 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4199 लोग ठीक हो चुके है। महाराष्ट्र के बाद दूसरे नंबर पर गुजरात है। गुजरात में भी संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। यहां अब तक 8194 मामले सामने आ चुके है, जिसमें 493 लोगों की मौत हो चुकी है।

5वीं बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से करेंगे ‘मन की बात’

आज कोरोना संकट को ले कर 5वीं बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से ‘मन की बात’ करने जा रहे है। आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वो राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत होगी। ऐसा माना जा रहा है की इस बैठक में 17 मई के बाद की रणनीति और लॉकडाउन में दिए गए छूट के असर पर चर्चा की जा सकती है। आने वाले समय में लॉकडाउन को लेकर इस बैठक के बाद अहम फैसले लिए जा सकते है।

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दूसरे राज्यों से केरल में लौटे लोगों के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी

केरल के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने देश के अन्य हिस्सों से राज्य में आने वाले लोगों को उनके घर में ही क्वारंटाइन रहने लिए कहा है इसके लिए घर लौटने वाले सभी लोगों को चिकित्सा परीक्षण कराना होगा। किसी व्यक्ति के बीमार होने या लक्षण पाए जाने पर उसे उपचार होने तक अस्पताल में भर्ती रखा जाएगा। केरल सरकार ने कहा कि आरटी-पीसीआर टेस्ट में जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है, जिनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं दिखाई दिए है, उन्हें घर में ही 14 दिन के लिए क्वारंटाइन में रहना चाहिए।

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क्या आपको पता है कितने तरह के होते है विटामिन B, और कैसे ये शरीर को पहुंचाते हैं ये फायदे? 

किन किन चीजों में पाया जाता है विटामिन B


शरीर के लिए सभी पोषक तत्वों जरुरी होते है, विटामिन, मिनरल्स, प्रोटीन, कार्ब्स और गुड फैट्स आदि शरीर को उर्जा देने और शरीर के अंगों के लिए ईंधन के तौर पर काम करते है। परन्तु विटामिन बी हमारे शरीर के लिए बहुत मुख्य तत्व है, ये हमारे शरीर के लिए काफी ज़रूरी होता है। विटामिन बी हमारी पाचन क्रिया को सुचारू रूप से काम करने में मदद करता है । जिससे हमे अच्छे से भूख लगती है और जो भी हम खाते है, उसका पोषण सही ढंग सेे हमारे शरीर को मिलता है। अपने कुछ लोगो को कहते सुना होगा, कि वो कितना भी खा ले लेकिन उन्हें लगता नहीं है, तो इसमें उनको विटामिन बी मदद कर सकता है
सबसे ज्यादा विटामिन बी दूध और उसके बने हुए उत्पादों में होता है उसके बाद अगर आप मांसाहारी है तो आप अंडे का सफ़ेद भाग, मछली और मुर्गे के सेवन से भी पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी ले सकते है। इसके साथ ही टमाटर में भी भरपूर मात्रा में विटामिन बी होता है। अगर आप अपने आहार में हरी पत्तियों का साग सम्मिलित करेंगे तो आपको विटामिन बी की कमी नहीं होगी। हरी पत्तेदार सब्जियों में विटामिन बी भरपूर मात्रा में मौजूद रहता है। जैसे के पालक, मैथी, सरसो आदि।

