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सामाजिक

ब्रा खरीदने से पहले इन बातों का रखें ख्याल

क्या आपकी ब्रा आपको रिलैक्स्ड और फ्रेंडली फील कराती है ….?


महिलाओं को सिर्फ बाहरी वस्त्रों पर ही नहीं बल्कि अपने अंतर्वस्त्र का भी ध्यान रखना चाहिए। जो की उनकी सेहत के लिए बेहद जरुरी होता है। बहुत सारी महिलाएं ऐसी भी हैं जो अपने अंतर्वस्त्र का ध्यान नहीं रखती जिसकी वजह से उन्हें कमर दर्द और कन्धों में दर्द होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इन चीजों से वे काफी परेशान रहने लगती हैं। इसीलिए महिलाओं को क्या पहनना चाहिए और क्या नहीं जैसी बातों का अच्छे से ख्याल रखना चाहिए।

गलत साइज़ की ब्रा पहनने से महिलाओं में अक्सर कमर दर्द की शिकायत देखने को मिलती है। इसलिए उन्हें अपने ब्रेस्ट के अनुसार ब्रा खरीदनी चाहिए। जो महिलाएं एक्सरसाइज करती है, उन्हें स्पोर्ट्स ब्रा पहननी चाहिए। गलत नंबर की ब्रा पहनने से भी महिलाओं को कंधो में दर्द और पाचन शक्ति जैसी समस्याएं होने लग जाती है।

ब्रा

कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखें-

किसी भी स्त्री का शरीर एक जैसा नहीं होता। इसी तरह से हर किसी का साइज़ और हाइट अलग-अलग होते हैं। वैसे तो बाज़ार में कई तरह के ब्रा मिलते हैं, लेकिन आपको कौन सी ब्रा फिट होगी और किस्मे आरामदायक महसूस करेंगी, इसका फैसला तो आपको ही करना है।

स्पोर्ट्स ब्रा

ब्रा खरीदने से पहले एक बार ट्रायल रूम में ब्रा पहनकर जरुर चेक करें। ब्रा को कुछ समय के लिए पहने रखें क्योंकि एक बार ब्रा पहन कर, तुरंत उतारने से उसकी फिटिंग का पता नहीं चल पाता। इसीलिए ब्रा को थोड़े समय तक पहने रखें ताकि उसकी फिटिंग और टाइटनेस का आपको अच्छे से पता चल सके।

आपके द्वारा खरीदी गयी ब्रा के कप्स आपकी ब्रेस्ट को पूरी तरह से कवर करने चाहिए। ब्रा का फैबरिक अच्छा होना चाहिए, क्योंकि खराब क्वालिटी के फैबरिक की वजह से आपको एलर्जिज हो सकते हैं। जिससे आपके शरीर की त्वचा को भी नुकसान पहुच सकता है। ब्रा की सही साइज़ को चेक करने के लिए ब्रा को पहनने के बाद थोड़ा भाग-दौड़ करना चाहिए। ताकि उसकी सही फिटिंग का भी पता लग सके। अगर साइज़ सही होगी तो ब्रा पहनने के बाद ब्रेस्ट ज्यादा बाउंस नहीं करेंगे और आप भी रिलैक्स्ड महसूस करेंगी।

इन बातों को ध्यान में रख कर अपने अंतर्वस्त्रों के सही साइज़ का चयन कर उसका उपयोग करें और उससे होने वाली प्रोब्लेम्स को बाय-बाय कहें।

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सुझाव

घंटों कुर्सी पर बैठना पडे तो बरते यें सावधानियां……

एक ही पोस्चर में बैठने से आपको कई दिक्कतें हो सकती हैं


लगातार काम करने के तरीको में बदलाव आने के कारण लोग अब अपना अधिकतर समय टैक्नोलॉजी में बिताते हैं…… लोग घंटों एक जगह बैंठे रहते हैं।

जहां पहले किसी मीटिंग या डिस्कशंस के लिए जाना पड़ता था वहां अब वीडियो और फोन पर ही लोग बातें करते हैं। काम करने का तरीका भी बदल चुका हैं। मूविंग पहले से बहुत कम हो गई है। जो आपकी सेहत के लिए काफी नुकसानदायक है। कई घंटो तक कुर्सी पर एक ही पोस्चर में बैठने से आपको कई दिक्कतें हो सकती हैं। जाने कैसे……

लगातार लंबे समय तक बैठकर काम करने से आपको  गर्दन में दर्द, कमर में दर्द या फिर पुरे शरीर में दर्द हो सकता है। कई लोगों को बैठने और उठने मे दिक्कत होने लगती है….

कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हैं:

  • अगर आप काफी देर तक कंप्यूटर के सामने बैंठे रहते हैं तो बीच-बीच में खड़े हो जाएं…… लगातार लंबे समय तक कुर्सी पर ना बैंठें।
  • अगर आपको खड़े होना का मौका नहीं नहीं मिल रहा तो सीट पर खड़े होकर हाथ-पैरों की हल्का-फुल्का मूवमेंट कर लें। कभी कुर्सी के नीचे झुके तो कभी खड़े होकर बैठ जाएं।
  • फोन पर बात करते समय उठ जाएं औऱ टहलते- टहलते बात करे।
  • कुर्सी पर जब भी बैठे कमर एकदम सीधी करके बैठे, इससे आप कमर दर्द से बच सकते हैं।
  • सीट पर बैठे तो कंप्यूटर की स्क्रीन आपकी आंखों के सामने होनी चाहिए…. जिससे आप सिर्फ 10 डिग्री ही नीचे की ओर देखें।
  • अगर आपकी स्क्रीन नीचे की ओर है तो आपको नीचे की ओर अधिक झुकना होगा… जिससे कमर और गर्दन मे दर्द होगा।
  • आप सीट से उठने का अपना समय तय करें। हर 25 मिनट बाद बॉडी को थोड़ा मूव जरुर करें।
  • अपने काम पर अच्छी तरह फोकस करें। ब्रेक के दौरान आपको थोडा अवश्य घुमना चाहिए….।
  • अगर आप बार-बार खडें नहीं हो पा रहे है तो आंखों पर हाथ रख लें। या फिर बॉडी को हल्का सा स्ट्रेच करने की कोशिश करें।
  • जब भी सीट से उठकर आपको बाहर जाना हो या फिर ऊपर जाना हो तो लिफ्ट का इंतजार करने के बजाय सीढि़यों का इस्तेमाल करें। ऐसा करने से पूरी बॉडी एक्टिव रहेगी।
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सेहत

सही शारीरिक मुद्रा के फ़ायदे

6 फ़ायदे सही शारीरिक मुद्रा के


हमने यह तो कई बार सुना है की हमें सीधे बैठना चाहिए और हमें खड़े होते समय भी अपने खड़े होने के ढंग पर ध्यान रखना चाहिए। हम सभी यह बात अपने बचपन से सुन रहे हैं, कभी हमारी अध्यापिका हमें यह बोलती थी तो कभी घर पर माता पिता। बदक़िस्मती से कुछ लोग यह बात अपने डॉक्टर से भी सुन चुके होते हैं जब कमर दर्द की वजह से उनके काम की छुट्टी हो जाती है। हम सभी जानते हैं कि एक अच्छा अंग विन्यास होना अत्यंत आवश्यक है परंतु क्यों?

अंग विन्यास के फ़ायदे जान लेने से पहले बेहतर होगा की हम यह जान लें की सही मुद्रा क्या है और इसे हांसिल कैसे करें। बैठने का सही तरीक़ा होता है की कमर सीधी होनी चाहिए, नितंब वाला भाग कुर्सी के अंतिम हिस्से पर होना चाहिए, अपने पै ज़मीन पर सपाट रखिए और घुटनों को समकोण बनाकर मोड़िए। खड़े होते समय कान, कंधे, नितंब, घुटने और पैर सीधी रेखा मे होने चाहिए।

यहाँ पढ़ें : क्यों आवश्यक हैं विटामिन

आइए अब जानते हैं सही मुद्रा के फ़ायदे:-

  1. सही अंग विन्यास ऊर्जा का प्रतीक होता है। सही मुद्रा चुस्ती-फुर्ती का परिचय देती है जबकी गलत मुद्रा सुस्ती का प्रतीक होती है। ये केवल प्रतीक ही नही होते बल्कि इनसे हमारे शरीर में ऊर्जा उत्पन्न भी होती है।
  2. सही मुद्रा से कमर दर्द और गर्दन दर्द ख़त्म करने में भी सहायता मिलती है। झुके रहने से या ग़लत तरीक़े से बैठेने से माँसपेशियों पर ज़ोर पड़ता है जिससे उनके दर्द होना साधारण बात है। यह देखा हुआ है की जिन लोगों को कमर दर्द हॉट है यदि वे सही तरीक़े से बैठने लगें तो कमर दर्द जल्दी ठीक होता है।
  3. जब हमारा शरीर सही मुद्रा में होता है तब मनुष्य की ख़ूबसूरती में  चार चाँद लग जाते हैं। सही मुद्रा के साथ आत्मविश्वास भी आता है। आत्मविश्वास जो व्यक्तित्व के अच्छे होने के लिए बहुत ज़रूरी होता है।
  4. सही तरीक़े  से बैठने से आप बेहतर तरीक़े से साँस ले पाते हैं। सही अंग्विन्यास से श्वास नली खुल जाती है और साँस लेने की प्रक्रिया आसान और बेहतर होती है। ऐसा करने से रक्त ऑक्सिजन को आसानी से पूरे शरीर में पहुँचा देता है।
  5. हमारे अंग विन्यास का असर हमारे भावों पर भी पड़ता है। एक अनुसंधान में यह देखा गया कि जो लोग सीधे और सही तरीक़े से बैठे थे वे ज़्यादा सकारात्मक, ऊर्जा से युक्त और प्रसन्न थे जबकि जो लोग सही नही बैठते वे दुखी, अकेला और ऊर्जा से रहित महसूस करते हैं।
  6. यदि आपको तनाव है और तब आप बेसुध होकर बैठे हैं तब केवल आपका तनाव बढ़ेगा। ऐसे बैठे रहने से आपको  नकारात्मक ख़याल आएँगे और मन भी ख़राब रहेगा तो इसलिए तनाव के पलों में भी अच्छे से बैठें ताकि आप अच्छी बातों के बारे में सोच पाएँ।
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