Masked Aadhaar Card: हर जगह आधार की कॉपी देने से पहले जान लें Masked Aadhaar का फायदा
Masked Aadhaar Card, डिजिटल दौर में साइबर फ्रॉड और पहचान (Identity) की चोरी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बैंकिंग, KYC, होटल चेक-इन या किसी निजी संस्था में आधार कार्ड की कॉपी साझा करते समय आपका 12 अंकों का आधार नंबर गलत हाथों में पहुंच सकता है।
Masked Aadhaar Card : आधार नंबर होगा सुरक्षित, फ्रॉड का खतरा होगा कम! जानिए Masked Aadhaar की पूरी डिटेल
Masked Aadhaar Card, डिजिटल दौर में साइबर फ्रॉड और पहचान (Identity) की चोरी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बैंकिंग, KYC, होटल चेक-इन या किसी निजी संस्था में आधार कार्ड की कॉपी साझा करते समय आपका 12 अंकों का आधार नंबर गलत हाथों में पहुंच सकता है। ऐसे जोखिम को कम करने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) Masked Aadhaar का विकल्प उपलब्ध कराता है।अगर आप भी हर जगह अपने आधार कार्ड की फोटो कॉपी देते हैं, तो अब आपको सावधान होने की जरूरत है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जहां पूरा आधार नंबर जरूरी न हो, वहां Masked Aadhaar का इस्तेमाल करना अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
क्या होता है Masked Aadhaar?
Masked Aadhaar, आधार कार्ड का ही एक सुरक्षित डिजिटल संस्करण है। इसमें आपके 12 अंकों वाले आधार नंबर के पहले 8 अंक ‘XXXX-XXXX’ से छिपे रहते हैं, जबकि केवल अंतिम 4 अंक दिखाई देते हैं।
उदाहरण के लिए—
- सामान्य आधार नंबर: 1234 5678 9876
- Masked Aadhaar: XXXX XXXX 9876
इससे आपकी पहचान सत्यापित हो जाती है, लेकिन पूरा आधार नंबर सामने नहीं आता।
बैंक फ्रॉड से कैसे बचाता है?
Masked Aadhaar सीधे बैंक खाते को हैक होने से नहीं रोकता, लेकिन यह आपके आधार नंबर के अनावश्यक खुलासे को कम करता है, जिससे पहचान की चोरी (Identity Theft) और आधार नंबर के दुरुपयोग का जोखिम घट जाता है।यदि किसी व्यक्ति के पास आपका पूरा आधार नंबर नहीं है, तो उसके लिए आपके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करना अधिक कठिन हो जाता है। इसलिए होटल, निजी कंपनियों, कार्यालयों या अन्य जगहों पर जहां पूरा आधार नंबर आवश्यक नहीं होता, वहां Masked Aadhaar साझा करना बेहतर माना जाता है।
किन जगहों पर कर सकते हैं इस्तेमाल?
Masked Aadhaar का उपयोग इन स्थितियों में किया जा सकता है—
- होटल में चेक-इन
- ऑफिस या कंपनी में पहचान पत्र के रूप में
- निजी संस्थानों में KYC
- यात्रा के दौरान पहचान सत्यापन
- किराये के मकान से जुड़े दस्तावेज
हालांकि, जहां कानून या नियमों के अनुसार पूरा आधार नंबर आवश्यक हो—जैसे कुछ बैंकिंग या सरकारी सेवाओं में—वहां संबंधित संस्था की मांग के अनुसार सामान्य आधार देना पड़ सकता है।
Masked Aadhaar कैसे डाउनलोड करें?
UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट से इसे डाउनलोड करना बेहद आसान है।
स्टेप 1: UIDAI के MyAadhaar पोर्टल पर जाएं।
स्टेप 2: “Download Aadhaar” विकल्प चुनें।
स्टेप 3: आधार नंबर, वर्चुअल आईडी (VID) या एनरोलमेंट आईडी दर्ज करें।
स्टेप 4: OTP के जरिए सत्यापन करें।
स्टेप 5: “Do you want a Masked Aadhaar?” विकल्प पर टिक करें।
स्टेप 6: डाउनलोड बटन पर क्लिक करें।
डाउनलोड होने वाला PDF पासवर्ड से सुरक्षित रहता है।
क्या Masked Aadhaar मान्य है?
जी हां। UIDAI के अनुसार डाउनलोड किया गया e-Aadhaar और Masked Aadhaar वैध दस्तावेज हैं। इनमें केवल आधार नंबर का कुछ हिस्सा छिपाया जाता है, बाकी पहचान संबंधी जानकारी और सुरक्षित QR कोड उपलब्ध रहता है।
Virtual ID (VID) भी है सुरक्षित विकल्प
UIDAI उपयोगकर्ताओं को Virtual ID (VID) का विकल्प भी देता है। यह 16 अंकों का अस्थायी नंबर होता है, जिसे कई जगह आधार नंबर की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे आपका वास्तविक आधार नंबर साझा करने की जरूरत नहीं पड़ती।
बायोमेट्रिक लॉक की सुविधा भी उपलब्ध
अगर आपको अपने आधार के दुरुपयोग का डर है, तो UIDAI बायोमेट्रिक लॉक की सुविधा भी देता है। इससे आपकी फिंगरप्रिंट और आईरिस जानकारी बिना आपकी अनुमति के प्रमाणीकरण के लिए इस्तेमाल नहीं की जा सकती। जरूरत पड़ने पर आप इसे अस्थायी रूप से अनलॉक भी कर सकते हैं।
हाल में UIDAI ने क्या नया अपडेट दिया?
UIDAI ने हाल ही में नए Aadhaar App में कई सुविधाएं जोड़ी हैं। अब आधारधारक ऐप के जरिए अपना ईमेल आईडी जोड़ या अपडेट भी कर सकते हैं। साथ ही नया ऐप डेटा सुरक्षा और गोपनीयता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
इन बातों का रखें ध्यान
- आधार कार्ड की कॉपी केवल विश्वसनीय संस्थानों के साथ साझा करें।
- सोशल मीडिया पर आधार कार्ड की फोटो कभी पोस्ट न करें।
- जहां संभव हो, Masked Aadhaar का इस्तेमाल करें।
- UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही आधार डाउनलोड करें।
- समय-समय पर आधार से जुड़े मोबाइल नंबर और ईमेल अपडेट रखें।
Masked Aadhaar आपकी निजी जानकारी की सुरक्षा बढ़ाने का एक आसान और प्रभावी तरीका है। यह आपके आधार नंबर के पहले 8 अंकों को छिपाकर अनावश्यक जानकारी साझा होने से बचाता है और पहचान संबंधी धोखाधड़ी के जोखिम को कम करने में मदद करता है। हालांकि यह अपने आप बैंक फ्रॉड को पूरी तरह नहीं रोकता, लेकिन सुरक्षित डिजिटल व्यवहार, बायोमेट्रिक लॉक और Virtual ID जैसी सुविधाओं के साथ मिलकर यह आपकी पहचान और वित्तीय सुरक्षा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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