Ajinkya Rahane Retirement: विदेशी धरती के हीरो अजिंक्य रहाणे ने लिया रिटायरमेंट, इन 5 पारियों ने बनाया महान बल्लेबाज़
Ajinkya Rahane Retirement, भारतीय क्रिकेट के सबसे शांत, भरोसेमंद और विदेशी सरज़मीं पर सबसे सफल बल्लेबाज़ों में गिने जाने वाले अजिंक्य रहाणे ने 30 जुलाई 2026 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। अपने सोशल मीडिया संदेश में उन्होंने भारतीय टीम, परिवार, कोच और करोड़ों प्रशंसकों का आभार व्यक्त करते हुए
Ajinkya Rahane Retirement : अजिंक्य रहाणे का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास, जानिए उनके करियर की 5 सबसे बड़ी पारियां
Ajinkya Rahane Retirement, भारतीय क्रिकेट के सबसे शांत, भरोसेमंद और विदेशी सरज़मीं पर सबसे सफल बल्लेबाज़ों में गिने जाने वाले अजिंक्य रहाणे ने 30 जुलाई 2026 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। अपने सोशल मीडिया संदेश में उन्होंने भारतीय टीम, परिवार, कोच और करोड़ों प्रशंसकों का आभार व्यक्त करते हुए लिखा कि अब समय आ गया है कि वह अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहें। रहाणे के इस फैसले के साथ भारतीय क्रिकेट के एक ऐसे अध्याय का अंत हुआ, जिसने मुश्किल विदेशी परिस्थितियों में टीम इंडिया को कई बार जीत की राह दिखाई।रहाणे को हमेशा “विदेशी पिचों का सिकंदर” कहा गया। तेज़ गेंदबाज़ों के सामने उनकी तकनीक, धैर्य और संयम ने उन्हें भारत के सबसे भरोसेमंद टेस्ट बल्लेबाज़ों में शामिल किया। खासकर इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी कठिन परिस्थितियों में उनकी बल्लेबाज़ी भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद रखी जाएगी।
शानदार रहा अंतरराष्ट्रीय करियर
अजिंक्य रहाणे ने 2011 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। उन्होंने अपने करियर में 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 5,077 रन बनाए, जिनमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं। उनकी पहचान एक ऐसे बल्लेबाज़ की रही जो संकट के समय टीम के लिए बड़ी पारी खेलता था। हालांकि पिछले कुछ वर्षों से वह भारतीय टीम से बाहर चल रहे थे, लेकिन घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में लगातार सक्रिय रहे।

1. मेलबर्न टेस्ट 2020 – कप्तान की ऐतिहासिक सेंचुरी
रहाणे की सबसे यादगार पारी 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दूसरे टेस्ट में आई। एडिलेड में 36 रन पर ऑलआउट होने के बाद भारतीय टीम दबाव में थी और विराट कोहली भी स्वदेश लौट चुके थे।ऐसे समय में कप्तानी संभालते हुए रहाणे ने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर शानदार 112 रन बनाए। उनकी इस पारी ने भारत को मैच जिताने के साथ पूरी सीरीज में वापसी दिलाई। बाद में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से हराकर ऐतिहासिक सीरीज अपने नाम की।
2. लॉर्ड्स टेस्ट 2014 – क्रिकेट के मक्का में शतक
2014 के इंग्लैंड दौरे पर लॉर्ड्स में खेली गई 103 रनों की पारी रहाणे के करियर की सबसे बेहतरीन पारियों में गिनी जाती है।जब भारतीय बल्लेबाज़ संघर्ष कर रहे थे, तब रहाणे ने धैर्य के साथ बल्लेबाज़ी करते हुए शतक जड़ा। भारत ने यह मुकाबला 95 रन से जीता और लॉर्ड्स में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह शतक उनके विदेशी करियर की पहचान बन गया।
3. वेलिंगटन टेस्ट 2014 – न्यूज़ीलैंड में पहला विदेशी शतक
न्यूज़ीलैंड के वेलिंगटन में रहाणे ने 118 रनों की शानदार पारी खेली। तेज़ और उछालभरी पिच पर उनकी यह बल्लेबाज़ी भारतीय टीम को हार से बचाने में बेहद अहम साबित हुई।इस पारी ने दुनिया को दिखा दिया कि रहाणे विदेशी परिस्थितियों में लंबी और मैच बचाने वाली पारियां खेलने की क्षमता रखते हैं।
4. मेलबर्न 2014 – ऑस्ट्रेलिया में 147 रन
2014 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रहाणे ने मेलबर्न टेस्ट में 147 रनों की शानदार पारी खेली।उस समय ऑस्ट्रेलियाई तेज़ गेंदबाज़ों के खिलाफ उनकी बल्लेबाज़ी ने सभी को प्रभावित किया। उन्होंने शानदार ड्राइव, पुल और कट शॉट्स से साबित किया कि वह विदेशी तेज़ गेंदबाज़ों के खिलाफ भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ हैं।
5. किंग्स्टन टेस्ट 2016 – वेस्टइंडीज में नाबाद शतक
2016 में जमैका के किंग्स्टन टेस्ट में रहाणे ने नाबाद 108 रन बनाए।इस पारी की खास बात यह रही कि उन्होंने मुश्किल हालात में निचले क्रम के बल्लेबाज़ों के साथ साझेदारी निभाई और भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनकी यह पारी उनके धैर्य और जिम्मेदारी की मिसाल बनी।
कप्तान के रूप में भी छोड़ी अमिट छाप
रहाणे केवल बल्लेबाज़ ही नहीं, बल्कि शानदार कप्तान भी रहे। 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया में उन्होंने चोटों से जूझ रही युवा भारतीय टीम की कप्तानी करते हुए ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत दिलाई। यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी जीतों में गिनी जाती है। उनकी शांत कप्तानी, खिलाड़ियों पर भरोसा और रणनीतिक फैसलों की आज भी तारीफ होती है।
प्रशंसकों ने भावुक होकर कहा अलविदा
रहाणे के संन्यास की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर क्रिकेट प्रेमियों ने उन्हें भावुक विदाई दी। कई पूर्व खिलाड़ियों ने उन्हें विदेशी परिस्थितियों का सर्वश्रेष्ठ भारतीय बल्लेबाज़ बताया। उनके वीडियो संदेश और “Cap 278, Signing Off” शब्दों ने लाखों प्रशंसकों को भावुक कर दिया।
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हमेशा याद रहेगा रहाणे का योगदान
अजिंक्य रहाणे शायद कभी सबसे आक्रामक बल्लेबाज़ नहीं रहे, लेकिन जब भी टीम इंडिया मुश्किल में होती थी, तब उनका बल्ला सबसे अधिक भरोसा दिलाता था। विदेशी पिचों पर उनका रिकॉर्ड, शानदार तकनीक और दबाव में खेलने की क्षमता उन्हें भारतीय क्रिकेट के महान टेस्ट बल्लेबाज़ों की सूची में हमेशा शामिल रखेगी।भले ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया हो, लेकिन मेलबर्न की कप्तानी, लॉर्ड्स का शतक और विदेशी धरती पर खेली गई उनकी यादगार पारियां हमेशा भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में जिंदा रहेंगी।
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