भारत

Honeymoon Murder Case: राजा रघुवंशी हत्याकांड, सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार की मांग ठुकराई, सोनम की जमानत बरकरार

Honeymoon Murder Case, देशभर में चर्चा का विषय बने बहुचर्चित राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण सुनवाई की।

Honeymoon Murder Case : राजा रघुवंशी मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, सोनम की जमानत पर नहीं लगी रोक

Honeymoon Murder Case, देशभर में चर्चा का विषय बने बहुचर्चित राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण सुनवाई की। शीर्ष अदालत ने मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने मेघालय सरकार की याचिका पर सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया है और मामले की अगली सुनवाई बाद में तय की जाएगी।

shillong court grants bail to accused wife sonam raghuvanshi in honeymoon murder case 1777382957967

क्या है पूरा मामला?

यह मामला मई 2025 का है, जब इंदौर निवासी नवविवाहित दंपति राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी हनीमून मनाने मेघालय गए थे। यात्रा के दौरान दोनों अचानक लापता हो गए। कुछ दिनों बाद राजा रघुवंशी का शव सोहरा (चेरापूंजी) के पास एक गहरी खाई से बरामद हुआ।जांच के दौरान मेघालय पुलिस ने दावा किया कि राजा की हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी। पुलिस के अनुसार, सोनम रघुवंशी ने कथित तौर पर अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी। इसके बाद सोनम समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और मामला पूरे देश में सुर्खियों में आ गया।

हाई कोर्ट से मिली थी जमानत

इस मामले में पहले ट्रायल कोर्ट द्वारा सोनम रघुवंशी को जमानत दी गई थी। बाद में मेघालय हाई कोर्ट ने भी उस आदेश को बरकरार रखा। हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी प्रक्रिया में तकनीकी खामी और गिरफ्तारी के आधारों से जुड़े कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जमानत को सही माना था।हाई कोर्ट के फैसले के बाद मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और जमानत रद्द करने की मांग की।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि प्रथम दृष्टया हाई कोर्ट के आदेश के कुछ पहलुओं पर सवाल उठते हैं, लेकिन चूंकि सोनम रघुवंशी पहले ही जमानत पर रिहा हो चुकी हैं, इसलिए इस स्तर पर जमानत पर रोक लगाना उचित नहीं होगा।अदालत ने मेघालय सरकार की याचिका स्वीकार करते हुए सोनम रघुवंशी को नोटिस जारी किया और उनसे जवाब मांगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की मेरिट पर विस्तृत सुनवाई बाद में की जाएगी।

मेघालय सरकार ने क्या दलील दी?

सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि यह एक बेहद गंभीर और सुनियोजित हत्या का मामला है। उन्होंने कहा कि आरोपी को केवल तकनीकी आधार पर जमानत देना उचित नहीं है।सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि यदि आरोपी जमानत पर बाहर रहती हैं तो जांच और मुकदमे की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है तथा फरार होने की आशंका भी बनी रह सकती है। इसलिए हाई कोर्ट के आदेश पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।

new project 2026 07 03t120357302 1783060504

Read More: Auraiya Gaushala  में 35 गायों की मौत की खबर से मचा हड़कंप, जांच में निकली अफवाह; जानें पूरा मामला

पीड़ित परिवार की प्रतिक्रिया

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राजा रघुवंशी के परिवार ने निराशा जताई। परिवार का कहना है कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और वे उम्मीद करते हैं कि अंतिम सुनवाई में न्याय मिलेगा।राजा की मां ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके बेटे की हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई थी और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवार न्याय की लड़ाई जारी रखेगा।

अब आगे क्या होगा?

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल जमानत पर रोक नहीं लगाई है, लेकिन मामले को बंद भी नहीं किया है। अदालत अब मेघालय सरकार की याचिका पर विस्तृत सुनवाई करेगी। यदि भविष्य में अदालत को लगे कि जमानत देने में कोई गंभीर कानूनी त्रुटि हुई है या जमानत की शर्तों का उल्लंघन हुआ है, तो वह इस पर उचित आदेश दे सकती है।फिलहाल सोनम रघुवंशी अपनी जमानत की शर्तों का पालन करते हुए बाहर रहेंगी और मुकदमे की सुनवाई संबंधित अदालत में जारी रहेगी।

2025 6image 15 05 074832885sonam

Read More: Ranveer Singh की ‘धुरंधर’ अब जापान में दिखाएगी दम, मेकर्स ने रिलीज डेट का किया ऐलान

देशभर में चर्चा का विषय बना मामला

राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था। शुरुआत में इसे एक रहस्यमयी गुमशुदगी माना गया, लेकिन बाद में पुलिस जांच में हत्या की साजिश का दावा सामने आने के बाद मामला और अधिक चर्चित हो गया।अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी सुनवाई में शीर्ष अदालत यह तय करेगी कि हाई कोर्ट द्वारा दी गई जमानत कानूनी रूप से उचित थी या नहीं। तब तक इस बहुचर्चित मामले पर पूरे देश की नजर बनी रहेगी।

We’re now on WhatsApp. Click to join.

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

Back to top button