Lucknow News: लखनऊ में 15 मौतों वाली इमारत का ध्वस्तीकरण शुरू, रास्ते सील, भारी पुलिस बल तैनात
Lucknow News, लखनऊ के अलीगंज इलाके में पिछले महीने हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद अब प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। शनिवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने उस चार मंजिला इमारत को ध्वस्त करना शुरू कर दिया, जहां 22
Lucknow News : 15 लोगों की जान लेने वाली इमारत पर चला बुलडोजर, लखनऊ में हाई अलर्ट
Lucknow News, लखनऊ के अलीगंज इलाके में पिछले महीने हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद अब प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। शनिवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने उस चार मंजिला इमारत को ध्वस्त करना शुरू कर दिया, जहां 22 जून को आग लगने से 15 लोगों की जान चली गई थी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए इलाके के रास्तों को बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया है और मौके पर 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए की जा रही है।
सुबह से शुरू हुई बुलडोजर कार्रवाई
शनिवार सुबह LDA की टीम भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। कार्रवाई के लिए तीन बुलडोजर लगाए गए और इमारत के आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह खाली करा लिया गया। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए आसपास की सड़कों पर बैरिकेडिंग कर यातायात रोक दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, ध्वस्तीकरण का काम चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है ताकि आसपास की इमारतों को कोई नुकसान न पहुंचे।
क्यों गिराई जा रही है इमारत?
LDA की जांच में सामने आया कि यह भवन मूल रूप से बेसमेंट और दो मंजिल वाले आवासीय भवन के रूप में स्वीकृत था, लेकिन बाद में इसमें अवैध निर्माण कर इसे चार मंजिला व्यावसायिक इमारत में बदल दिया गया। साथ ही भवन में कई निर्माण नियमों और सेटबैक मानकों का उल्लंघन किया गया था। जांच पूरी होने के बाद प्राधिकरण ने अवैध निर्माण को हटाने का आदेश दिया था। निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद अब प्रशासन ने खुद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है।
22 जून को हुआ था दर्दनाक हादसा
22 जून को अलीगंज स्थित इस इमारत में भीषण आग लग गई थी। आग दूसरी मंजिल पर संचालित एक एनीमेशन और गेम डेवलपमेंट स्टूडियो में तेजी से फैल गई, जिससे अंदर मौजूद लोग फंस गए। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कुछ लोगों ने पाइप और बिजली के तारों के सहारे नीचे उतरकर अपनी जान बचाई थी। इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था।
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जांच में सामने आईं कई गंभीर लापरवाहियां
हादसे के बाद हुई जांच में भवन निर्माण और अग्नि सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन सामने आए। अधिकारियों के अनुसार, इमारत का व्यावसायिक उपयोग बिना आवश्यक अनुमति के किया जा रहा था। इसके अलावा आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं थे। यही कारण रहा कि आग लगने के बाद अंदर फंसे लोगों को बाहर निकलने का सुरक्षित रास्ता नहीं मिल सका।
कई लोगों पर हो चुकी है कार्रवाई
इस मामले में पुलिस पहले ही भवन मालिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने विभिन्न विभागों के कई अधिकारियों पर भी कार्रवाई की है। LDA ने अवैध निर्माण को लेकर अपने कई अधिकारियों की भूमिका की जांच शुरू की, जबकि बिजली विभाग और फायर विभाग के अधिकारियों पर भी लापरवाही के आरोप लगे हैं।
पूरे इलाके में कड़ी सुरक्षा
ध्वस्तीकरण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने आसपास के लगभग 700 मीटर क्षेत्र को बैरिकेडिंग कर सील कर दिया है ताकि आम लोगों की आवाजाही नियंत्रित रहे और किसी तरह की दुर्घटना न हो। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं को भी मौके पर अलर्ट रखा गया है।
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शहर में अवैध निर्माणों पर भी नजर
अलीगंज अग्निकांड के बाद लखनऊ प्रशासन ने शहरभर में अवैध व्यावसायिक निर्माण और फायर सेफ्टी मानकों की जांच तेज कर दी है। कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कोचिंग संस्थानों और अन्य इमारतों का निरीक्षण किया जा रहा है। जिन भवनों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया जा रहा, उनके खिलाफ सीलिंग और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकना बड़ी चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि यह हादसा केवल एक इमारत की लापरवाही नहीं, बल्कि निर्माण नियमों के पालन और फायर सेफ्टी व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जरूरत को भी उजागर करता है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भवन सुरक्षा नियमों को और सख्ती से लागू किया जाएगा।लखनऊ के इस दर्दनाक अग्निकांड ने अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर परिणामों को सामने ला दिया है। अब प्रशासन का दावा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और शहर में ऐसे सभी भवनों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
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