8 तरह के होते है विटामिन बी

1. थायमिन या विटामिन B1: थायमिन शरीर में शुगर को कंट्रोल करता है, वैज्ञानिक ने सबसे पहले थायमिन की खोज की थी। इसलिए इसका नाम विटामिन B1 रखा था सबसे ज्यादा विटामिन B1 साबुत अनाज, दालों, नट्स और बीज में पाया जाता है।
2. रिबोफ्लेविन या विटामिन B2: विटामिन B2 शरीर में ऊर्जा स्तर को बढ़ाने में मदद करता है। सबसे ज्यादा विटामिन B2 दूध, दही, पनीर, अंडे, पत्तेदार हरी सब्जियों में पाया जाता है।
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3. नायसिन या विटामिन B3: विटामिन B3 शरीर के अंदर कार्ब्स, प्रोटीन और वसा को सही तरीके से तोड़ने में मदद करता है। सबसे ज्यादा विटामिन B3 गेहूं, अंडे, मछली और मांस में पाया जाता है।
4. पैन्टोथेनिक एसिड या विटामिन B5: विटामिन B5 एक वॉटर सॉल्यूबल विटामिन है। सबसे ज्यादा विटामिन B5 मशरूम, रेड मीट, एवोकैडो, मूंगफली आदि में पाया जाता है।
5. पाइरिडॉक्सिन या विटामिन B6: विटामिन B6 ब्लड हेल्थ के लिए महत्वपूर्ण है। ये अनाज, सोयाबीन, आलू आदि में पाया जाता है।
6. बायोटिन या विटामिन B7: ये विटामिन शरीर में एक से अधिक मेटाबॉलिज्म प्रोसेस के लिए काम करता है। ये सबसे ज्यादा मशरूम, अंडे की जर्दी और सैल्मन मछली में होता है।
7. फोलेट या विटामिन B9: विटामिन B9 गर्भावस्था के दौरान बहुत महत्वपूर्ण होता है अंडे, पालक, केला आदि में सबसे ज्यादा विटामिन B9 पाया जाता है।
8. कोबालामिन या विटामिन B12: यह सर्कुलेटरी सिस्टम और नर्वस सिस्टम दोनों को हेल्दी रखने में मदद करता है। विटामिन B12 सबसे ज्यादा पनीर, दूध और मीट में पाया ज्यादा है।

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Home Remedies For Mosquito Control: मच्छरों से हो चुके हैं परेशान – अपनाए ये 5 घरेलू नुस्खे जिनके आगे Hit, Mortein भी हैं फैल

Home Remedies For Mosquito Control:Home Remedies For Mosquito Control: मच्छर भगाने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे


Home Remedies For Mosquito Control: मौसम बदलते ही घरों में मच्छरों की तादाद बढ़ जाती है। गर्मियों में मच्छरों का आगमन अधिक देखने को मिलता है। रातभर मच्छरों के काटने से नींद ठीक से नहीं आती। ऐसे में अगर आप रात को फोन यूज कर रहे है, तो भी स्क्रीन की लाइट के जरिए मच्छर आपको परेशान कर सकते है। क्योंकि मच्छर की फौज रात में उजाले की तरफ भागती है। मच्छरों के काटने से मलेरिया,डेंगू, चिकनगुनिया जैसी जानलेवा बीमारियां हो सकती है। ऐसे में मच्छरों से छुटकारा पाना बेहद जरूरी है। आज हम ऐसे ही कुछ असरदार घरेलू नुस्खों के बारे में बता रहे हैं जो मच्छरों को घर से भगाने में मदद कर सकते है।

1. नीम का तेल: अगर आप चाहते है कि मच्छर पूरी रात आपके पास न आये तो आप नारियल तेल और नीम के तेल से बना मिश्रण त्वचा पर लगा सकते है। नीम के तेल को मच्छर नाशक भी कहा जा सकता है। यह नुस्खा कम से कम 8-10 घंटे तक अपना असर दिखाएगा।

2. तेजपत्ता: सबसे पहले नीम के तेल में कपूर मिलाकर एक स्प्रे बॉटल में भर लें। अब इस मिश्रण का तेजपत्तों पर स्प्रे करें और तेजपत्ते को जला लें। इस धुएं से घर में मच्छर एक पल भी नहीं ठहर पाएंगे और बाहर से भी घर के अंदर मच्छर नहीं आ पाएंगे। तेजपत्ते का धुंआ सेहत के लिए किसी भी प्रकार से हानिकारक नहीं है।

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3. अजवाइन और सरसों का तेल: सरसों के तेल में अजवाइन पाउडर मिलाकर इससे कुछ गत्ते के टुकड़ों को तर कर लें और कमरे में ऊंचाई पर रख दें। मच्छर आपके कमरे से दूर ही रहेंगे, क्योंकि यह दोनों एक ऐसी गंध पैदा करते हैं जिससे मच्छर आसपास भी नहीं भटकते ।

4. लैवेंडर: लैवेंडर खुशबूदार होने के साथ खतनाक मच्छरों से बचाने का सबस अच्छा तरीका है। लैवेंडर फूल की खुशबू से मच्छर भागते है। आप चाहे तो लैवेंडर तेल को अपने कमरे में फ्रेशनर के रूप में छिड़क सकते है। साथ ही अगर आप चाहे तो क्रीम में भी ये तेल मिक्स करके अपनी त्वचा पर लगा सकते है।

