Smit Machhar Attack: आरोपी को-पायलट की पहली तस्वीर वायरल, कथित कट्टरपंथी बैकग्राउंड की जांच
Smit Machhar Attack, फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, आरोपी को-पायलट के बारे में नई जानकारियां सामने आ रही हैं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक आरोपी की पहचान हमाम अल-हम्मामी के रूप में हुई है,
Smit Machhar Attack : कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला, आरोपी को-पायलट की पहली तस्वीर सामने, सीरिया कनेक्शन की भी जांच
Smit Machhar Attack, फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, आरोपी को-पायलट के बारे में नई जानकारियां सामने आ रही हैं। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक आरोपी की पहचान हमाम अल-हम्मामी के रूप में हुई है, जो ओमान का नागरिक है। उसकी पहली तस्वीर भी मीडिया रिपोर्टों में सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में उसके पुराने एविएशन रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और कथित चरमपंथी विचारों को लेकर जांच की बात कही गई है। हालांकि इन दावों की पूरी तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

कौन है हमाम अल-हम्मामी?
रिपोर्टों के अनुसार हमाम अल-हम्मामी करीब 29 वर्षीय ओमानी नागरिक है। उसका जन्म संयुक्त अरब अमीरात में हुआ था। रिपोर्टों में उसके पिता को ओमानी और मां को सीरियाई बताया गया है। उसके पेशेवर रिकॉर्ड के मुताबिक उसने एविएशन मैनेजमेंट की पढ़ाई की और विमानन क्षेत्र में काम किया। एक LinkedIn प्रोफाइल, जिसे अब हटाया जा चुका है, के मुताबिक उसने करीब सात साल तक Oman Air में काम किया। इसके बाद उसने Royal Air Maroc में भी प्रशिक्षण लिया और फिर फ्लाईदुबई से जुड़ा।
Oman Air से क्यों हटाया गया था?
जांच से जुड़ी रिपोर्टों में सबसे महत्वपूर्ण दावा यह है कि हमाम अल-हम्मामी को पहले Oman Air में फ्लाइट ट्रेनिंग से हटा दिया गया था। CNN को जानकारी देने वाले दो सूत्रों के अनुसार, 2025 में उसे कथित चरमपंथी विचारों को लेकर उठी चिंताओं के बाद प्रशिक्षण भूमिका से अलग किया गया था। भारतीय एक्सप्रेस की रिपोर्ट में भी कहा गया है कि उसे 2024 में सुरक्षा जोखिम के तौर पर चिन्हित किए जाने और उसके कथित विचारों को लेकर फ्लाइट ट्रेनिंग से हटाए जाने की बात सामने आई है।यही बिंदु अब जांच का अहम हिस्सा बन गया है कि अगर उसके पिछले रोजगार के दौरान सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आई थीं, तो बाद में वह दूसरी एयरलाइन में पायलट के रूप में कैसे नियुक्त हुआ। फिलहाल यह सवाल जांच का विषय है और इससे जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि की प्रक्रिया जारी है।

सोशल मीडिया पर क्या मिला?
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जांचकर्ताओं को हमाम अल-हम्मामी से जुड़े कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ऐसी सामग्री मिली, जिसने सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान खींचा। CNN से बात करने वाले सूत्रों के अनुसार उसके सोशल मीडिया पर विमानन से जुड़ी तस्वीरों और कथित आतंकी या चरमपंथी सामग्री के संकेत मिले थे। कुछ रिपोर्टों में अल-कायदा के पूर्व नेता अयमान अल-जवाहिरी से जुड़ी तस्वीर या सामग्री साझा किए जाने का दावा भी किया गया है। उसके कुछ सोशल मीडिया अकाउंट अब उपलब्ध नहीं हैं।हालांकि सोशल मीडिया पर किसी सामग्री की मौजूदगी और किसी व्यक्ति की आपराधिक भूमिका के बीच सीधा संबंध स्थापित करने के लिए जांच और पुष्ट प्रमाण जरूरी होते हैं। इसलिए इन पोस्ट और कथित विचारों को अभी जांच में सामने आए सुराग के तौर पर देखना उचित है।
सीरिया कनेक्शन की भी हो रही जांच
अल-हम्मामी के कथित सीरिया कनेक्शन को लेकर भी रिपोर्टें सामने आई हैं। Al Arabiya से जुड़े सूत्रों के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि उसने अपने जीवन का काफी समय ओमान के बाहर, विशेष रूप से सीरिया में बिताया था और वहीं कथित तौर पर चरमपंथी विचारों से प्रभावित हुआ। इसके बाद उसके UAE जाने की बात कही गई है। यह दावा भी फिलहाल जांच के दायरे में है।जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या आरोपी ने यह हमला अकेले किया था या किसी संगठन अथवा अन्य लोगों से उसका संपर्क था। अमेरिकी और इजराइली रिपोर्टों में भी संभावित आतंकी कनेक्शन की जांच का उल्लेख किया गया है। अभी तक किसी बाहरी संगठन की भूमिका को अंतिम रूप से स्थापित नहीं किया गया है।
फ्लाइट FZ1073 में आखिर हुआ क्या था?
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में उड़ान के दौरान कॉकपिट में अचानक हिंसक घटना हुई। आरोप है कि को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया। कैप्टन गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की, जिसके बाद अन्य क्रू सदस्य और यात्री अंदर पहुंचे और आरोपी को काबू किया गया। इस दौरान विमान की ऊंचाई तेजी से कम हुई थी। बाद में विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट कर सुरक्षित लैंड कराया गया।
घायल होने के बावजूद संभाला विमान
हमले में घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने विमान को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घटना के बाद उनकी बहादुरी की व्यापक चर्चा हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अस्पताल में उनसे बातचीत की और उनके साहस की सराहना की। गुजरात सरकार ने उन्हें ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करने की घोषणा की है।
आरोपी को UAE को सौंपा गया
घटना के बाद आरोपी को-पायलट को पहले सऊदी अरब में हिरासत में लिया गया और बाद में जांच के लिए संयुक्त अरब अमीरात को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई। UAE में उसके खिलाफ जांच चल रही है। जांच एजेंसियां उसके विमानन रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों, संभावित संपर्कों और हमले के मकसद की पड़ताल कर रही हैं।
अभी कई सवालों के जवाब बाकी
कैप्टन स्मित मच्छार पर हमले के मामले में आरोपी की पहचान और उसके कथित कट्टरपंथी बैकग्राउंड से जुड़े कई दावे सामने आ चुके हैं, लेकिन जांच अभी पूरी नहीं हुई है। सबसे अहम सवाल यही हैं कि हमला करने का वास्तविक मकसद क्या था, क्या आरोपी अकेले काम कर रहा था और क्या उसके पिछले सुरक्षा रिकॉर्ड की जानकारी संबंधित एविएशन संस्थाओं तक पहुंची थी। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट होंगे। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह मामला विमान सुरक्षा, पायलट वेटिंग और अंतरराष्ट्रीय एविएशन सिस्टम में बैकग्राउंड जांच से जुड़े गंभीर सवाल जरूर खड़े करता है।
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