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मनोरंजन

‘ग्रहण’ के साथ ये वेब सीरीज है इस हफ्ते ओटीटी प्लेटफॉर्म पर खास

आज के समय पर ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हर हफ्ते अलग-अलग फिल्में और वेब सीरीज रिलीज होती रहती हैं


ये बात तो हम सभी लोग जानते है कि पिछले साल से फैला कोरोना वायरस आज भी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अभी हमारे देश में इस कोरोना महामारी की दूसरी लहर चल रही है। कोरोना महामारी के कारण पिछले साल से ही हमारे देश में सिनेमाघर बंद पड़े हुए है। यही कारण है कि अब बड़े स्टार्स भी डिजिटल प्लेटफार्म की तरफ रुख कर रहे हैं। .

इस कोरोना लॉकडाउन के कारण कई फिल्मों की रिलाज डेट को टाल दिया गया, तो वही कई फिल्मों को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने का एलान किया गया। आज के समय में मनोरंजन के लिए ओटीटी प्लेटफॉर्म्स काफी ज्यादा कारगर साबित हो रहे हैं। किसी भी तरह का कंटेट आप यहां दिखा सकते है। आज के समय पर हमारे पास कई ओटीटी प्लेटफॉर्म्स मौजूद हैं। जिन पर हर हफ्ते अलग-अलग तरह की फिल्में और वेब सीरीज रिलीज होती रहती हैं।

ग्रहण: आपको बता दे कि इस हफ्ते ओटीटी प्लेटफॉर्म पर डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर 24 जून यानि की कल ग्रहण रिलीज होने जा रही है। यह वेब सीरीज ग्रहण एक क्राइम थ्रिलर सीरीज है। इस वेब सीरीज के ट्रेलर को लोगों द्वारा काफी ज्यादा पसंद किया गया था। यह काफी ज्यादा रोमांचक वेब सीरीज है।

धूप की दीवार: अगर हम बात करें वेब सीरीज ‘धूप की दीवार’ के बारे में तो वो भी इस हफ्ते रिलीज होती रहती हैं। शैलजा केजरीवाल, चीफ क्रिएटिव ऑफिसर, स्पेशल प्रोजेक्ट्स, जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने साझा किया। यह वेब सीरीज उन परिवारों की कहानी को दर्शाता है जो युद्ध के परिणामों का सामना करते हैं। और उनके संघर्षों और दुखों को उजागर करते है। यह वेब सीरीज ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर 25 जून को जी5 पर सभी वैश्विक बाजारों में रिलीज होगी।

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गॉडजिला सिंगुलर पॉइंट: आपको बता दे कि इस हफ्ते ओटीटी प्लेटफॉर्म पर एक ओर वेब सीरीज गॉडजिला सिंगुलर पॉइंट रिलीज हो रही है। यह वेब सीरीज 24 जून को रिलीज हो रही है। इस वेब सीरीज गॉडजिला सिंगुलर पॉइंट में आपको जबरदस्त एक्शन देखने को मिलेगी। इस वेब सीरीज में टाइटन्स नजर आएंगे।

डॉक्युमेंट्री सिस्टर्स ऑन ट्रैक: आपको बता दे कि इस हफ्ते ओटीटी प्लेटफॉर्म्स नेटफ्लिक्स पर एक ओर वेब सीरीज रिलीज होने वाली हैं। वेब सीरीज डॉक्युमेंट्री सिस्टर्स ऑन ट्रैक 24 जून को रिलीज हो रही है। डॉक्युमेंट्री सिस्टर्स ऑन ट्रैक में ब्रुकलिन में रहने वाली दो बहनों की कहानी को दिखाया गया। है ये दोनों बहने सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा मशहूर हुई थीं।

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सेहत

जाने कैसे कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने में मददगार है तुलसी का काढ़ा

