US Citizenship Rule: अब अमेरिका में बच्चे के जन्म से नहीं मिलेगी नागरिकता? ट्रंप के नए आदेश से मचा हड़कंप
US Citizenship Rule, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आव्रजन (Immigration) नीति को लेकर एक और बड़ा कदम उठाया है। ट्रंप प्रशासन ने दो नए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर (Executive Orders) जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य जन्म के आधार पर मिलने वाली अमेरिकी नागरिकता (Birthright Citizenship) पर नई सीमाएं लगाना और तथाकथित "बर्थ टूरिज्म (Birth Tourism)" पर रोक लगाना है।
US Citizenship Rule : अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता पर ट्रंप का बड़ा वार, Birth Tourism पर सख्त कार्रवाई
US Citizenship Rule, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आव्रजन (Immigration) नीति को लेकर एक और बड़ा कदम उठाया है। ट्रंप प्रशासन ने दो नए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर (Executive Orders) जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य जन्म के आधार पर मिलने वाली अमेरिकी नागरिकता (Birthright Citizenship) पर नई सीमाएं लगाना और तथाकथित “बर्थ टूरिज्म (Birth Tourism)” पर रोक लगाना है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट हाल ही में जन्मसिद्ध नागरिकता से जुड़े व्यापक संवैधानिक संरक्षण को बरकरार रख चुका है। इसके बावजूद ट्रंप प्रशासन ने नए कानूनी रास्ते अपनाकर नीति में बदलाव की कोशिश की है।
क्या है नया फैसला?
व्हाइट हाउस द्वारा जारी नए आदेशों के अनुसार, अमेरिका में केवल जन्म लेने भर से हर बच्चे को स्वतः अमेरिकी नागरिकता नहीं मिलेगी। प्रशासन का कहना है कि कुछ विशेष परिस्थितियों में जन्म लेने वाले बच्चों को जन्मसिद्ध नागरिकता का लाभ नहीं दिया जाएगा।नए आदेशों में खासतौर पर उन मामलों को निशाना बनाया गया है, जहां विदेशी नागरिक केवल बच्चे को अमेरिका में जन्म दिलाने के उद्देश्य से अस्थायी वीजा पर अमेरिका आते हैं। इस प्रथा को “बर्थ टूरिज्म” कहा जाता है।
क्या होता है Birth Tourism?
Birth Tourism वह व्यवस्था है, जिसमें दूसरे देशों के नागरिक विशेष रूप से अमेरिका की यात्रा इसलिए करते हैं ताकि उनके बच्चे का जन्म अमेरिकी धरती पर हो और उसे अमेरिकी नागरिकता मिल सके।अमेरिका में लंबे समय से 14वें संशोधन (14th Amendment) के तहत जन्म लेने वाले अधिकांश बच्चों को जन्मसिद्ध नागरिकता मिलती रही है। इसी नियम का लाभ उठाने के लिए कई निजी कंपनियां विदेशों में पैकेज बेचती रही हैं, जिनमें गर्भवती महिलाओं के अमेरिका जाकर प्रसव कराने की व्यवस्था शामिल होती है। ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि इस व्यवस्था का दुरुपयोग किया जा रहा था।
ट्रंप ने क्या कहा?
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार अमेरिकी नागरिकता प्रणाली के दुरुपयोग को रोकना चाहती है। उनके अनुसार, कुछ लोग केवल अपने बच्चों को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से अमेरिका आते हैं, जो कानून की मूल भावना के अनुरूप नहीं है।ट्रंप प्रशासन का कहना है कि नए आदेश संविधान के तहत उपलब्ध कुछ सीमित अपवादों (Exceptions) की व्याख्या के आधार पर जारी किए गए हैं और इनका उद्देश्य अवैध या धोखाधड़ीपूर्ण तरीकों से नागरिकता हासिल करने की कोशिशों को रोकना है।
किन लोगों पर पड़ेगा असर?
नई नीति के तहत मुख्य रूप से उन मामलों पर सख्ती की जाएगी—
- जो विदेशी नागरिक केवल बच्चे का जन्म कराने के उद्देश्य से अमेरिका आते हैं।
- जिनके वीजा आवेदन में धोखाधड़ी या गलत जानकारी पाए जाने का आरोप हो।
- ऐसे मामलों में संबंधित एजेंसियों को वीजा जांच और नागरिकता दावों की अतिरिक्त समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, इन आदेशों का अंतिम प्रभाव अदालतों में होने वाली कानूनी सुनवाई पर भी निर्भर करेगा।
सुप्रीम कोर्ट का क्या रुख रहा?
यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट पहले ही ट्रंप प्रशासन के जन्मसिद्ध नागरिकता को सीमित करने के पुराने प्रयासों को संवैधानिक चुनौती के बीच व्यापक रूप से लागू करने की अनुमति नहीं दे चुका था। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने नए और अपेक्षाकृत सीमित दायरे वाले आदेश जारी किए हैं।कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि नए आदेशों को भी अदालतों में चुनौती मिलना लगभग तय है और इनके संवैधानिक पहलुओं पर लंबी कानूनी बहस हो सकती है।

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आलोचना भी शुरू
नागरिक अधिकार संगठनों और आव्रजन विशेषज्ञों ने इस फैसले की आलोचना की है। उनका कहना है कि अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन जन्मसिद्ध नागरिकता का स्पष्ट अधिकार देता है और कार्यकारी आदेश के जरिए उसमें व्यापक बदलाव करना आसान नहीं है।विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि “बर्थ टूरिज्म” की पहचान करना व्यवहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि केवल किसी गर्भवती महिला का अमेरिका आना यह साबित नहीं करता कि उसका उद्देश्य केवल नागरिकता प्राप्त करना था।
समर्थकों का क्या कहना है?
ट्रंप समर्थकों का कहना है कि यह फैसला अमेरिकी नागरिकता प्रणाली के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में आवश्यक कदम है। उनका तर्क है कि नागरिकता का लाभ केवल वास्तविक और वैध आधार पर मिलना चाहिए, न कि केवल जन्म के उद्देश्य से की गई यात्रा के आधार पर।प्रशासन का दावा है कि इससे अवैध आव्रजन और फर्जी दस्तावेजों के जरिए होने वाले दुरुपयोग पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
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आगे क्या होगा?
अब इस नए कार्यकारी आदेश को लेकर अदालतों में नई कानूनी चुनौती की संभावना है। यदि अदालतें इन आदेशों पर रोक लगाती हैं या इन्हें असंवैधानिक मानती हैं, तो नीति के लागू होने पर असर पड़ सकता है। दूसरी ओर, यदि आदेश कानूनी जांच में टिकते हैं, तो अमेरिका की नागरिकता और आव्रजन नीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जारी नए कार्यकारी आदेश अमेरिका की आव्रजन नीति में एक महत्वपूर्ण और विवादास्पद बदलाव माने जा रहे हैं। इनका उद्देश्य “बर्थ टूरिज्म” पर रोक लगाना और जन्मसिद्ध नागरिकता के दायरे को सीमित करना है। हालांकि, इन आदेशों की वैधता पर अंतिम फैसला अमेरिकी अदालतों में होने वाली कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल यह मुद्दा अमेरिका में संवैधानिक अधिकारों, आव्रजन नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी बहस का प्रमुख विषय बन गया है।
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