क्या है ईस्टर ? क्यों किया जाता है इसे सेलिब्रेट 

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जानिए ईस्टर से जुड़ी कुछ अहम बातें


ईसाई धर्म मे  ईस्टर सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व होता है  .ईस्टर का इतिहास बहुत ही पुराना है ये त्यौहार वसंत ऋतु मे  मनाया जाता है. आपको बता दे कि आठवीं सदी मे एक विद्वान सेंट बीड के द्वारा शुरू किया गया था जिसमे उन्होंने अपने भगवान यीशु मसीह जी के उठने पर  ख़ुशी के रूप मे  मनाया था . ईस्टर का मुख्य प्रतीक अंडा है  . ईस्टर एक  नया उत्सव , पुनर्जन्म , नवीनीकरण और पृथ्वी पर रहने वाले लोग और हर एक व्यक्ति  के लिए उन्नति का प्रतीक है  .

यहाँ जाने ईस्टर त्यौहार के कुछ तथ्य 

ईस्टर के तथ्य अपने आप मे काफी महतवपूर्ण  है ,जिसमे अपना   एक अलग महत्व और अंदाज़ है. जिस तरह एक उदासी भरा माहौल रहता है लेकिन वसंत ऋतु के आते ही माहौल खुशनुमा हो जाता है.ठीक उसी प्रकार यीशु की कब्र को प्रदर्शित करते है वसंत  के फूल यीशु मसीह के पुनः जीवन  को दर्शाता है  .

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क्या है ईस्टर अंडे का  महत्व ?

क्या अंडे का इस्तेमाल किसी उपहार के रूप मे  किया जा सकता है ? जी हाँ , एक अंडे का इस्तेमाल एक उपहार के रूप मे भी किया जा सकता है  . ईस्टर मे अंडे  का बहुत ख़ास महत्व है ईस्टर मे अंडे को शुभ स्मारक माना जाता है और यही नहीं ईस्टर मे अंडे का बहुत अलग अलग तरीको से उपयोग  किया जाता है कही चित्रकारी करके , अलग अलग रूप मे सजा कर उपहार के रूप मे एक दूसरे को दिए जाते है  . ये लोगो मे जीवन जीने के प्रति नया उत्साह और नयी उमंग भरता है

कैसे मनाया जाता है ईस्टर त्यौहार 

ईस्टर एक ऐसा त्यौहार है जिसे बहुत धूमधाम,  ख़ुशी और जश्न के साथ मनाया  जाता है  . उसके अलावा एक दूसरे को उपहार जिसमे खासकर अंडे का अकार हो , अलग अलग तरह से पार्टी करके मिठाई बना कर , गीत गा कर  माहौल को खुशनुमा मनाया जाता है