तुलसी का काढ़ा कैसे फायदेमंद है कोरोना की 
तीसरी लहर के लिए


पिछले साल से फैला कोरोना वायरस आज भी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। कोरोना वायरस की दूसरी लहर की तबाही के बाद अब सभी लोगों को कोरोना वायरस की तीसरी लहर का डर सताने लगा है। अगर हम विशेषज्ञो की माने तो उनके अनुसार कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है इसलिए कोरोना की तीसरी लहर से अपने बच्चों को
बचाने के लिए अभी से माता पिता कोशिशों पर लगे हुए है। विशेषज्ञों ने जब से कोरोना की तीसरी लहर की
भविष्यवाणी की है जब से ही लोगों में डर और ज्यादा बढ़ गया है। जबकि अभी तक इस बात का कोई पुख्ता सबूत सामने नहीं आया है कि कोरोना की तीसरी लहर आएगी या नहीं। लेकिन विशेषज्ञों की भविष्यवाणी के अनुसार तीसरी लहर का शिकार बच्चें हो सकते है। इसलिए बच्चों को हिफाजत में रखना बेहद जरूरी है। बच्चों को इस बीमारी से बचाने के लिए उनकी इम्यूनिटी को स्ट्रॉन्ग करना बेहद जरूरी है। ताकि वो आसानी से इस बीमारी का सामना कर सकें। बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए बच्चों को तुलसी का काढ़ा पीलाएं। तो चलिए जानते है कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने में तुलसी का काढ़ा कैसे मददगार है।

जाने तुलसी के फायदों के बारे में

ये बात तो हम सभी लोग जानते है कि तुलसी अपने
औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है। औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी में विटामिन और खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। आपको बता दे कि तुलसी ना सिर्फ इम्यूनिटी को बूस्ट
करती है बल्कि साथ ही साथ कई बीमारियों का उपचार भी करती है। तुलसी के पत्तों का सेवन करके आप बुखार,पेट दर्द,
मलेरिया, दिल से जुड़ी बीमारियों और बैक्टीरियल से बच सकते है। इतना ही नहीं अगर आपको  सर्दी खांसी या फिर सिर
दर्द होता है तो भी आप तुलसी के सेवन से इनसे निजात पा सकते है। आप चाहे तो तुलसी का काढ़ा पीला कर अपने बच्चों की इम्यूनिटी को बूस्ट कर सकते है। साथ ही साथ आपको बता दे कि तुलसी की पत्तियों में
रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है। अगर कोई व्यक्ति इसका रोज सेवन करें तो उससे इसके कई सकारात्मक फायदे मिलेंगे।

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जाने कैसे बनाए तुलसी का काढ़ा

1. काली मिर्च

2. शहद

3. तुलसी की चार पत्तियां

4. अदरक के टुक्ड़े

आपको एक कटोरी में काली मिर्च, तुलसी की पत्तियों
और अदरक को एक साथ पीस लेना होगा। उसके बाद आपको एक कप पानी को उबालना होगा। और उसमे पीसी हुई काली मिर्च, तुलसी की पत्तियों और अदरक को डाल कर उबालना होगा। और उसके बाद शहद मिलाकर थोड़ा ठंडा होने के बाद अपने बच्चों को पिलाना होगा।

