International Justice day: क्यों और कब मनाया जाता है  अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस

0
318
International Justice day

जाने अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस का इतिहास


International Justice day: अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस को अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्याय दिवस के नाम से भी जाना जाता है। हर साल 17 जुलाई को पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस मनाया जाता है इस दिवस को मनाने का मुख्य कारण है अंतरराष्ट्रीय स्तर पर  न्याय की उभरती हुई प्रणाली को पहचानना। क्या आपको पता है अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय को रोम संविधि के रूप में भी जाना जाता है। साथ ही सभी देशों को रोम के इस क़ानून को अपनाने का अधिकार भी है। अभी तक 120 देश रोम में एक क़ानून को अपना चुके है।

क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस

अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस लोगों को न्याय के समर्थन के लिए जागरूक और एकजुट करने के लिए मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य पीड़ितों को उनके अधिकारों के लिए बढ़ावा देना है। साथ ही गंभीर मुद्दों पर ध्यान देने के लिए दुनिया भर के लोगों को एकजुट करने और आकर्षित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है। यह लोगो को कई गंभीर अपराधों से बचाने के लिए चेतावनी देता है। साथ ही जो लोग भी दुनिया में शांति और सुरक्षा को प्रभावित करते है उनके लिए ये एक बड़ी चेतावनी  है।

और पढ़ें: डायबिटीज के पेशेंट को अपनी डाइट में शामिल करनी चाहिए ये सभी चीजे 

न्यायधीशों की नियुक्ति के संबंध में क्या होती है मुख्य शर्त

हर साल 17 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस मनाया जाता है। क्या आपको पता है अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में 15 न्यायधीश होते है। जो कि संयुक्त राष्ट्र महासभा और सुरक्षा परिषद द्वारा चुने जाते है इन न्यायधीशों का कार्यकाल नौ साल होता है। और इन न्यायधीशों दुबारा भी चुना जा सकता है हर तीन साल में 15 न्यायधीशों में से पांच दोबारा चुने जा सकते है। न्यायधीशों की नियुक्ति के संबंध में एक मुख्य शर्त होती है कि किसी भी देश से दो न्यायधीश नहीं चुने जा सकते है।

क्या है अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के अधिकार? 

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय संयुक्त राष्ट्र का एक महत्वपूर्ण न्यायिक अंग है। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की स्थापना 1945 में हॉलैंड के शहर हेग में हुई थी। इसके बाद 1946 में इसने अपने काम शुरू कर दिए था। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के अनुसार इसका काम कानूनी विवादों का निपटारा करना है। साथ ही संयुक्त राष्ट्र के अंगों और विशेष एजेंसियों द्वारा उठाए कानूनी प्रश्नों पर राय देना है। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी और फ्रेंच है।

क्यों भारत ने कुलभूषण जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया? 

भारत सरकार ने भी कुलभूषण जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया था भारत का अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाने का मुख्य कारण पाकिस्तान द्वारा काउंसलर सेवा मुहैया कराने से इंकार करना था इतना ही नहीं पाकिस्तान सरकार ने कुलभूषण जाधव से जुड़े क़ानूनी दस्तावेज़ की कॉपी देने से इंकार कर दिया था साथ ही पाकिस्तान का कुलभूषण जाधव के परिवार को वीज़ा देने से इंकार कर दिया था इस लिए भारत सरकार को कुलभूषण जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा।

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments