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Lost And Found System: एक ऐसा देश जहां कोई चीज नहीं होती गुम, खोने पर तुरंत मिल जाता सामान, जानें कौन सी है वो जगह

Lost And Found System: दुनिया की अधिकतर जगहों पर जहां किसी के पर्स चोरी हो जाते हैं तो आए दिन लोगों के मोबाईल छीन लिए जाते हैं, वहीं जापान में कोई चीज खोना तो छोड़िए कोई इसके बारे में सोच भी नहीं सकता और अगर ऐसा होता भी है, तो उसके मिलने की संभावना सबसे ज्यादा है। चलिए आपको इसकी पूरी जानकारी देते हैं।

Lost And Found System: जापान का खोया पाया तंत्र है बेहद खास, गायब हुआ सामान तुरंत हो जाता बरामद

जापान एक ऐसा देश है जहां बहुत सी बातें इतनी निराली और शानदार हैं कि हर देश को सीखनी चाहिए। इसमें सबसे खास बात अगर सफाई है तो जबरदस्त अनुशासन भी। जापान के कई सिस्टम हैरत में डाल देते हैं। इन्हीं में एक है यहां का खोया पाया तंत्र (Lost and Found System)। दुनिया में ज्यादातर जगहों पर अगर आपका पर्स और फोन खो जाता है तो मिलने की उम्मीद बहुत कम होती है। लेकिन जापान में ऐसा हो ही नहीं सकता कि ऐसी चीज मिले नहीं। यही वो कारण है जो इस देश को अन्य देशों से अलग बनाता है।

दुनिया की अधिकतर जगहों पर जहां किसी के पर्स चोरी हो जाते हैं तो आए दिन लोगों के मोबाईल छीन लिए जाते हैं, वहीं जापान में कोई चीज खोना तो छोड़िए कोई इसके बारे में सोच भी नहीं सकता और अगर ऐसा होता भी है, तो उसके मिलने की संभावना सबसे ज्यादा है। चलिए आपको इसकी पूरी जानकारी देते हैं।

आसानी से मिलता है खोया हुआ सामान

ऐसा नहीं है कि यहां लोगों की चीजें गुम नहीं होती होंगी, कोई अपना बैग ट्रेन की सीट के नीचे छोड़कर चला जाता है, तो कोई अपना पर्स गलती से कहीं रखकर भूल जाता है। बता दें, हर साल देश में करीबन 12.6 करोड़ लोग अपना कुछ ना कुछ खो देते हैं, लेकिन अधिकतर मामले खोने के बाद उसके मिलने के ही देखे गए हैं। और ये सब संभव हो पाता है, यहां के कानून, सांस्कृतिक जैसी चीजों की वजह से। जापान का ये पूरा तंत्र इतना कारगर तरीके से काम करता है कि अन्य देशों के लोग भी हैरान रह जाते हैं। इस प्रक्रिया की शुरुआत स्थानीय कोबन (koban) से हुई है, जो देखने में एक या दो कमरे के घर जैसा पुलिस केबिन है।

लॉस्ट एंड फाउंड सेंटर पर रखा जाता गासब हुआ सामान

पूरे जापान में फैले 6300 कोबन या छोटे पुलिस स्टेशन हैं, जिन्हें बड़ी ही अच्छी रणनीति के साथ रखा गया है। इसे बनाने का उद्देश्य यही है कि कोबन की मदद से अधिकतर लोग पुलिस से आसानी से संपर्क कर सकें। जापान में अधिकारी मिली चीज को लॉस्ट एंड फाउंड सेंटर पर रख देता है, जिससे उसकी पड़ताल की जा सके। इससे वो मालिक की जानकारी ढूंढते हैं, यही नहीं सेंटर की एक लॉस्ट एंड फाउंड वेबसाइट भी चलाई गई है, जिसमें लोग अपनी खोई हुई चीज को ढूंढ सकते हैं।

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जापान में काफी व्यस्त हैं रेलवे स्टेशन

इसमें गुम हुई वस्तुओं की लिस्ट देखी जा सकती है। अगर तीन महीने तक गुम हुई वस्तु का सही मालिक नहीं मिलता है, तो उसे व्यक्ति को दे दिया जाता है, जिसे वो चीज मिली थी। या फिर नगर पालिका सरकार को दे दिया जाएगा। जापान में रेलवे स्टेशन काफी व्यस्त रहते हैं, और इन रेलवे स्टेशनों पर गुम हुई चीजों को देने के लिए अलग-अलग जगहों पर व्यवस्थाएं चलाई गई हैं। यही नहीं जापान की संस्कृति का भी इस सिस्टम में बहुत बड़ा योगदान है, वहां बच्चों को इसकी नैतिक शिक्षा भी दी जाती है।

2018 में 41 लाख गुमशुदा चीजें मिलीं

जापान की राजधानी टोक्यो जैसे भीड़ भाड़ वाले महानगर में साल 2018 में 41 लाख गुमशुदा चीजें पुलिस (Police) के हवाले की गई थी। रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले कुछ सालों से तीन चौथाई मामलों में लोगों को चीजें वापस मिल रही हैं। टोक्यो में अधिकारी कोबन में अपनी रिपोर्ट में मिली हुई गुमशुदा वस्तु और लाने वाले की जानकारी का रिकॉर्ड लिखते हैं। मिली हुई वस्तु को टोक्यो मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग को भेजा जाते हैं। वहां इसको लॉस्ट एंड फाउंड सेंटर पर रख दिया जाता है।

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आप भी जरूर जाएं घूमने

जापान के संपत्ति कानून भी देश की खोई हुई वस्तुओं को लौटाने में मददगार रहा है। क्या यह मॉडल दूसरे देशों में लागू हो सकता है, इसका सीधा जवाब मुश्किल है क्योंकि इसके लागू करना आसान नहीं है। इसमें सांस्कृतिक और नौतिक पक्ष की भूमिका ज्यादा अहम है जिसे सख्ती से लागू नहीं किया जा सकता है। तो आप जब भी जापान घूमने जाएं, चोरी की टेंशन बिल्कुल ना लें, आपका सामान आपको जरूर मिलेगा।

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vrinda

मैं वृंदा श्रीवास्तव One World News में हिंदी कंटेंट राइटर के पद पर कार्य कर रही हूं। इससे पहले दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण और नवभारत टाइम्स न्यूज पेपर में काम कर चुकी हूं। मुझसे vrindaoneworldnews@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।
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