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Parliament Monsoon session: जन्म-मृत्यु पंजीकरण के लिए आधार होगा अनिवार्य

जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 (1969 का 18) (अधिनियम) जन्म और मृत्यु के पंजीकरण के विनियमन और उससे जुड़े मामलों के लिए अधिनियमित किया गया था।

Parliament Monsoon session: लोकसभा में हुआ संशोधन विधेयक पेश

Parliament Monsoon session: जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 (1969 का 18) (अधिनियम) जन्म और मृत्यु के पंजीकरण के विनियमन और उससे जुड़े मामलों के लिए अधिनियमित किया गया था।

संसद में मणिपुर के हिंसा को लेकर हंगामा हो रहा है। इस बीच सरकार ने बीते बुधवार को लोकसभा में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2023 पेश किया। यह संशोधन विधेयक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने पेश किया।

बता दें कि इसमें कहा गया है कि इसका मकसद अधिनियम में संशोधन के बाद नये कानून के प्रभाव में आने पर जन्म लेने वाले किसी व्यक्ति को नये कानून के अमल आने पर किसी शैक्षणिक संस्थान में दाखिले, ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने, मतदाता सूची तैयार करने, केंद्र सरकार, राज्य सरकार में पदों पर नियुक्ति को लेकर जन्म प्रमाणपत्र को एक ही दस्तावेज के रूप में प्रयोग करने की बात कही गई है।

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जन्म-मृत्यु पंजीकरण के लिए आधार को अनिवार्य बनाने संबंधी विधेयक में जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 में संशोधन का प्रावधान है। विधेयक पर पहले ही सभी राज्यों की सहमति है। इस विधेयक के कानून बनने के बाद राज्यों को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (आरजीआई) से संचालित नागरिक पंजीकरण प्रणाली का उपयोग करना होगा।

सरकार इस विधेयक से नागरिक पंजीकरण प्रणाली को सटीक बनाकर कल्याणकारी योजनाओं और नीतियों को उचित वर्ग तक पहुंचाना चाहती है। साथ ही धोखाधड़ी, पहचान में हेराफेरी पर लगाम भी उद्देश्य है।

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Roshni Mishra

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