जाने मोदी सरकार द्वारा चलाया गया ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत कितना साफ़ हुआ

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जाने क्या है स्वच्छ भारत अभियान, साथ ही जाने कितना साकार हुआ स्‍वच्‍छ भारत का सपना


महात्मा गांधी ने अपने आस पास के लोगों को स्वच्छता और तंदुरुस्त बनाएं रखने के लिए इससे संबंधी शिक्षा प्रदान कर राष्ट्र को एक उत्कृष्ट संदेश दिया था. महात्मा गांधी ने “स्वच्छ भारत”का सपना देखा था जिसमे वो हमेशा से चाहते थे कि हमारे देश में सभी नागरिक एक साथ मिलकर देश को स्वच्छ बनाने के लिए कार्य करें. महात्मा गांधी जी के इस सपने को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके जन्मदिन के अवसर पर  ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की शुरुआत की थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत 2 अक्‍टूबर 2014 को दिल्ली के मंदिर मार्ग से की थी. साथ ही उन्होंने भारत के सभी लोगों से इस ‘स्वच्छ भारत अभियान’ से जुड़ने की अपील की.

स्वच्छ भारत अभियान का मुख्य उद्देश्य 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया स्वच्छ भारत अभियान का मुख्य उद्देश्य अगले पांच वर्ष में स्वच्छ भारत का लक्ष्य प्राप्त करना था. ताकि पूरा देश महात्मा गांधी के 150वीं जयंती को इस लक्ष्य की प्राप्ति के रूप में मनाया जा सके. साथ ही साथ स्वच्छ भारत अभियान लोगों को सफाई करने की दिशा में भी हर साल 100 घंटे के श्रमदान के लिए प्रेरित करता है. स्वच्छ भारत अभियान के लिए नरेंद्र मोदी जी ने सचिन तेंदुलकर, बाबा रामदेव, शशि थरूर, अनिल अंबानी, कमल हसन, सलमान खान, प्रियंका चोपड़ा, मृदला सिन्हा और तारक मेहता का उल्टा चश्मा की टीम जैसी नामचीन हस्तियों को इसके लिए आमंत्रित किया. ताकि वो भी इस स्वच्छ भारत अभियान में अपना सहयोग प्रदान कर सकें.

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स्वच्छ भारत अभियान को दो भागों में बांटा गया

महात्मा गांधी जी के सपने को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की गयी थी. जिसे उन्होंने दो भागों में बांटा था ‘स्वच्छ भारत ग्रमीण’ और  ‘स्वच्छ भारत शहरी’. आपने देखा होगा की हमारे देश में सालों से खुले में शौच करना चला आ रहा है जिसके कारण कई बीमारियां भी फैलती हैं. साथ ही साथ ये महिलाओं के लिए सुरक्षा से जुड़ा मामला है, क्योंकि घर में शौचालय न होने के कारण उनको दिन तो छोडो रात के अंधेरे में भी शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है. अभी स्वच्छ भारत अभियान को लेकर मोदी सरकार दावा कर रही है कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत उनका लक्ष्य 96.25 फ़ीसदी पूरा हो चुका है.

स्वच्छ भारत ग्रमीण: स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांवों में हर घर में शौचालय बनाने और खुले में शौच मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है. 

स्वच्छ भारत शहरी: स्वच्छ भारत अभियान के तहत घरों के अलावा सार्वजनिक स्थानों पर भी शौचालय हो, ये सुनिश्चित करना इस मिशन का मक़सद है. साथ ही कूड़ा-कचरा प्रबंधन पर भी मिशन में ज़्यादा फ़ोकस है.

एक दावा शौचालय

स्वच्छ भारत ग्रमीण के तहत 23 अप्रैल, 2017 तक 3,95,51,025 शौचालय बनाये गये. जिनमें से 192,403 गाँव और 134 ज़िलों को खुले में शौच से पूरी तरह मुक्त बनाया गया. साथ ही साथ नमामि गंगे अभियान के तहत भी 3,818 गाँवों को खुले में शौच मुक्त बनाया गया है. स्वच्छ भारत अभियान के तहत अभी तक हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, सिक्किम और केरल इन सभी गाँवों को खुले में शौच से मुक्त बनाया गया है. जबकि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना इन सभी राज्यों में अभी तक 50 फीसदी के आस-पास काम हो गया है. वही दूसरी ओर बिहार, उड़ीसा, जम्मू-कश्मीर व अन्य राज्यों  में अभी तक 29.01 फीसदी ही काम हुआ है.

स्वच्छ भारत अभियान में घोटाले 

स्वच्छ भारत अभियान के तहत देश में करीब 540 करोड़ रु का स्वच्छ शौचालय घोटाला हुआ था सूत्रों के मुताबिक सरकार ने साल 2012 से 2018 के बीच देश में करीब 4.5 लाख शौचालय का निर्माण किया था जो सिर्फ कागजों पर ही थे. इतनी बड़ी संख्या में शौचालय बनाए ही नहीं गए थे बस नए शौचालयों की संख्या 4.5 लाख दिखाने के लिए अधिकारियों ने कहीं और के शौचालयों की फोटो लगा दी थी. इस घोटाले की पोल तब खुली जब अधिकारियों ने शौचालयों की फोटोग्राफ के जरिए उन्हें GPS से टैग करने की कोशिश की.

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