Enough Sleep At Night: अब AI बताएगा आपने रात में अच्छी नींद ली है या नहीं, अमेरिका की जॉर्ज मेसन यूनिवर्सिटी की एक स्टडी में दावा
Enough Sleep At Night: जॉर्ज मेसन यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन में दावा किया गया है कि सुबह की ताजगी और खिले चेहरे के साथ आपके चलने का ढंग बता देता है कि बीती रात आपने पर्याप्त नींद ली या नहीं।
Enough Sleep At Night: आपकी चाल बता देगी कि आपने कितने घंटे की ली नींद, जानें क्या कहता है साइंस
इंसान चेहरा देखकर बता सकते हैं कि आप रांत में कैसी नींद सोए हैं। अक्सर चेहरे की ताजगी और आंखों को देखकर लोग पूछ लेते हैं कि क्या रात में ठीक से सोए नहीं हैं, लेकिन अब AI आपकी चाल-ढाल को देखकर बता देगा कि आप रात में कितनी देर सोए हैं। आपको बता दें कि अमेरिका में वर्जीनिया की जॉर्ज मेसन विश्वविद्यालय की एक स्टडी में यह दावा किया गया है। इस रिसर्च के लिए सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि अब लोगों की चाल से उनकी अच्छी नींद का पता चल सकेगा। चलते समय यदि कूल्हे अधिक हिल रहे हैं और व्यक्ति झुका हुआ सा प्रतीत हो रहा है या फिर एक समान कदम जमीन पर नहीं पड़ रहे तो समझ जाएं कि रात को पर्याप्त नींद नहीं मिली है। जिसे वजह से उस इंसान को थकान भी महसूस हो रही है। आपको बता दें कि यह स्टडी जॉर्ज मेसन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एल. मार्टिन की अगुआई में की गई।
123 लोगों पर किया गया शोध
यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एल मार्टिन के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने 123 लोगों (औसतन 24 वर्ष) पर अध्ययन किया। 59 फीसदी अच्छी नींद लेने वाले युवा थे जबकि 41 फीसद ऐसे थे, जो किसी कारणवश अच्छी नींद नहीं ले पा रहे थे। इनके शरीर में मोशन सेंसर लगाकर दो मिनट के वॉक पर भेजा गया। सेंसर में जमा डाटा एआई लर्निंग एल्गोरिद्म को भेजा गया, जिसे पहले ही 100 विभिन्न चालों जैसे कूल्हे और रीढ़ की स्थिति और दोनों पैरों के बीच फासले के बारे में ट्रेन्ड किया जा चुका था। इस स्टडी पर आधारित रिपोर्ट जर्नल स्लीप साइंस में प्रकाशित की गई है।
नई तकनीक से समस्या का निकलेगा हल
वर्जीनिया की जॉर्ज मेसन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एल. मार्टिन ने बताया कि स्टडी का इस्तेमाल कर साइंटिस्ट ऐसी तकनीक विकसित कर सकते हैं कि जिससे इस बात की पहचान की जा सके कि व्यक्ति थका हुआ है या नहीं। विशेषकर ड्राइविंग, खेल या इस तरह के अन्य पेशे में नींद की कमी और थकान की वजह से गलती या दुर्घटना होने की पूरी आशंका होती है। नई तकनीक से इस समस्या का हल निकाला जा सकेगा।
एआई तकनीक ने क्या किया?
आपको बता दें कि AI ने वॉक पर जाने वाले प्रतिभागियों के उठे पहले कदम से ही पूरे वॉकिंग पैटर्न की पड़ताल कर ली। कम नींद लेने वाले लोगों की रीढ़ के निचले हिस्से को कम घुमाव में देखा गया, जिससे वे झुके हुए से मालूम पड़ते हैं। जैसे-जैसे वे आगे बढ़ते गए चाल में और बदलाव दिखा। जैसे उनके कूल्हे अधिक हिलते थे। प्रोफेसर मार्टिन ने कहा कि कुल मिलाकर वे एक समान गति से वॉक नहीं कर सकते हैं।
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रात में कम नींद लेने वालों को ऐसे पहचानें
अगर रात में भरपूर और अच्छी नींद नहीं ली है तो आपका चेहरा ये साफ बता देता है। लोग चेहरे की ताजगी देखकर आपके सोने के घंटे बता सकते हैं। जो लोग कम सोते हैं वो सुबह उठकर भी अलसाए से रहते हैं। ऐसे लोगों को खूब उबासी आती हैं। स्वभाव में चिड़चिड़ापन बना रहता है। नींद कम आने पर दिनभर आलस छाया रहता है। थकान बनी रहती है और किसी भी चीज में ध्यान केन्द्रित करने में परेशानी होने लगती है।
कितनी नींद है जरूरी?
- शिशु के लिए 12 से 15 घंटे
- नवजात के लिए 11 से 14 घंटे
- प्रीस्कूलर्स बच्चों के लिए 10 से 13 घंटे
- स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए दिन में कुल मिलाकर 9 से 11 घंटे
- बुजुर्गों के लिए 10 घंटे
- व्यस्क और किशोर के लिए कम से कम आठ घंटे की नींद जरूरी है
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