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लाइफस्टाइल

Shimla trip: अगर आप पहली बार शिमला घूमने जा रहे हैं, तो इन जगहों पर जाना न भूले

Shimla trip: शिमला की ये जगहें घूमने के लिए है बेहद खूबसूरत


Shimla trip: ये बात तो हम सभी लोग जानते है कि हमारे देश में घूमने फिरने की काफी सूंदर सूंदर जगहे हैं। जिन भी लोगों को घूमना फिरना पसंद है उन सभी लोगों को हमारा देश बहुत ज्यादा पसंद आता है। हमारे देश में कई जगह ऐसी है जहां पर हर साल काफी संख्या में पर्यटक घूमने फिरने आते हैं। कोई अपने दोस्तों के साथ घूमना पसंद करता है, तो कोई अपने पार्टनर के साथ ट्रिप पर जाता है। लेकिन जैसा की हम सभी लोग जानते है कि पिछले कुछ समय से कोरोना लॉकडाउन के कारण हम कही भी घूमने फिरने नहीं जा पा रहे हैं। लेकिन अभी हमारे देश में ज्यादातर राज्य अनलॉक की तरफ बढ़ रहे है जिसके कारण अब धीरे धीरे चीजों से पाबंदियो हट रही है। और ऐसे में उन लोगों के घूमने फिरने का प्लान बन रहा है जिन्हें घूमना फिरना बहुत ज्यादा पसंद होता है। अगर आप कभी शिमला नहीं गए और लॉकडाउन के बाद पहली बार शिमला घूमने का प्लान बना रहे है तो आप इन जगहों पर जा सकते है। वैसे तो पूरा ही शिमला बेहद खूबसूरत है लेकिन अगर आप पहली बार शिमला जा रहे है तो इन जगहों पर जाना न भूले।

नारकंडा: नारकंडा घूमने के लिए एक बेहद ही खूबसूरत जगह है। शिमला से नारकंडा की दूरी लगभग 60 किलोमीटर से है। शिमला से नारकंडा की इस दूरी को तय करने में 2 घंटे से ज्यादा का समय लगता है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये जगह काफी ऊंचाई पर स्थित है। यहाँ आपको बर्फबारी देखने को मिलती है। यहाँ आपको काफी सारे एडवेंचर करने को मिलते हैं।

और पढ़ें: अगर आप भी कर रहे है घर शिफ्ट करने का प्लान, तो शिफ्टिंग के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

Image source – Unsplash

जाखू मंदिर: आपको बता दे कि शिमला से जाखू मंदिर जाने में सड़क के रास्ते सिर्फ 20 मिनट का समय लगता है। इसके अलावा आप जाखू मंदिर मॉल रोड से रोपवे के जरिए भी जा सकते है। यहाँ जाने का अपना प्रति व्यक्ति किराय लगभग 250 रुपये है। आपको बता दे कि ये जाखू मंदिर हनुमान जी का मंदिर है, और यहां आपको हनुमान जी की 108 फीट ऊंची प्रतिमा देखने को मिलेगी।

कुफरी: अगर आप शिमला पहली बार गए है तो आप घूमने के लिए कुफरी जा सकते है यह घूमने के लिए बेहद ही खूबसूरत जगह है। कुफरी शिमला से महज 15 किलोमीटर की दुरी पर है। जिसके आप एक घंटे से कम समय में पार कर सकते है। यहाँ आपको सेब के बागान, घुड़सवारी, जीप की सवारी करने को मिलेगी।

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सेहत

जाने योग कोरोना के माइल्ड इंफेक्शन को दूर करने में कैसे है बेहद फायदेमंद

कोरोना के माइल्ड इंफेक्शन को दूर करने के लिए ये 3 योगासन है बेहद फायदेमंद


हर साल हमारे देश में 21 जून को अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर हर कोई सुबह उठकर योग करता है। योग को और उसके महत्व को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए साल 2015 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत की गई थी। इस साल सातवां अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। आज के समय में हम में से ज्यादातर लोगों की जिंदगी में योग एक अहम हिस्सा बन चुका है। जैसा की हम सभी लोग जानते है कि आज के समय में हमारा लाइफस्टाइल काफी ज्यादा भागदौड़ भरा हो गया है। इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हमे खुद को स्वस्थ बनाए रखने के लिए हम सभी लोगों को योग की आवश्कता पड़ती है। अभी चल रहे कोरोना काल में तो योग का महत्व पहले से और भी ज्यादा बढ़ गया है। कोरोना से ठीक होने के बाद भी योग ने लोगों को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कोरोना के माइल्ड इंफेक्शन को दूर करने में योग है बेहद फायदेमंद

