NEET-UG पेपर लीक में नया मोड़, CBI बोली- प्रिंटिंग प्रेस नहीं, NTA के अंदर से हुई सेंध
NEET-UG, देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की चार्जशीट ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि प्रश्नपत्र प्रिंटिंग प्रेस से लीक नहीं हुआ, बल्कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़े कुछ विषय विशेषज्ञों (Subject Experts)
CBI चार्जशीट से मचा हड़कंप, NEET-UG पेपर लीक में NTA एक्सपर्ट्स की भूमिका पर बड़ा दावा
NEET-UG, देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की चार्जशीट ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि प्रश्नपत्र प्रिंटिंग प्रेस से लीक नहीं हुआ, बल्कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़े कुछ विषय विशेषज्ञों (Subject Experts) ने अपने आधिकारिक एक्सेस का कथित तौर पर दुरुपयोग कर पेपर बाहर पहुंचाया। CBI के अनुसार, यह एक सुनियोजित साजिश थी, जिसमें परीक्षा से पहले गोपनीय प्रश्नपत्र चुनिंदा लोगों तक पहुंचाया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर आर्थिक लाभ और कुछ अभ्यर्थियों को अनुचित फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से इस पूरे नेटवर्क को संचालित किया गया।

क्या कहती है CBI की चार्जशीट?
चार्जशीट के अनुसार, पेपर लीक की शुरुआत प्रिंटिंग प्रेस से नहीं हुई। जांच एजेंसी का आरोप है कि NTA से जुड़े कुछ विषय विशेषज्ञों को प्रश्नपत्र तैयार करने और भाषा संबंधी संशोधन (Translation/Revision) के दौरान गोपनीय प्रश्नों तक पहुंच मिली हुई थी। इसी एक्सेस का कथित तौर पर दुरुपयोग करते हुए प्रश्नपत्र की जानकारी बाहर पहुंचाई गई। CBI का कहना है कि जांच के दौरान मिले डिजिटल साक्ष्य, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य दस्तावेजों से इस कथित साजिश की पुष्टि हुई है। एजेंसी का दावा है कि आरोपियों ने अपनी गतिविधियों के कम से कम निशान छोड़ने की कोशिश की थी, लेकिन डिजिटल ट्रेल के जरिए पूरे नेटवर्क तक पहुंच बनाई गई।
प्रिंटिंग प्रेस को मिली राहत
शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही थी कि प्रश्नपत्र प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ होगा। हालांकि CBI की चार्जशीट में कहा गया है कि अब तक की जांच में ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि लीक प्रिंटिंग प्रक्रिया के दौरान हुआ था।इसके बजाय एजेंसी ने दावा किया है कि असली सेंध उस चरण में लगी, जब विषय विशेषज्ञ प्रश्नपत्र की समीक्षा और अंतिम तैयारी से जुड़े कार्य कर रहे थे।
किन खामियों का हुआ खुलासा?
CBI ने अपनी जांच में NTA की कार्यप्रणाली में कई कमियां भी गिनाई हैं। चार्जशीट के मुताबिक—
- विषय विशेषज्ञों को जरूरत से ज्यादा एक्सेस उपलब्ध था।
- संवेदनशील कार्यों की रियल-टाइम CCTV निगरानी पर्याप्त नहीं थी।
- गोपनीय दस्तावेजों तक पहुंच को लेकर मजबूत डिजिटल नियंत्रण नहीं था।
- सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन कई स्तरों पर कमजोर पाया गया।
जांच एजेंसी का मानना है कि इन्हीं खामियों का फायदा उठाकर कथित आरोपियों ने पेपर लीक की साजिश को अंजाम दिया।

कैसे फैला लीक पेपर?
चार्जशीट के अनुसार, प्रश्नपत्र कथित तौर पर कुछ बिचौलियों के माध्यम से अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया। इसके बदले बड़ी रकम वसूली गई। जांच में कई राज्यों तक फैले नेटवर्क का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें कथित तौर पर एजेंट, बिचौलिए और अन्य सहयोगी शामिल थे। CBI का कहना है कि मामले में अभी भी जांच जारी है और भविष्य में पूरक चार्जशीट भी दाखिल की जा सकती है।
NEET-UG 2026 विवाद क्यों बना बड़ा मुद्दा?
NEET-UG देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसमें हर साल लाखों छात्र शामिल होते हैं। इस परीक्षा के जरिए MBBS, BDS और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिलता है।पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। बाद में परीक्षा को लेकर व्यापक विवाद खड़ा हुआ और मामले की जांच CBI को सौंपी गई।
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NTA की भूमिका पर उठे सवाल
चार्जशीट सामने आने के बाद NTA की सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा संचालन प्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच में लगाए गए आरोप अदालत में सिद्ध होते हैं, तो भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि संवेदनशील परीक्षाओं में “Need-to-Know Access”, मल्टी-लेयर ऑथेंटिकेशन और लगातार निगरानी जैसी व्यवस्थाओं को और मजबूत करना होगा।
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आगे क्या होगा?
CBI की चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले की सुनवाई अदालत में होगी। अदालत आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी और उसी के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया चलेगी।यदि जांच के दौरान नए साक्ष्य या अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आती है, तो CBI पूरक चार्जशीट दाखिल कर सकती है। फिलहाल एजेंसी इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। CBI की चार्जशीट ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को नया मोड़ दे दिया है। जांच एजेंसी का दावा है कि प्रश्नपत्र प्रिंटिंग प्रेस से नहीं, बल्कि NTA के कुछ विषय विशेषज्ञों के आधिकारिक एक्सेस के कथित दुरुपयोग के जरिए लीक हुआ। हालांकि, ये CBI के आरोप हैं और मामले का अंतिम फैसला अदालत में साक्ष्यों और सुनवाई के बाद ही होगा। इस बीच, इस खुलासे ने देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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