5. कपूर: अगर आप चाहे तो मच्छरों को भगाने के लिए कमरे में कपूर जला सकते है। उसके बाद 10 मिनट के लिए खिड़की और दरवाजों को बंद कर दें। इस नुस्खे से भी मच्छर दूर-दूर तक नजर नहीं आएंगे।

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World Asthma Day 2020: सांस की हर परेशानी का मतलब कोरोना की नहीं, जानिए कोरोना और अस्थमा में फर्क

World Asthma Day 2020: क्यों और कब मनाया जाता है विश्व अस्थमा दिवस


World Asthma Day 2020: हर साल मई महीने के पहले मंगलवार को विश्व अस्थमा दिवस मनाया जाता है। इसे मनाने की कोई एक तिथि निर्धारित नहीं है, ये मई के पहले मंगलवार को मनाया जाता है। फिर चाहे उस दिन कोई भी तारीख क्यों न हो। विश्व अस्थमा दिवस पहली बार साल 1998 में बार्सिलोना, स्पेन सहित 35 देशों में मनाया गया था। अस्थमा सांस से जुड़ी परेशानी है, अगर इसका सही समय पर इलाज नहीं किया गया तो यह खतरनाक बीमारी साबित हो सकती है। यही वजह है कि हर साल विश्व स्तर पर अस्थमा दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उदेश्य लोगों के बीच इस बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाना है। भारत में करीब हर साल 12% बच्चें अस्थमा से ग्रसित होते है।

अस्थमा के प्रमुख कारण

1. धूल, मिट्टी से इन्फेक्शन के कारण अस्थमा होता है।
2. कई बार तनाव के कारण भी अस्थमा हो जाता है।
3. धूम्रपान से भी यह समस्या हो सकती है।
4. लाइफ स्टाइल में बदलाव आने के कारण भी अस्थमा की परेशानी हो सकती है।

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अस्थमा के लक्षण

1. अचानक सांस फूलना।
2. गले से सीटी जैसी आवाज आना।
3. सांस का दौरा पड़ना।
4. जिन लोगों को जुकाम होता हो उन्हें अस्थमा ज्यादा होने की संभावना होती है।

क्या फर्क होता है कोरोना और अस्थमा

कोरोना में लोगों को गहरी सांसे लेनी पड़ती है, जबकि अस्थमा में ऐसा कुछ नहीं होता। कोरोना वायरस के अहम लक्षण है बुखार, थकान, और सूखी खांसी। अस्थमा में 90 प्रतिशत लोगों को इन्हेलर से आराम मिल जाता है,जबकि कोरोना संक्रमित मरीजों को आराम नहीं मिलता है। इन दिनों अगर किसी अस्थमा मरीज को सांस का दौरा पड़ता है तो उससे अपनी डोज डबल कर लेनी चाहिए।

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आज से बदल गया बैंक से पैसे निकालने का नियम, बैंक जाने से पहले जरूर देखें अपने खाते का आखिरी नंबर

New rules for cash withdrawal from bank: पैसे निकालने को लेकर आज से लागू होंगे बैंक के नए नियम


New rules for cash withdrawal from bank: कोरोना वायरस महामारी के कारण अभी पुरे भारत में लॉकडाउन चल रहा है। इस महामारी से बचने का सिर्फ एक ही तरीका है वो है लॉकडाउन, इस लिए भारत सरकार से आज जो लॉकडाउन 2.0 खुलने वाला था उससे खोलने की जगह लॉकडाउन 3.0 लागू कर दिया है। इतना ही नहीं आज से बैंकों से पैसे निकालने का नियम भी बदल दिया गया है। लॉकडाउन के चलते यह अहम बदलाव किया गया है। ये नया नियम 11 मई तक लागू रहेगा। उसके बाद कोई भी व्‍यक्ति किसी भी दिन पैसे निकाल सकता है।

नए नियम के अनुसार अब आप तभी पैसा निकाल सकेंगे जब आपके बैंक खाते का आखिरी नंबर, अनुमति प्राप्‍त तारीख से मेल खाता है। अन्‍यथा आप पैसे नहीं निकाल पाएंगे। इंडियन बैंक एसोसिएशन ने लॉकडाउन के दौरान बैंकों से पैसे निकालने के लिए नए नियम लागू किये। बैंक ने ग्राहकों से अनुरोध किया है कि वो एक साथ बैंक ना आये और जितना हो सके अपना बैंक का काम ऑनलाइन ही कर ले। जब तक बहुत जरुरी न हो घर से बहार न निकले और अगर वो बैंक आते भी है तो सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन करे।