क्या आपको पता है कोरोना के माइल्ड इंफेक्शन को दूर करने में योग बेहद फायदेमंद है सिर्फ हमने ही नहीं बल्कि मेडिकल एक्सपर्ट्स ने भी इस बात को माना है कि योग के द्वारा माइल्ड इनफेक्शन कॉम्प्लिकेशंस और पोस्ट इनफेक्शन कॉम्पेक्सिटी को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। इतना ही नहीं इसके साथ ही साथ नार्मल डे में भी योग इम्युनिटी बढ़ाने के साथ ही कोरोना से बचाव में भी हमारी मदद करता है। इसलिए उन योग व एक्सरसाइज टेक्नीक्स के बारे में जाने जो इंफेक्शन फेज, पोस्ट इंफेक्शन कॉम्प्लीकेशन फेज में शरीर को क्योर करने में हमारी मदद करते है।

अनुलोम-विलोम: आपको बता दे कि अनुलोम विलोम करते हुए नाक के एक नथुने से सांस छोड़ते हैं और फिर जिससे सांस छोड़ी है उसी से वापस सांस लेते है। अगर आप अनुलोम विलोम करना चाहते है तो इसके लिए सबसे पहले आपको अपनी सुविधानुसार पद्मासन, सिद्धासन, स्वस्तिकासन अथवा सुखासन में बैठना होगा। उसके बाद आपको अपने हाथ के अंगूठे से नासिका के दाएं छिद्र को बंद करना होगा। उसके बाद नासिका के बाएं छिद्र से 4 तक की गिनती में सांस भरें और उसके बाद दूसरे नासिका के छिद्र से छोड़ दे। आपको लगातार कुछ समय तक यह करते रहना है।

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कपालभाति: अगर आप रोजाना कपालभाति करते है तो इससे आपके फेफड़ों की क्षमता में सुधार आएगा। साथ ही साथ यह आपके सांस लेने के रास्ते से बलगम को साफ करता है और आपको राहत देता है। इसके लिए आपको सबसे पहले आराम से बैठना होगा उसके बाद अपनी कमर को सीधा और आँखे बंद करनी होगा। उसके बाद आपको अपनी हथेलियों को अपने घुटनों पर रखना होगा और नाक के द्वारा तेजी से सांस लेनी और छोड़नी होगी।

साई से आपको मिलती है राहत: आपको बता दे कि यह प्राणायाम का ही हिस्सा है। इसलिए यह ब्रीदिंग टेक्नीक कई मामलों में कारगर है। यह आपके शरीर में ऑक्सीजन के फ्लो को बढ़ाता है साथ ही साथ आपके शरीर को हल्का महसूस करने में मदद करता है। इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले आपको नाक के अंदर सांस भरनी है। उसके बाद आपको ज्यादा से ज्यादा सांस को अंदर लेने के बाद सांस छोड़ते हुए पाउट बनाना होगा। उसके बाद आपको अपने लिप्स को सिकोड़ कर एक चोंच जैसा बनाना होगा। उसके बाद आपको थोड़ी सी हा की आवाज के साथ सांस को बाहर छोड़ना होगा।

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.comगुड टच और बैड टच

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काम की बात करोना

कोरोना महामारी के बाद भी भारतीय शादियों में आ सकते है ये बदलाव

महामारी के कारण भारतीय शादियों में आए ये बदलाव


पिछले साल से फैला हुआ कोरोना वायरस आज भी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इसके कारण हम सभी लोगों  के जीवन में काफी ज्यादा बदलाव देखने को मिले है। इस कठिन समय ने हमें बहुत कुछ सिखाया है। इस पैनडेमिक में हम सभी लोगों ने छोटी छोटी चीजों में खुशियों के साथ रहना और ताम-झाम और भीड़-भाड़ से दूर रहना सीख लिया है।

