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 Uttar Da Puttar  रिव्यू – हंसी, भावनाओं और कर्म बनाम किस्मत की दिलचस्प कहानी

 Uttar Da Puttar : अन्नू कपूर स्टारर उत्तर दा पुत्तर एक शानदार फैमिली कॉमेडी है, जो हंसी के साथ कर्म और किस्मत के बीच की बहस को रोचक अंदाज में पेश करती है। जानिए कैसी है यह 4 स्टार फिल्म।

Uttar Da Puttar हंसी के साथ कर्म बनाम किस्मत की दिल छू लेने वाली कहानी

 Uttar Da Puttar : हिंदी सिनेमा में पिछले कुछ वर्षों से मध्यवर्गीय परिवारों की कहानियों को बड़े ही संवेदनशील और मनोरंजक अंदाज में पर्दे पर उतारा जा रहा है। इसी कड़ी में निर्देशक रविंदर सिवाच की फिल्म Uttar Da Puttar दर्शकों के सामने एक ऐसी कहानी लेकर आती है, जो भरपूर कॉमेडी के साथ जीवन का अहम संदेश भी देती है। फिल्म कर्म और किस्मत के बीच चलने वाली बहस को हल्के-फुल्के अंदाज में पेश करती है और शुरुआत से लेकर अंत तक दर्शकों को बांधे रखती है।

क्रिटिक रेटिंग: ⭐⭐⭐⭐☆ (4/5)

जब विज्ञान का प्रोफेसर अंधविश्वास में उलझ जाता है

फिल्म की कहानी प्रोफेसर साई राम टुटेजा (अन्नू कपूर) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पेशे से फिजिक्स के प्रोफेसर हैं लेकिन निजी जिंदगी में वास्तु और अंधविश्वास पर गहरा विश्वास रखते हैं। यही विरोधाभास फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बनता है। कहानी तब नया मोड़ लेती है जब प्रोफेसर अपने परिवार के लिए एक ऐसा घर चुनते हैं जिसे वह ‘परफेक्ट वास्तु’ वाला मानते हैं। लेकिन एक अप्रत्याशित घटना उनके पूरे विश्वास को चुनौती दे देती है। इसके बाद शुरू होती है आत्ममंथन, रिश्तों और जीवन को नए नजरिए से समझने की यात्रा।

अभिनय: अन्नू कपूर ने फिर जीता दिल

फिल्म की सबसे बड़ी ताकत अन्नू कपूर का शानदार अभिनय है। उन्होंने कॉमेडी और इमोशनल दोनों पहलुओं को बेहतरीन संतुलन के साथ निभाया है। उनकी कॉमिक टाइमिंग कई दृश्यों में दर्शकों को खुलकर हंसने पर मजबूर करती है, जबकि भावनात्मक दृश्यों में उनका अभिनय गहरी छाप छोड़ता है। पवन मल्होत्रा, रुखसार रहमान, बृजेंद्र काला, जीवेशु अहलूवालिया, राजेंद्र सेठी, सुमीत गुलाटी और नितिन अरोड़ा ने भी अपने-अपने किरदारों को पूरी ईमानदारी से निभाया है। सभी कलाकार कहानी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

निर्देशन और स्क्रीनप्ले

निर्देशक रविंदर सिवाच ने फिल्म को सरल लेकिन प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया है। कहानी कहीं भी अनावश्यक रूप से भटकती नहीं है। दिल्ली के मध्यवर्गीय परिवार का माहौल काफी वास्तविक लगता है, जिससे दर्शक आसानी से कहानी से जुड़ जाते हैं। फिल्म के संवाद चुटीले हैं और कई जगहों पर हंसी के साथ सोचने पर भी मजबूर करते हैं। बैकग्राउंड म्यूजिक कहानी के मूड को बेहतर बनाने में सफल रहता है।

क्या हैं फिल्म की कमियां?

फिल्म का दूसरा भाग पहले हिस्से की तुलना में थोड़ा धीमा महसूस होता है। कुछ सहायक किरदारों को और बेहतर तरीके से विकसित किया जा सकता था। हालांकि, ये छोटी कमियां फिल्म के समग्र अनुभव को ज्यादा प्रभावित नहीं करतीं।

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क्यों देखें  Uttar Da Puttar ?

अगर आपको ऐसी फिल्में पसंद हैं जो मनोरंजन के साथ कोई सकारात्मक संदेश भी देती हैं, तो Uttar Da Puttar  आपके लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है। फिल्म परिवार, रिश्तों, विश्वास और जीवन के नजरिए पर हल्के-फुल्के अंदाज में बात करती है और पूरे परिवार के साथ देखी जा सकती है।

फाइनल वर्डिक्ट

 Uttar Da Puttar एक साफ-सुथरी, मनोरंजक और भावनात्मक फैमिली फिल्म है, जो हंसी के साथ जिंदगी का अहम सबक भी देती है। दमदार अभिनय, शानदार संवाद और दिल को छू लेने वाला संदेश इसे वीकेंड पर देखने लायक फिल्म बनाते हैं। यदि आप कॉमेडी और फैमिली ड्रामा का संतुलित मिश्रण पसंद करते हैं, तो यह फिल्म आपको निराश नहीं करेगी।

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