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Bihar MLC Chunav :  मंत्री दीपक प्रकाश की कुर्सी का जाना तय! नहीं दाखिल करेंगे नामांकन

Bihar MLC Chunav : उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन दाखिल नहीं करेंगे। ऐसे में उनका मंत्री पद खतरे में पड़ गया है। जानिए पूरा मामला।

Bihar MLC Chunav: विधान परिषद चुनाव से बाहर हुए दीपक प्रकाश, मंत्री पद पर मंडराया संकट

Bihar MLC Chunav : बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन के अंतिम दिन एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश इस चुनाव में नामांकन दाखिल नहीं करेंगे। राजनीतिक गलियारों में इसे उनकी मंत्री कुर्सी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। माना जा रहा है कि विधान परिषद की सदस्यता नहीं मिलने की स्थिति में उनका मंत्री पद बचाना मुश्किल हो सकता है।

Bihar MLC Chunav: NDA ने क्यों नहीं बनाया उम्मीदवार?

सूत्रों के अनुसार, बीजेपी की ओर से उपेंद्र कुशवाहा को प्रस्ताव दिया गया था कि उनके बेटे दीपक प्रकाश को भाजपा के चुनाव चिह्न पर विधान परिषद भेजा जा सकता है। हालांकि बताया जा रहा है कि उपेंद्र कुशवाहा इस प्रस्ताव से सहमत नहीं हुए। इसके बाद एनडीए ने दीपक प्रकाश को विधान परिषद चुनाव का उम्मीदवार नहीं बनाया। नामांकन की अंतिम तिथि तक उनका नाम उम्मीदवारों की सूची में शामिल नहीं किया गया।

मंत्री पद पर संकट क्यों बढ़ा?

दीपक प्रकाश वर्तमान में बिहार सरकार में मंत्री हैं, लेकिन वे न तो विधायक हैं और न ही विधान परिषद के सदस्य। भारतीय संविधान के अनुसार कोई भी व्यक्ति बिना विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बने अधिकतम छह महीने तक मंत्री पद पर रह सकता है। इसके बाद उसे किसी सदन का सदस्य बनना अनिवार्य होता है, अन्यथा मंत्री पद छोड़ना पड़ता है। 21 नवंबर 2025 को दीपक प्रकाश ने मंत्री पद की शपथ ली थी और 22 नवंबर को उन्हें पंचायती राज विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस आधार पर उनका छह महीने का संवैधानिक कार्यकाल मई 2026 में पूरा हो चुका है।

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सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा मामला

दीपक प्रकाश की मंत्री पद पर नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) भी दायर की गई है। याचिका में संविधान के अनुच्छेद 164(4) का हवाला देते हुए कहा गया है कि कोई गैर-विधायक छह महीने से अधिक समय तक मंत्री नहीं रह सकता। याचिकाकर्ता ने मंत्री पद की वैधता और संवैधानिक जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।

बिहार राजनीति में बढ़ी हलचल

दीपक प्रकाश के नामांकन नहीं भरने की खबर के बाद बिहार की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोल सकता है, वहीं एनडीए के अंदर भी राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में दीपक प्रकाश के मंत्री पद को लेकर क्या फैसला होता है।

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