इस पैनडेमिक में जिन भी लोगों ने शादी हुई है सभी लोगों ने अपने सारे बड़े-बडे़ अरमानों को भूलकर, जो उनसे संभव हुआ उसी में शादी की या फिर ये कहें बस शादी निपटाई। पिछले एक साल से हम सभी लोग कोरोना वायरस के साथ जी रहे है और आगे भी अभी इससे पूरी तरह निजात की गुंजाइश नज़र नहीं आ रही है, महामारी के कारण हमारे देश में शादियों में काफी ज्यादा बदलाव आए है। जिन्हें देखकर ऐसा लगता है कि इनमें से कुछ अब हमेशा रहेगा। तो चलिए जानते है कैसे महामारी के कारण भारतीय शादियों में बदलाव आए है।

बहुत कम लोगों के बीच शादी: ये बात तो हम सभी लोग जानते है कि महामारी के कारण अभी आम लोग हो या बॉलीवुड सितारे, सभी लोग बहुत कम लोगों के बीच शादी कर रहे है। अभी कुछ समय पहले ही बॉलीवुड अभिनेत्री यामी गौतम ने अपने परिवार वालों और करीबी रिस्तेदारों के बीच शादी की थी। वही अगर हम टीवी एक्टर अंकित गेरा की बात करें तो उनकी शादी में भी सिर्फ दस लोग  ही मौजूद थे।

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मास्क और सैनिटाइजर: शादियों में बहुत मुश्किल होता है कि पहले गेस्ट से मिलने से पहले उन्हें हैंड सैनिटाइज दिया जाए उसके बाद ही उन्हें आगे बढ़ने दिया जाए। पहले लोग अपने गेस्ट का मुस्कुराते चेहरे के साथ स्वागत करते थे लेकिन अब मास्क के कारण मुस्कुराते चेहरे के साथ लोगों के स्वागत वाली बात भी नहीं रहेगी।

लोगों को ग्रीट करने का तरीका: अब समय पहले जैसा नहीं रहा। पहले लोग दूल्हे के परिवार वालों को गले लगाकर उनका स्वागत करते थे लेकिन अब चीजे बदल गई है। अब आपको दूल्हे के परिवार वालों को नमस्ते, खम्मा घणी, आदाब के साथ उनका स्वागत करना होगा। हमारे देश में पहले कई जगहों पर संबंधी मिलन का चलन था जिसमे दरवाजे पर बारात लगने के बाद दूल्हा और दुल्हन दोनों के पिता, ताऊ, मामा, मौसा आपस में गले मिलते थे। लेकिन अब इस महामारी के कारण ये सब नहीं हो पायेगा।

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लाइफस्टाइल सेहत

अगर फिट रहने के लिए आप घर पर कर रहे है ट्रेडमिल वर्कआउट, तो इन बातों का रखें ध्यान

ट्रेडमिल वर्कआउट के दौरान इन बातों का ध्यान रखें


 

पिछले साल से फैला हुआ कोरोना वायरस आज भी रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है इस कोरोना वायरस ने लाखों लोगों की जान ले ली है। अभी इस कोरोना महामारी की दूसरी लहर चल रही है जो की पहली वाली से भी ज्यादा खतरनाक है। इस कोरोना महामारी के कारण ही लम्बे समय से जिम, स्कूल, कॉलेज सभी चीजे बंद हैं। जिसके कारण सभी लोगों को काफी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से जिम बंद होने के कारण कई लोगों ने अपने घरों पर ही वर्कआउट करना शुरू कर दिया है। कई लोग तो ऐसे भी है जिन्होंने इस कोरोना काल में अपने घर पर ही एक छोटा जिम तैयार कर लिया है ताकि उनके वर्कआउट सेशन्स में कोई दिक्कत न आए। जो भी लोगों ने अपने घर पर नया नया जिम तैयार करते है वो अपने घर पर ही कसरत करना शुरू करते है। वो लोग अक्सर ट्रेडमिल वर्कआउट को ज्यादा तवज्जो देते हैं क्योंकि उसके अपने अलग फायदे भी हैं। तो चलिए आज जानते है अगर आप ट्रेडमिल वर्कआउट शुरू करने जा रहे है तो आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1. घर पर जिम तैयार करने के लिए जरूरी नहीं है कि हर व्यक्ति नया ही ट्रेडमिल खरीदे। कई लोग सेकंड हैंड यानी की पुराना ट्रेडमिल भी खरीदते हैं। ऐसे लोगों के लिए बहुत जरूरी है कि वो ये सेकंड हैंड ट्रेडमिल खरीदने से पहले इसके मोटर और शॉकर को अच्छे से एक बार देख लें। ताकि आगे चलकर उनको कोई परेशानी न हो।