क्या है बैंक का नया नियम

अभी पूरी दुनिया में कोरोना नाम की एक महामारी के चलते दुनिया के ज्यादातर देशो में लॉकडाउन लगा हुआ है सरकार लोगों से अपील कर रही है की वो घरो से बहार न निकले और सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन करे। इसी के चलते बैंको ने भी अपने नियमों में कुछ खास बदलाव किये है। नए नियमो के अनुसार बैंक खाताधारक अपने खातों के आखिरी अंक के आधार पर तय तारीख पर ही पैसा निकाल सकते है। इसे बैंकिंंग का ऑड-ईवन सिस्‍टम कहा जा रहा है।

कैसे मिलेगी पैसो निकालने की अनुमति

नए नियम के अनुसार जिस खाताधारक के खाते का आखिरी नंबर 0 से 1 के बीच होगा, वो 4 मई, सोमवार को पैसे निकाल सकता है। इसी तरह जिस खाताधारक के खाते का आखिरी नंबर 2 और 3 होगा, वो 5 मई, मंगलवार को पैसे निकाल सकता है। जिस खाताधारक के खाते का आखिरी नंबर 4 और 5 होगा, वो 6 मई, बुधवार को पैसे निकाल सकता है। जिस खाताधारक के खाते का आखिरी नंबर 6 और 7 होगा, वो 8 मई को पैसे निकाल सकता है। जिस खाताधारक के खाते का आखिरी नंबर 8 एवं 9 होगा, वो 11 मई को पैसे निकल सकता है।

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लॉकडाउन 3.0 में छूट मिलने के बाद शराब की दुकानो के बाहर भारी भीड़, Social Distancing की उड़ी धज्जियां

ऐसे कैसे जीतेगे कोरोना से जंग? आखिर क्या होगा इसका अंजाम


आज से भारत में लॉकडाउन 3.0 शुरू हुआ है जो 17 मई को खत्म होगा। लॉकडाउन 3.0 शुरू होने के साथ ही शराब कारोबार को भी खोल दिया गया है।  इसको लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई। इंडस्ट्री तो काफी समय से शराब की बिक्री खोलने के लिए भारी दबाव बना ही रही थी। हरियाणा जैसी कई राज्य सरकारें भी इसकी मांग कर रही थी। आज लॉकडाउन 3.0 शुरू होने के साथ  दिल्ली में शराब की दुकाने खुली तो लोगों की भारी सख्या में शराब की दुकानों के बहार नजर आये। धीरे-धीरे ये भीड़ इतनी बढ़ गई कि लोगों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग खतम हो गयी और अफरातफरी का माहौल हो गया। कई जगहों पर स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को लाठी चार्ज कर दुकान बंद करवाना पड़ा। लॉकडाउन के दौरान केंद्र सरकार ने घरों में बंद जनता को कई प्रकार की राहत दी। परन्तु आज शराब की दुकानें खोलने से राज्य सरकार को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई हो सकेगी।

किनको मिली शराब की दुकान खोलने की अनुमति

आज से पुरे भारत में लॉकडाउन 3.0 शुरू हुआ है इसके साथ ही दिल्ली में शराब की दुकाने खोलने की अनुमति भी मिल गई है आज से दिल्ली में 123 दुकानों पर शराब की बिक्री शुरू हो गई। दिल्ली में सिर्फ दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम, दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम, दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड और दिल्ली उपभोक्ता सहकारी थोक स्टोर को शराब की दुकानें सार्वजनिक स्थानों पर खोलने का अधिकार मिला है।

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कैसे होती है शराब से राज्यों की कमाई

राज्यों की कमाई के मुख्य स्रोत है जीएसटी, भू-राजस्व, पेट्रोल-डीजल पर लगने वाला सेल्स टैक्स, शराब पर लगने वाला एक्साइज और गाड़ियों आदि पर लगने वाला टैक्स। शराब और पेट्रोल-डीजल को जीएसटी से बाहर रखा गया है। इसलिए राज्य इन पर भारी टैक्स लगाकर अपना राजस्व बढ़ाते है। अभी हाल ही में राजस्थान सरकार ने शराब पर एक्साइज टैक्स 10 फीसदी बढ़ा दिया। राज्य में अब देश में निर्मित विदेशी शराब पर टैक्स 35 से 45 फीसदी तक हो गया है।

