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Aligarh news : सूदखोरों से तंग आकर बेटा बेचने को मजबूर हुआ ई-रिक्शा चालक

एक ई-रिक्शा चालक अपनी पत्नी, बेटी व बेटे समेत दिल्ली के गांधीपार्क पर गले में तख्ती लटकाए बैठे मिले। जिसमें लिखा है, "मेरा बेटा बिकाऊ है, मुझे बेटा बेचना है'।

Aligarh news :  हालात  हाथों मजबूर बाप बेटा बेचने  को  तैयार, छह से आठ लाख रुपये लगाई कीमत


aligarh news :  हाल ही में एक रौंगटे खड़े कर देने  वाली एक खबर सामने आ रही है, जिसमें एक ई-रिक्शा चालक अपनी पत्नी, बेटी व बेटे समेत दिल्ली के  गांधीपार्क पर गले में तख्ती लटकाए बैठे मिले। जिसमें लिखा था, “मेरा बेटा बिकाऊ है, मुझे बेटा बेचना है’। बता दें कि आदमी अपने बेटे को छह से आठ लाख में बेचने  को तैयार दिख रहा है।

 “मेरा बेटा बिकाऊ है, मुझे बेटा बेचना है”

ख़बर के मुताबिक अलीगढ़ के (महुआखेड़ा क्षेत्र) एक ई-रिक्शा चालक का परिवार सूदखोरों से परेशान होकर अपने बेटे को बेचने  के लिए मजबूर हो  गया है। रिक्शा चालक अपनी पत्नी व बेटी को लेकर गांधीपार्क बस स्टैंड के पास गले में  तख्ती लटकाये  बैठा है।  जिसमें उसने लिखा है कि “मेरा बेटा बिकाऊ है, मुझे बेटा बेचना है”।

सूदखोरों से परेशान आदमी बेटा बेचने उतरा सड़क पर

आदमी को  26 अक्तूबर की शाम भीड़ में घिरे देखा गया, जहां वो अपना दर्द आँसुओं में बयां कर रहा था। आदमी ने बताया कि थाना पुलिस ने अब तक मामले में कोई सुनवाई नहीं की। साथ ही बताया कि वो इतना ज्यादा मजबूर है की अब बेटे को बेचने के सिवाय कोई और रास्ता नहीं बचा है। फिलहाल पुलिस परिवार को अपने साथ ले गई है। बताया जा रहा है पूछताछ के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पैसे न देने पर किया परेशान

महुआ खेड़ा के असदपुर क्षेत्र के रहनेवाले राजकुमार के बयान के अनुसार उसने कुछ समय पूर्व प्रापर्टी खरीदने के लिए कुछ लोगों से उधार लिया था।आगे चलकर इन लोगों ने कर्जदार बनाकर राजकुमार के एक प्लॉट के कागजात अपने पास  रखवा लिए और उन कागजात पर बैंक से  ऋण से ले लिया। इतना ही नहीं सूदखोरों ने लाचार आदमी से लगातार पचास हजार रुपये भी मांगे। आदमी ने अपने  बयान  में ये भी बताया कि रुपये न देने की हालत में सूदखोर उसका ई-रिक्शा ले गए। साथ ही घर आकर नाबालिग बेटियों व पत्नी से अभद्रता करके उन्हें लगातार परेशान कर रहें हैं।

अपनी आपबीती कहते  हुए राजकुमार ने बताया कि ई-रिक्शा उनके परिवार की आजीविका का एक मात्र साधन था, जो कि अब उनसे छीन लिया गया है। अतः हालात के हाथों मजबूर होकर उसने बेटा बेचने का यह फैसला लिया। पीड़ित का  कहना है कि इस रकम से वो अपना कर्ज चुकाकर, बेटी को पढ़ाएगा और परिवार का पोषण करेगा।

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