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2. जो भी लोग घर पर नया जिम तैयार करते है उन्हें कभी भी कसरत करने के लिए सीधा ट्रेडमिल पर नहीं चढ़ना चाहिए। क्योंकि ये आपको परेशानी में डाल सकता है। कसरत के दौरान हमारे घुटनों पर जोर पड़ता है। इसलिए अगर आप ट्रेडमील एक्सरसाइज करने जा रहे हैं तो कोशिश करें कम से कम 10 मिनट का वर्कआउट सेशन तो पहले ही कर ही लें

3. आपको एक्सरसाइज करते हुए ट्रेडमिल से डरना नहीं चाहिए। ऐसा करने से आपका पोश्चर प्रभावित होगा साथ ही साथ आपके घुटने, पैरों या शरीर के किसी भी अन्य अंग पर चोट लग सकती है। इसलिए आपको सेफ्टी बार को पूरी तरह और पूरे समय पकड़ कर कसरत नहीं करना चाहिए।

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काम की बात करोना

कोरोना से जंग के लिए इन देशों ने शुरू किया बच्चों का टीकाकरण, जाने भारत में कब से शुरू होगा

जाने क्यों बच्चों को टीकाकरण से बाहर रखा गया है


पिछले साल से फैला हुआ कोरोना वायरस आज भी रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है पहले कोरोना की पहली लहर आई जिसमे लाखों लोगों की जान चली गयी। उसके बाद लोगों को लगा साल 2021 में उन्हें इस कोरोना वायरस से छुटकारा मिलेगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। इस साल भी कोरोना वायरस ने अपना कहर बरकरार रखा। इस बार हम सभी लोगों को कोरोना की दूसरी लहर का सामना करना पड़ा है कोरोना महामारी की दूसरी लहर पहली वाली से भी ज्यादा खतरनाक है। इस कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान लोगों को वायरस में म्यूटेशन के कारण कोविड-19 से संबंधित कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा था। कोरोना की इस दूसरी लहर में सभी उम्र के लोगों में इसके लक्षण देखने को मिले थे। लेकिन इन सबके बीच अच्छी बात यह है कि अभी कोरोना की दूसरी लहर का असर लगभग थमता सा दिख रहा है। अब लोगों के मन में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर कई तरह के सवाल आ रहे है। कई रिपोर्ट्स ये दावा कर रही है कि तीसरी लहर का असर बच्चों में अधिक देखने को मिल सकता है। अगर हम विशेषज्ञों की माने तो उनके अनुसार वैक्सीनेशन ही इसका एकमात्र उपाय है जो लोगों को संभावित तीसरी लहर से सुरक्षित कर सकता है तो चलिए जानते है क्यों अभी देश में बच्चों को टीकाकरण से बाहर रखा गया है।