कितनी होती है राज्यों की शराब से कमाई

राज्यों के कुल राजस्व का 15 से 30 फीसदी हिस्सा शराब से आता है। शराब की बिक्री से यूपी और उत्तराखंड में कुल टैक्स राजस्व का करीब 20 फीसदी हिस्सा मिलता है। सभी राज्यों की बात करे तो पिछले वर्ष में उन्होंने करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की कमाई यानी टैक्स राजस्व शराब बिक्री से हासिल की थी। शराब की बिक्री से वित्त वर्ष 2019-20 में उत्तर प्रदेश ने 26,000 करोड़ जबकि दिल्ली में 5,500 करोड़ रुपये का आबकारी शुल्क हासिल किया।

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5 बॉलीवुड सितारे जिन्होंने कैंसर को हराकर जीती जिंदगी की जंग

Indian celebrities who fought cancer: मौत के दरवाजे से जिन्दा लौट कर आये ये बॉलीवुड सितारे


Indian celebrities who fought cancer: कैंसर एक ऐसी खतरनाक बीमारी है जिसका नाम सुनते ही किसी भी व्यक्ति की रुह कांप जाती है। कैंसर व्यक्ति को मौत के दरवाजे तक ले जाता है। हर साल कैंसर के कारण लाखों लोगों की जान जाती है। इस बीमारी से बॉलीवुड भी अछूता नहीं रहा है। बॉलीवुड में भी ऐसी कई हस्तियां हैं जिन्होंने इस घातक बीमारी का सामना किया। इनमें से कुछ ने जिंदगी की जंग जीत ली, वहीं कुछ इस जंग में हार गए। आज हम कुछ ऐसे ही बॉलीवुड सेलेब्रिटीयों के बारे में बात करेंगे जिन्होंने कैंसर जैसी बीमाारी को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और कैंसर जैसी बीमारी को हराकर जिंदगी की जंग जीती ली।

इन बॉलीवुड सितारों ने जीती कैंसर से जंग

मनीषा कोइराला: फिल्म संजू में अभिनेता संजय दत्त की मां नरगिस का किरदार निभाने वाली मनीषा असल ज़िंदगी में कैंसर सर्वाइवर रही। 2012 में मनीषा को पता चला था कि वह कैंसर से पीड़ित हैं। उस समय वह काठमांडू में रह रही थीं। शुरू में तो उनको यकीन ही नहीं हुआ कि उनको कैंसर है लेकिन बाद में उन्होंने इसे अपनी जिंदगी की एक जंग माना और इस पर जीत हासिल की। साल 2014 तक उन्होंने कैंसर से पूरी तरह मुक्ति पा लीथी।
अनुराग बासु: मशहूर फिल्म डायरेक्ट अनुराग बासु भी कैंसर के पेशेंट रह चुके है। अनुराग को ल्यूकेमिया था जो कि एक तरह का ब्लड कैंसर होता है। साल 2004 में अनुराग को पता चला की उनको ब्लड कैंसर हो गया है तो अनुराग ने इस बीमारी के आगे हार नहीं मानी और अपना इलाज करवाया। अब वो पूरी तरह ठीक हो चुके है।

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लीजा रे: हिंदी फिल्मों में काम कर चुकीं कनाडियन एक्ट्रेस लीजा रे भी साल 2009 में कैंसर से पीड़ित हुई थी। मगर लीजा ने हिम्मत नहीं हारी और बीमारी से लड़ी। आज लिजा कैंसर से पूरी तरह ठीक हो गयी है। आज वो कैंसर के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कई कैंपेंस को भी सपोर्ट कर रही हैं।
राकेश रोशन: ऋत‍िक रोशन के पिता राकेश रोशन को साल 2019 के शुरुआत में पता चला था कि उनको कैंसर हो गया है। इसकी जानकारी  ऋत‍िक रोशन ने दी थी। ऋत‍िक ने बताया, पापा को कुछ हफ्ते पहले Squamous Sell Sarcinoma की बीमारी डायगनॉज हुई है। हालांकि बीमारी के पहले स्‍टेज में ही राकेश रोशन की सक्सेसफुल सर्जरी हुई थी।
सोनाली बेंद्रे: बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाली को भी 2019 में कैंसर का पता चला। उन्होंने खुद सोशल मीडया के जरिए अपने फैंस को ये जानकारी दी। अपने इलाज के लिए सोनाली बेंद्रे न्यूयॉर्क गयी थी। इस दौरान सोनाली सोशल मीडिया के जरिए अपने दोस्तों और फैंस से लगातार जुड़ी रही। कुछ समय पहले वो इस बीमारी का इलाज करवाकर न्यूयॉर्क से वापस लौटी है।

