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Flight Safety Rules: क्या आपके बैग में रखा थर्मामीटर रोक सकता है आपकी फ्लाइट? जानिए नियम

Flight Safety Rules, हवाई यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइंस और एविएशन अथॉरिटीज कई सख्त नियम बनाती हैं

Flight Safety Rules : प्लेन में मर्करी वाले थर्मामीटर पर क्यों है पाबंदी? जानिए यात्रियों के लिए जरूरी जानकारी

Flight Safety Rules, हवाई यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइंस और एविएशन अथॉरिटीज कई सख्त नियम बनाती हैं। इन्हीं नियमों में एक नियम थर्मामीटर को लेकर भी है। कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर प्लेन में थर्मामीटर ले जाने की मनाही क्यों होती है? क्या हर तरह का थर्मामीटर प्रतिबंधित है या केवल कुछ खास प्रकार के थर्मामीटर पर ही रोक लगाई जाती है? आइए जानते हैं इसके पीछे का पूरा सच।

क्या सचमुच प्लेन में थर्मामीटर ले जाना मना है?

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि हर थर्मामीटर पर प्रतिबंध नहीं होता। डिजिटल थर्मामीटर और इन्फ्रारेड थर्मामीटर आमतौर पर सुरक्षित माने जाते हैं और इन्हें अधिकांश एयरलाइंस अनुमति देती हैं। हालांकि, पारंपरिक मर्करी (पारा) वाले थर्मामीटर को लेकर नियम काफी सख्त होते हैं।

मर्करी थर्मामीटर पर क्यों होती है रोक?

मर्करी यानी पारा एक जहरीली धातु है, जो सामान्य तापमान पर भी तरल रूप में रहती है। अगर यात्रा के दौरान थर्मामीटर टूट जाए तो उसमें मौजूद पारा बाहर निकल सकता है।

पारा के रिसाव से कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

  • जहरीली गैसें निकल सकती हैं।
  • यात्रियों और क्रू मेंबर्स के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।
  • विमान के अंदर सफाई और डीकंटैमिनेशन की प्रक्रिया बेहद मुश्किल हो जाती है।
  • यह विमान के कुछ धातु वाले हिस्सों के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है।

इसी वजह से एविएशन सुरक्षा एजेंसियां मर्करी वाले उपकरणों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतती हैं।

अगर पारा फैल जाए तो क्या हो सकता है?

पारा बहुत छोटे-छोटे कणों में टूटकर फर्श या सीटों के नीचे फैल सकता है। इसकी वजह से लंबे समय तक जहरीले वाष्प निकल सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति इन वाष्पों के संपर्क में आता है तो उसे सिरदर्द, चक्कर, सांस लेने में परेशानी और लंबे समय में तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।यही कारण है कि विमान जैसे बंद वातावरण में पारा का रिसाव एक गंभीर सुरक्षा खतरा माना जाता है।

क्या डिजिटल थर्मामीटर सुरक्षित हैं?

जी हां, डिजिटल थर्मामीटर में पारा नहीं होता। यह बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक सेंसर की मदद से तापमान मापता है। इसलिए इन्हें आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है।हालांकि, यात्रियों को यह सलाह दी जाती है कि डिजिटल थर्मामीटर को भी अच्छी तरह पैक करके रखें ताकि यात्रा के दौरान वह टूटे या खराब न हो।

एयरपोर्ट पर क्यों होती है जांच?

एयरपोर्ट सिक्योरिटी का उद्देश्य किसी भी संभावित खतरे को पहले ही रोकना होता है। एक्स-रे स्कैनिंग के दौरान यदि किसी बैग में मर्करी वाला थर्मामीटर दिखाई देता है तो सुरक्षा अधिकारी उसकी जांच कर सकते हैं।कुछ मामलों में यात्री को उसे चेक-इन बैगेज में रखने या यात्रा से पहले हटाने के लिए भी कहा जा सकता है। अलग-अलग देशों और एयरलाइंस के नियमों में थोड़ा अंतर हो सकता है।

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मेडिकल जरूरत होने पर क्या करें?

अगर किसी यात्री को चिकित्सकीय कारणों से थर्मामीटर साथ रखना जरूरी है तो यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन की बैगेज पॉलिसी जरूर पढ़नी चाहिए। यदि संभव हो तो मर्करी की जगह डिजिटल या इन्फ्रारेड थर्मामीटर का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प है।

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यात्रा के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?

  • मर्करी वाले पुराने थर्मामीटर ले जाने से बचें।
  • डिजिटल थर्मामीटर को सुरक्षित केस में रखें।
  • मेडिकल उपकरणों को हैंड बैगेज में रखने से पहले एयरलाइन के नियम जरूर जांच लें।
  • यदि कोई विशेष चिकित्सा उपकरण साथ ले जा रहे हैं तो जरूरत पड़ने पर उसका प्रिस्क्रिप्शन भी साथ रखें।

क्या सभी देशों में नियम एक जैसे हैं?

नहीं। अलग-अलग देशों की एविएशन अथॉरिटी और एयरलाइंस अपने-अपने सुरक्षा नियम बनाती हैं। कुछ जगहों पर सीमित संख्या में मर्करी थर्मामीटर की अनुमति हो सकती है, जबकि कई एयरलाइंस इन्हें पूरी तरह प्रतिबंधित करती हैं। इसलिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन की गाइडलाइन जरूर देखनी चाहिए।प्लेन में थर्मामीटर ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं है, लेकिन मर्करी यानी पारा वाले थर्मामीटर सुरक्षा कारणों से प्रतिबंधित या सीमित किए जा सकते हैं। इसका मुख्य कारण पारा का जहरीला होना और विमान के बंद वातावरण में उसके रिसाव से यात्रियों व क्रू की सुरक्षा को खतरा पैदा होना है। वहीं, डिजिटल और इन्फ्रारेड थर्मामीटर आमतौर पर सुरक्षित माने जाते हैं। इसलिए हवाई यात्रा के दौरान हमेशा आधुनिक और सुरक्षित थर्मामीटर का ही उपयोग करें तथा यात्रा से पहले एयरलाइन के नियमों की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

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