जाने किन देशों में बच्चों को दी जा रही है वैक्सीन

आपको बता दे कि अमेरिका में सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की अनुमति मिलने के बाद मई के मध्य से ही 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को फाइजर वैक्सीन देने की शुरुआत की जा चुकी है। सिर्फ अमेरिका ही नहीं बल्कि कनाडा, जापान, चिली और इटली ने भी 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों को फाइजर वैक्सीन लगाने की मंजूरी दे दी है। जबकि अभी दुबई और फिलीपींस ने सिर्फ आपातकालीन उपयोग के लिए इस वैक्सीन को मंजूरी दे दी है।

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जाने फाइजर वैक्सीन बच्चों के लिए कितनी असरदार है

आपको बता दे कि हाल ही में न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक नए अध्ययन के अनुसार ‘वैज्ञानिकों ने फाइजर वैक्सीन के टीकाकरण वाले बच्चों में काफी असरदार प्रभाव देखे हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार फाइजर वैक्सीन के दोनों डोस लेने के बाद बच्चों में वैक्सीन की प्रभाविकता 100 फीसदी के करीब देखी गई है। वैज्ञानिकों द्वारा 2,260 बच्चों पर किए गए अध्ययन में पाया कि फाइजर वैक्सीन लेने के बाद बच्चों में इसके अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं।

जाने भारत में कब से शुरू होगा बच्चों का टीकाकरण

आपको बता दे कि भारत में वैक्सीन डे से ही बायोटेक ने बच्चों पर परीक्षण करना शुरू किया है। वही दूसरी तरफ कुछ मीडिया रिपोर्टस में दावा किया है कि जाइडस कैडिला कंपनी को भी बच्चों के वैक्सीन निर्माण करने का काम मिल सकता है। वही कुछ रिपोर्टस का दावा है कि फाइजर ने हमारे देश में अपनी वैक्सीन लाने के लिए भारतीय सरकार के साथ बातचीत की।  जिससे की अन्य देशों की तरह हमारे देश में भी बच्चों का टीकाकरण हो सकें। अभी भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया का कहना है कि हमारे देश में भी बच्चों की वैक्सीन सितंबर-अक्टूबर तक उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है।

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जानें आज के समय पर सादगी से शादी करना क्यों बन गया है नया ट्रेंड

कोविड 19 के कारण लोग करने लगे है सादगी से शादी


हमारे देश में शादियां किसी त्योहार से कम नहीं होती। हमारे देश की शादी में सैकड़ों की भीड़ होना आम बात है साथ ही डीजे की धमक पर थिरकते लोग व देर रात तक झूमते हुए बरात को लेकर लड़की के घर पहुंचते है वहां डेरों रस्मों के साथ शादी सम्पन कर लड़की को अपने घर ले कर आते है।

लेकिन चीन में घातक कोरोना वायरस के कारण मानों इन खुशियों पर तो ग्रहण लग गया है। कोरोना लॉकडाउन के कारण बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को बिलकुल सादगी के बीच सात फेरे लेकर शादी को सम्पन करना पड़ रहा है। लेकिन इन सबके बीच उन लोगों को काफी ज्यादा सुकून मिल रहा है जिन लोगों के पास इतने धूम धाम के साथ शादी कराने के पैसे नहीं है। तो चलिए आज बात करते है कैसे कोरोना लॉकडाउन के कारण सादगी से शादी करना एक नया ट्रेंड बन गया है।

अब शादियों में लोगों के चेहरों पर खुशियां नहीं बल्कि मास्क नजर आता है

हर साल हमारे देश में नवरात्र के बाद से शादी की मुहर्त तेजी से शुरू हो जाते है। एक बार लगन शुरू होने की देर होती है उनके बाद घरों में शादी कि तैयारियां जोर शोर से शुरू हो जाती है। लेकिन जैसा कि हम देख रहे है कि पिछले साल से ही कोरोना वायरस के कारण लोग धूम धाम से शादी नहीं कर पा रहे है।

