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CBSE पोर्टल पर बड़ा साइबर अटैक! 120 सेकंड में 15 लाख हिट्स, जानें पूरा मामला

CBSE, नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के री-इवैल्युएशन और वेरिफिकेशन पोर्टल पर मंगलवार को एक बड़ा साइबर अटैक होने का दावा किया गया। बोर्ड के अनुसार, पोर्टल लॉन्च होने के कुछ ही समय बाद उस पर महज 2 मिनट के भीतर लगभग 15 लाख हिट्स दर्ज की गईं।

CBSE पोर्टल पर 2 मिनट में 15 लाख हिट्स, साइबर अटैक को लेकर बड़ा दावा

CBSE, नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के री-इवैल्युएशन और वेरिफिकेशन पोर्टल पर मंगलवार को एक बड़ा साइबर अटैक होने का दावा किया गया। बोर्ड के अनुसार, पोर्टल लॉन्च होने के कुछ ही समय बाद उस पर महज 2 मिनट के भीतर लगभग 15 लाख हिट्स दर्ज की गईं। इसके अलावा 1 लाख से अधिक अनधिकृत फाइल एक्सेस (Unauthorized File Access) के प्रयास भी सामने आए। हालांकि, CBSE ने कहा कि उसके साइबर सुरक्षा सिस्टम ने हमले को विफल कर दिया और पोर्टल सामान्य रूप से काम करता रहा।

क्या है पूरा मामला?

CBSE ने 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए री-इवैल्युएशन और उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन (Verification) का पोर्टल 2 जून को शुरू किया था। जैसे ही हजारों छात्र अपने अंकों की पुनः जांच के लिए पोर्टल पर पहुंचे, उसी दौरान सिस्टम पर असामान्य ट्रैफिक दर्ज किया गया। बोर्ड के अनुसार, यह सामान्य उपयोगकर्ताओं का ट्रैफिक नहीं था, बल्कि पोर्टल को बाधित करने की कोशिश करने वाले साइबर हमलों का हिस्सा था।

2 मिनट में 15 लाख हिट्स से मचा हड़कंप

CBSE के मुताबिक, सबसे गंभीर हमला Denial of Service (DoS) अटैक जैसा था। इसमें हमलावरों ने बहुत कम समय में पोर्टल पर भारी संख्या में रिक्वेस्ट भेजीं, जिससे वेबसाइट को ठप करने की कोशिश की गई। बोर्ड ने बताया कि मात्र दो मिनट में लगभग 15 लाख हिट्स दर्ज हुईं। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के हमले का उद्देश्य सर्वर पर अत्यधिक दबाव डालना होता है ताकि वास्तविक उपयोगकर्ता वेबसाइट का उपयोग न कर सकें।

1 लाख से ज्यादा अनधिकृत एक्सेस की कोशिश

CBSE ने यह भी खुलासा किया कि पोर्टल पर 1 लाख से अधिक बार अनधिकृत फाइलों तक पहुंचने की कोशिश की गई। यह प्रयास छात्रों के डेटा या पोर्टल की संवेदनशील जानकारी तक पहुंचने के उद्देश्य से किए गए हो सकते हैं। हालांकि बोर्ड का कहना है कि कोई डेटा लीक या सुरक्षा उल्लंघन नहीं हुआ।

फिर भी चालू रहा पोर्टल

बोर्ड के अनुसार, साइबर हमलों के बावजूद पोर्टल बंद नहीं हुआ। उस समय सिस्टम 8,000 से अधिक समवर्ती (Concurrent) उपयोगकर्ताओं को संभाल रहा था। दोपहर तक 16,000 से अधिक छात्रों ने सफलतापूर्वक अपने री-इवैल्युएशन आवेदन जमा कर दिए थे। बाद की रिपोर्टों में यह संख्या 18,000 के पार भी पहुंच गई।CBSE ने कहा कि उसकी तकनीकी टीम लगातार पोर्टल की निगरानी कर रही थी और सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया गया।

छात्रों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ा?

हालांकि CBSE का कहना है कि पोर्टल सुरक्षित रहा, लेकिन कई छात्रों ने लॉगिन एरर, बार-बार साइन आउट होने, डेटा सेव न होने और वेबसाइट के धीमे चलने जैसी शिकायतें सोशल मीडिया पर साझा कीं। कुछ छात्रों ने दावा किया कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान उन्हें बार-बार शुरुआत से फॉर्म भरना पड़ा। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ये सभी समस्याएं सीधे साइबर अटैक का परिणाम थीं या तकनीकी दबाव के कारण हुईं।

CBSE का आधिकारिक बयान

CBSE ने कहा कि “हजारों छात्र पोर्टल का उपयोग कर रहे थे, उसी समय दुर्भावनापूर्ण तत्वों ने साइबर हमलों की बौछार कर सेवाओं को बाधित करने की कोशिश की।” बोर्ड ने यह भी कहा कि उसकी साइबर सुरक्षा टीम ने हमलों को सफल नहीं होने दिया और छात्रों की जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रही।

बढ़ती डिजिटल चुनौतियां

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब CBSE ने हाल ही में डिजिटल मूल्यांकन और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) जैसी नई प्रणालियां लागू की हैं। शिक्षा क्षेत्र में तेजी से बढ़ते डिजिटलीकरण के साथ साइबर सुरक्षा भी एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा और परिणाम से जुड़े पोर्टलों को अतिरिक्त सुरक्षा की आवश्यकता होती है क्योंकि इनमें लाखों छात्रों का संवेदनशील डेटा मौजूद रहता है।

छात्रों के लिए क्या जरूरी है?

CBSE ने छात्रों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध लिंक या थर्ड-पार्टी वेबसाइट से दूर रहें। यदि आवेदन प्रक्रिया में कोई समस्या आती है, तो बोर्ड के हेल्पलाइन नंबर और आधिकारिक ईमेल के माध्यम से सहायता ली जा सकती है। CBSE री-इवैल्युएशन पोर्टल पर हुआ यह कथित साइबर अटैक देश के शिक्षा तंत्र के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत माना जा रहा है। 2 मिनट में 15 लाख हिट्स और 1 लाख से ज्यादा अनधिकृत एक्सेस प्रयासों के बावजूद पोर्टल का चालू रहना तकनीकी दृष्टि से बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। हालांकि इस घटना ने यह भी दिखा दिया है कि डिजिटल शिक्षा व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा ढांचे की कितनी जरूरत है। आने वाले दिनों में जांच और तकनीकी समीक्षा के बाद इस मामले से जुड़े और भी तथ्य सामने आ सकते हैं।

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