इन महिलाओं ने दी अपने सपनों को उड़ान: भारत की टॉप 5 ” young women Entrepreneur”

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यह “Entrepreneurs ” करती है करोड़ो महिलाओं को  Inspire


साल 1947 में आज़ादी मिलने के बाद भारत का संविधान तैयार किया गया जिसमे सभी नागरिको को बराबर का अधिकार दिया गया। पर महिलाओ को हमेशा ही अपने अधिकारों के लिए लड़ाई लड़नी पड़ती थी। पहले भारत में महिलाएँ केवल घरों में रहती थीं, उन्हें घर से बाहर निकलने, पढ़ने-लिखने, खेलने और पुरुषों की तरह बाहर काम करने आदि अनेक क्षेत्रों में अनुमति नहीं थी।  साथ ही घरेलू और कुछ भारतीय धार्मिक परंपराओं के चलते वो उन सभी अधिकारों का पूर्ण रूप से उपयोग नहीं कर पाती थी। अब चीज़े कुछ बेहतर हैं पर अब भी बहुत कुछ हासिल करना बाकी है।

वक़्त के साथ  महिलाओ ने अपने अधिकार के लिए लड़ाई लड़ी और समाज मे अपने अधिकारों को हासिल किया। बता दें कि भारतीय संविधान में महिला एवं पुरुष दोनों के लिए समान अधिकार बनाए गए हैं, जिसके तहत आज वो घर से बाहर कदम रख कर पढ़ाई कर रही है और चाँद को  छू रही है। आज पुरुषों से ज्यादा  महिलाएं हर क्षेत्र में सफलता हासिल की है। इसलिए आज हम आपको  भारत के कुछ ऐसे टॉप यंग वीमेन एंट्रेप्रेन्योर्स के बारे में बताएँगे  जिन्होंने कम उम्र में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया और बन गयी दुसरो के लिए मिसाल ।

भारत की टॉप 5 यंग “women Entrepreneur” जिन्होंने की करोड़ो महिलाओ के लिए मिसाल पेश की :

1. श्री लक्ष्मी सुरेश – (वेब डिज़ाइनर )

श्री लक्ष्मी सुरेश भारत की यंग एंटरप्रेन्योर है और देश की  यंगेस्ट वेब डिज़ाइनर भी।श्री लक्ष्मी ने महज 10 साल की उम्र  में सक्सेस की सीढ़ी चढ़नी  शुरू कर दी थी और खुद की वेब डिजाइनिंग कंपनी खोली जिसमे सी.इ.ओ , वेब डिज़ाइन और वेब से रिलेटेड कई सारे काम किये जाते है ।इसके अलावा उन्हें कई सारे नेशनल और  इंटरनेशनल अवार्ड्स से भी सम्मानित  किया जा चुका है। श्री लक्ष्मी ने अब तक 100 से भी ज्यादा वेबसाइट तैयार की है जो सिर्फ भारत की नहीं कुछ विदेशो की भी है।

2. कविता शुक्ला ( फाउंडर-फेनूग्रीन)

कविता शुक्ला भारत की सबसे यंगेस्ट  एंटरप्रेन्योर है जिन्होंने कम उम्र में ही बहुत बड़ा मुकाम हासिल कर लिया। आज उनकी “Fenugreen”  के नाम से खुद की कंपनी है। कविता शुक्ला 12  साल की उम्र में भारत आयी थी अपनी दादी से मिलने ,एक दिन उन्होंने गलती से नल का पानी पी लिया था जिसकी वजह से उन्हें पेट में इन्फेक्शन हो गया था।  तब कविता की दादी ने उन्हें घर के बने  मसाले  की चाय बना कर पिलाई जिस से कविता के पेट का इन्फेक्शन  ठीक हो गया था। जिसके बाद उन्होंने विदेश अपने घर मेरीलैंड जाकर इसपर रिसर्च की और फेनूग्रीन नाम से कंपनी खोली जिसमे इसके बीज उगाये जाते है।

3. अदिति गुप्ता (फाउंडर – menstrupedia) 

अदिति गुप्ता “menstrupedia” की फाउंडर है। Menstrupedia एक ऐसी साइट है जो महिलाओ को हेल्थी पीरियड्स के विषय पर गाइड करता है। इस वेबसाइट का उद्देश्य यह है की ये सभी कम उम्र कि  लड़कियाँ  और महिलाओं  को पीरियड्स से जुड़े सभी मिथ्स के  बारे में जागरूक कर पाए। यह भारत की पहली ऐसी साइट है जो खुल कर वीमेन को हर महीने होने वाले पीरियड्स के बारे में खुल कर बात करता है।

और पढ़ें: देर तक काम करना बन सकता है महिलाओं मे अवसाद का कारण

4. प्रिया नाइक ( फाउंडर – संहिता सोशल  वेंचर्स) 

प्रिया नाइक भारत की सोशल एंटरप्रेन्योर है। साथ ही प्रिया संहिता सोशल  वेंचर्स की फाउंडर है जो डोनर एजेन्सीज़, कॉर्पोरेशंस,एनजीओ और एक बड़े पैमाने पर सामाजिक प्रभाव के लिए एक दूसरे के साथ सहयोग करते हैं।संहिता सोशल वेंचर्स  की स्थापना 2009 में हुई थी।

5. ऋचा कर ( फाउंडर – Zivame) 

ऋचा कर Zivame.com की सी.ई.ओ और  फाउंडर है। यह ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल है जो भारत में है। ज़िवामे की स्थापना साल 2011 में हुई थी।  ज़िवामे को इस बड़े मुकाम पर पहुँचाना ऋचा के लिए क़ाफी कठिन भरा रहा है लेकिन आज यह टॉप 10 ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल में से एक है।

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