Cyclone Arnab: चक्रवात ‘अर्नब’ के चलते रेल सेवाओं में बदलाव, सफर से पहले जरूर देखें ट्रेनों की लिस्ट
Cyclone Arnab, चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों में हुई भारी बारिश का असर अब रेल यातायात पर भी दिखाई दे रहा है। ओडिशा के गंजाम जिले में बहुदा नदी का जलस्तर बढ़ने और रेलवे पुलों के पास खतरे का स्तर पार करने के बाद हावड़ा-चेन्नई रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है।
Cyclone Arnab : ट्रेन से सफर करने से पहले चेक कर लें अपडेट, चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण बदले कई ट्रेनों के रूट
Cyclone Arnab, चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों में हुई भारी बारिश का असर अब रेल यातायात पर भी दिखाई दे रहा है। ओडिशा के गंजाम जिले में बहुदा नदी का जलस्तर बढ़ने और रेलवे पुलों के पास खतरे का स्तर पार करने के बाद हावड़ा-चेन्नई रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने 36 ट्रेनों को रद्द करने और 30 ट्रेनों के मार्ग में बदलाव करने का फैसला लिया है। इसके अलावा आठ अन्य ट्रेनों को बीच रास्ते में रोकने या उनके समय में बदलाव करने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में अगर आप आने वाले दिनों में ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल या इनसे जुड़े दूसरे राज्यों की यात्रा करने वाले हैं, तो घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लें।

बहुदा नदी का जलस्तर बढ़ने से रेल यातायात प्रभावित
चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से ओडिशा के कई इलाकों में भारी बारिश हुई है। गंजाम जिले में बहुदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण रेलवे के लिए भी स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, नदी पर बने बाघलाटी बांध में पानी का स्तर खतरे के निशान को पार कर गया। इसके बाद इच्छापुरम और जाधुपुडी के बीच स्थित रेलवे पुलों के पास भी जलस्तर बढ़ गया।स्थिति को देखते हुए रेलवे ने एहतियाती कदम उठाए। अधिकारियों का कहना है कि जब तक जलस्तर कम नहीं होता और संबंधित रेलखंड को परिचालन के लिए सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक ट्रेनों की आवाजाही सामान्य करना संभव नहीं होगा। रेलवे की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पूर्व तट रेलवे और दक्षिण तट रेलवे ने लिया फैसला
ट्रेनों को रद्द करने और उनके रूट बदलने का फैसला पूर्व तट रेलवे (ECoR) और दक्षिण तट रेलवे (SCoR) की ओर से लिया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पूर्व तट रेलवे ने 24 ट्रेनों को रद्द किया और 22 ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया। वहीं, दक्षिण तट रेलवे ने 12 ट्रेनों को रद्द किया और आठ ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाने का फैसला लिया।इस तरह कुल 36 ट्रेनें रद्द हुई हैं और 30 ट्रेनों के रूट बदले गए हैं। इसके अलावा आठ ट्रेनों के संचालन में देरी या बीच रास्ते में रोकने जैसी स्थिति भी सामने आई है। रेलवे का कहना है कि ये फैसले यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिए गए हैं।

वंदे भारत और कई एक्सप्रेस ट्रेनें भी प्रभावित
रद्द की गई ट्रेनों में कुछ प्रमुख सेवाएं भी शामिल हैं। पूर्व तट रेलवे के अनुसार, भुवनेश्वर और विशाखापत्तनम के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस, भुवनेश्वर-विशाखापत्तनम इंटरसिटी एक्सप्रेस और विशाखा एक्सप्रेस की सेवाएं प्रभावित हुई हैं।इसके अलावा दक्षिण तट रेलवे ने शालीमार-मंगलुरु विवेक एक्सप्रेस, शालीमार-वास्को डि गामा एक्सप्रेस और हावड़ा-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस को भी रद्द किया है। इन बदलावों का असर उन यात्रियों पर पड़ सकता है, जो ओडिशा और आंध्र प्रदेश के रास्ते लंबी दूरी की यात्रा कर रहे हैं।एक अन्य अहम अपडेट चेन्नई सेंट्रल से हावड़ा जाने वाली कोरोमंडल एक्सप्रेस को लेकर है। 30 अक्टूबर को सुबह 7 बजे रवाना होने वाली इस ट्रेन के प्रस्थान समय में बदलाव किया गया है। पेयरिंग ट्रेन के देरी से पहुंचने के कारण इसे अब शाम 4 बजे रवाना करने की जानकारी दी गई है। यानी यात्रियों को करीब नौ घंटे की देरी का सामना करना पड़ सकता है।

फंसे यात्रियों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था
रेलवे ने बताया कि खराब मौसम और परिचालन में बदलाव के कारण अलग-अलग स्थानों पर प्रभावित यात्रियों की सहायता के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया गया है। यात्रियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था भी की गई है। इसके साथ ही रेलवे कर्मचारी यात्रियों को ट्रेनों की स्थिति की जानकारी देने और उनकी शिकायतों का समाधान करने में जुटे हैं।रेलवे का कहना है कि जलस्तर घटने और पुलों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही प्रभावित रेलखंड पर सामान्य परिचालन बहाल किया जाएगा। इसलिए यात्रियों को फिलहाल यात्रा की योजना बनाते समय सावधानी बरतने की जरूरत है।
पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश का अनुमान
चक्रवात ‘अर्नब’ का असर केवल ओडिशा तक सीमित नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवाती तूफान कमजोर होकर दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर अवदाब में बदल गया है। इसके प्रभाव से पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है।मौसम विभाग ने दक्षिण बंगाल के दक्षिण 24 परगना, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, झारग्राम, बांकुरा और पुरुलिया जैसे जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में भी बारिश का अनुमान है। खराब मौसम के कारण सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।
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यात्रा से पहले ऐसे चेक करें ट्रेन का स्टेटस
अगर आपकी ट्रेन ओडिशा, आंध्र प्रदेश या पश्चिम बंगाल के रास्ते गुजरती है, तो स्टेशन पहुंचने से पहले उसकी ताजा स्थिति जरूर जांचें। इसके लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, NTES ऐप या रेलवे पूछताछ नंबर 139 का इस्तेमाल किया जा सकता है। ट्रेन के रद्द होने, देरी से चलने, बीच रास्ते में यात्रा समाप्त होने या बदले हुए रूट की जानकारी अलग-अलग हो सकती है।ध्यान रखें कि मौसम और रेलवे परिचालन की स्थिति के अनुसार ट्रेनों के समय और मार्ग में आगे भी बदलाव हो सकता है। इसलिए पुरानी सूची पर निर्भर रहने के बजाय यात्रा वाले दिन आधिकारिक अपडेट देखना बेहतर होगा। फिलहाल रेलवे की प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और स्थिति सामान्य होने पर रेल सेवाओं को दोबारा सुचारू करना है।
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