Andy Burnham Cabinet: भारतीय मूल के नेताओं को ब्रिटेन सरकार में बड़ी जिम्मेदारी, कनिष्क नारायण बने AI मंत्री
Andy Burnham Cabinet, ब्रिटेन की राजनीति में भारतीय मूल के नेताओं का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के नेतृत्व में हुए हालिया कैबिनेट फेरबदल में भारतीय मूल के तीन सांसदों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
Andy Burnham Cabinet : ब्रिटेन कैबिनेट में भारतवंशियों की धमक, कनिष्क नारायण को AI मंत्रालय की कमान
Andy Burnham Cabinet, ब्रिटेन की राजनीति में भारतीय मूल के नेताओं का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के नेतृत्व में हुए हालिया कैबिनेट फेरबदल में भारतीय मूल के तीन सांसदों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सबसे बड़ी खबर यह है कि बिहार में जन्मे कनिष्क नारायण को ब्रिटेन का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मंत्री बनाया गया है। इसके साथ ही दो सिख महिला सांसदों सतवीर कौर और हरप्रीत उप्पल को भी फ्रंटबेंच (सरकार में महत्वपूर्ण) भूमिकाएं मिली हैं। इस फेरबदल को ब्रिटेन की राजनीति में भारतीय मूल के नेताओं की बढ़ती भागीदारी और प्रभाव का बड़ा संकेत माना जा रहा है।

कनिष्क नारायण बने ब्रिटेन के AI मंत्री
36 वर्षीय कनिष्क नारायण को नवगठित AI मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। यह पहली बार है जब ब्रिटेन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़े पोर्टफोलियो को इतना महत्व देते हुए कैबिनेट स्तर पर मजबूत प्रतिनिधित्व दिया गया है। कनिष्क संयुक्त रूप से कैबिनेट ऑफिस और बिजनेस, इनोवेशन, साइंस एंड ट्रेड विभाग में AI मामलों की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनका मुख्य फोकस ब्रिटेन में AI तकनीक को बढ़ावा देना, निवेश आकर्षित करना, रोजगार सृजित करना और सुरक्षित AI नीतियां तैयार करना होगा।
बिहार से ब्रिटेन की सत्ता तक का सफर
कनिष्क नारायण का जन्म बिहार के मुजफ्फरपुर में हुआ था। बचपन में उनका परिवार वेल्स चला गया, जहां उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की। बाद में उन्होंने ऑक्सफोर्ड और स्टैनफोर्ड जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से शिक्षा हासिल की। राजनीति में आने से पहले वे ब्रिटिश सिविल सेवा और निजी क्षेत्र में भी काम कर चुके हैं। 2024 में वे पहली बार सांसद चुने गए और अब उन्हें AI मंत्री की जिम्मेदारी मिलना उनकी राजनीतिक यात्रा का बड़ा पड़ाव माना जा रहा है।
दो सिख महिला सांसदों को भी मिली अहम जिम्मेदारी
कैबिनेट फेरबदल में भारतीय मूल की दो सिख महिला सांसदों सतवीर कौर और हरप्रीत उप्पल को भी फ्रंटबेंच भूमिकाएं सौंपी गई हैं। दोनों सांसद 2024 के आम चुनाव में पहली बार संसद पहुंची थीं और अब उन्हें सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर नेतृत्व की नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया है। इसके अलावा भारतीय मूल की उमा कुमारन को भी विदेश मंत्रालय में जूनियर मंत्री के रूप में जिम्मेदारी मिली है।
भारतीय समुदाय के लिए गर्व का क्षण
ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय समुदाय ने इन नियुक्तियों का स्वागत किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि ब्रिटेन की राजनीति में भारतीय मूल के लोगों की बढ़ती स्वीकार्यता और योगदान का भी प्रमाण है। भारतीय मूल के सांसद शिक्षा, स्वास्थ्य, विदेश नीति, विज्ञान और तकनीक जैसे अहम क्षेत्रों में लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
AI पर रहेगा सरकार का खास फोकस
कनिष्क नारायण की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब दुनिया भर में AI तकनीक तेजी से विकसित हो रही है। ब्रिटेन सरकार AI को आर्थिक विकास, सार्वजनिक सेवाओं में सुधार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने का प्रमुख माध्यम मान रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि AI मंत्रालय को मजबूत करने का उद्देश्य तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना और साथ ही डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा तथा AI के नैतिक उपयोग से जुड़े नियमों को और प्रभावी बनाना है।
कैबिनेट फेरबदल में कई बड़े बदलाव
इस फेरबदल में जहां कई नए चेहरों को मौका मिला, वहीं कुछ वरिष्ठ भारतीय मूल के नेताओं को फ्रंटबेंच से हटाकर बैकबेंच पर भेजा गया है। पूर्व इंडो-पैसिफिक मंत्री सीमा मल्होत्रा और पूर्व जूनियर स्वास्थ्य मंत्री प्रीत कौर गिल अब सरकार का हिस्सा नहीं रहेंगी। इसके बावजूद भारतीय मूल के नेताओं की कुल भागीदारी और प्रभाव पहले की तुलना में और मजबूत हुआ है।
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भारत-ब्रिटेन संबंधों को मिल सकता है नया आयाम
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय मूल के नेताओं की बढ़ती भूमिका भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार, तकनीक, शिक्षा और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई गति दे सकती है। हालांकि ब्रिटेन की सरकार राष्ट्रीय हितों के आधार पर फैसले लेती है, फिर भी भारतीय समुदाय की मजबूत भागीदारी दोनों देशों के बीच संवाद और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूती दे सकती है।
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क्यों है यह नियुक्ति खास?
ब्रिटेन में भारतीय मूल के सांसद पहले भी मंत्री पदों पर रहे हैं, लेकिन AI जैसे भविष्य की तकनीक से जुड़े अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलना इस बात का संकेत है कि सरकार आने वाले वर्षों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को अपनी विकास रणनीति के केंद्र में रखना चाहती है। कनिष्क नारायण की नियुक्ति को तकनीक, नवाचार और विविधता—तीनों के मेल के रूप में देखा जा रहा है। ब्रिटेन सरकार के हालिया कैबिनेट फेरबदल में भारतीय मूल के नेताओं की बढ़ती हिस्सेदारी ने एक बार फिर वैश्विक राजनीति में भारतीय समुदाय की मजबूत उपस्थिति को रेखांकित किया है। कनिष्क नारायण का AI मंत्री बनना और सतवीर कौर व हरप्रीत उप्पल को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलना न केवल भारतीय समुदाय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि ब्रिटेन की राजनीति में विविधता और प्रतिभा को लगातार महत्व दिया जा रहा है। आने वाले समय में इन नेताओं की भूमिका ब्रिटेन की तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक नीतियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।
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