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International Dance day 2020: इंटरनेशनल डांस डे के मौके पर जानिए B- Town के 5 ब्रिलियंट डांसर के बारे में

दुनियाभर में क्यों 29 अप्रैल को मनाया जाता है इंटरनेशनल डांस डे


Best dancers in India: आपको बता दे कि 29 अप्रैल को इंटरनेशनल डांस डे मनाया जाता है। इस दिन को डांस कमेटी ऑफ द इंटरनेशनल थिएटर इंस्टीट्यूट ने मनाना शुरू किया था। इस दिन जीन जॉर्ज नावेरे ने 1760 में लेटर्स ऑन द डांस नाम की एक किताब लिखी थी। उनके ही जन्मदिन को दुनिया भर में वर्ल्ड डांस डे के तौर पर मनाया जाता है। क्या आप जानते हैं, डांस के फायदे। डांस न सिर्फ आपके मूड को रिफ्रेश करने का काम करता है बल्कि यह मूड ठीक करने के साथ ही फैट बर्न करने में भी मददगार होता है। साथ ही इससे बॉडी फ्लेक्सिबल रहती है। सिर्फ 30 मिनट डांस करने से आप 150 कैलोरी कम कर सकते है। साथ ही अलग-अलग डांस फॉर्म्स के अपने-अपने फायदे भी होते हैं।

बॉलीवुड के 5 ब्रिलियंट डांसर्स

ऋतिक रोशन: बॉलीवुड के ‘ग्रीक गॉड’ कहे जाने वाले ऋतिक रोशन अपनी ऐक्‍ट‍िंग का तो लोहा मनवा ही चुके है, साथ ही वह अपने डांसिंग टैलंट के लिए भी काफी मशहूर है। उनके डांसिंग मूव्‍स के दुनियाभर में करोड़ों फैंस है। उनकी लगभग हर फिल्म में एक डांस जरूर होता है जो लोगों के बीच उनको और पॉप्‍युलर बना देता है।

प्रभु देवा: प्रभु देवा देश के बेस्‍ट डांसर्स में से एक है। साउथ इंडियन फिल्म इंडस्‍ट्री में अपना सिक्का जमाने के बाद प्रभु ने पूरी तरह से बॉलीवुड में एंट्री ली और आज वह नए टैलंट्स को डांस सिखा रहे है। डांसिंग सेंसेशन प्रभु देवा अपने लचीले और शानदार डांस मूव्‍स के लिए जाने जाते है। दुनियाभर में लोग उनके डांस के कायल है।

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माधुरी दीक्षित: माधुरी दीक्षित को कौन नहीं जानता। बॉलीवुड में माधुरी दीक्षित अपने डांस के लिए काफी मशहूर है। फिल्म इंडस्ट्री में अपने डांस से माधुरी ने अपनी एक अलग पहचान बना रखी है। माधुरी दीक्षित के डांस दीवाने सिर्फ इंडिया में ही नहीं इंडिया बहार भी है।

मिथुन चक्रवर्ती: अपने जमाने के मशहूर मिथुन को देश का ऑर‍िजनल ‘ड‍िस्‍को डांसर’ कहा जाता है। उन्‍हें कई ड‍िस्‍को नंबर्स की वजह से ही पॉप्‍युलैर‍िटी मिली। उनका अपना अलग डांस‍िंग स्‍टाइल है, यही वजह है कि वह आज कई डांस र‍िऐल‍िटी शोज के जज है।

टाइगर श्रॉफ: टाइगर श्रॉफ को बॉलीवुड में आए अभी कुछ ही साल हुए है लेकिन इस युवा अभिनेता ने आते ही अपनी एक्टिंग से ज्यादा अपने डांस मूव्स से दर्शकों का दिल जीता है। बॉलीवुड सेलेबस को भी उनकी इस काबिलियत पर तारीफ करते देखा गया है। टाइगर श्रॉफ की तुलना काफी बार ऋतिक रोशन से भी की जाती है, जिसना टाइगर खुद भी काफी आदर और सम्मान करते है। टाइगर खुद ऋतिक रोशन के बहुत बड़े फैन है।

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