जो लोग शादियों में आ भी रहे है। वो लोग शादी में खुशियां मनाने की जगह अपने चेहरे पर मास्क लगाकर दूर दूर से ही मुस्करा कर खुशियों का इजहार कर रहे है। दूल्हे राजा के मन में शादी को लेकर जितनी खुशियां है उनके साथ ही साथ उनके दिल में कोरोना संक्रमण को लेकर डर भी बना हुआ है। कही ऐसा न हो जाएं कोई संक्रमित व्यक्ति सबको अपनी चपेट में लेकर संक्रमण को बढ़ा दे।

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सिर्फ आम लोग नहीं बल्कि बॉलीवुड सेलेब्स भी कर रहे है सादगी से शादी

हमारे देश में अगर बॉलीवुड फिल्मों से ज़्यादा कुछ ग्रैंड होता है तो वो है बॉलीवुड सेलेब्स की शादियां। बॉलीवुड सेलेब्स की शादियां 5-स्टार या 7-स्टार होटल होना एक आम बात है। उनके हर फंक्शन 5-स्टार या 7-स्टार से कम के होटल में नहीं होते। कोई बॉलीवुड सेलिब्रिटी अपने मेहमानों को लाने के लिए प्राइवेट जेट्स का इस्तेमाल करता है तो कोई खूबसूरत टस्कन वेडिंग करता है हर सेलिब्रिटी के लिए अपनी शादी पर कई फंक्शन और 4, 5 रिसेप्शन का आयोजन करना आम बात होती है।

लेकिन उसके बीच कई ऐसे सितारे भी है जिन्होंने अपनी लाइफ के सबसे खास दिन को बिलकुल सिंपल और प्राइवेट रखा। उन्होंने अपनी फॅमिली और कुछ दोस्तों के साथ सादगी से शादी की।

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अनलॉक में न भूले कोरोना के इन बेसिक नियमों को

अनलॉक के दौरान बचें ये गलतियों दोहराने से


पिछले साल से फैला कोरोना वायरस आज भी रुकने का नाम नहीं ले रहा है अभी हमारे देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर चल रही है। इस दौरान एक दिन में चार लाख से अधिक कोरोना के मामलों दर्ज किए गए थे। दूसरी लहर के वक्त कुछ ऐसी तस्वीरें निकल कर सामने आईं, जिन्हें देख कर सभी लोग सहम गया। कुछ दिन पहले ही हमे सांसों के लिए तरसते लोग, ऑक्सीजन की भारी कमी, जरूरी दवाओं की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी और अस्पतालों में बेड की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि अच्छी बात ये है कि अभी लगातार कोरोना के मामले कम होने लगे हैं। जिसके कारण कई राज्यों ने अनलॉक की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लेकिन हमें विशेषज्ञों की बात भूलनी नहीं चाहिए। कोरोना की दूसरी लहर के बीच कुछ विशेषज्ञों ने कहा था कि कोरोना की तीसरी लहर का आना तय है। लेकिन अगर हम सुरक्षा मानदंडों का पालन करें और कुछ गलतियों को न दोहराएं तो शायद तीसरी लहर का प्रभाव कम होगा। तो चलिए जानते है उन गलतियों के बारे में जिन्हे हमे नहीं दोहराना चाहिए।

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अपनी जिम्मेदारी को भूले न

ये बात तो हम सभी लोग जानते है कि कोरोना के दौरान मास्क पहनना और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है यह हमें कोरोना से बचने में मदद करता है। लेकिन जैसे की अभी लगातार कोरोना के मामले कम होने लगे हैं। ऐसे में हमे सैनिटाइजर का इस्तेमाल और मास्क पहनना बिल्कुल भी नहीं भूलना चाहिए। हमें सभी लोगों को विशेषकर अपने परिवार वालों और दोस्तों को सावधान रहने के लिए कहना चाहिए। एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक होने के नाते हमें उन लोगों में जागरूकता फैलानी चाहिए, जिन्हें हम जानते हैं।

डॉक्टर से समय समय पर संपर्क करते रहें

आपने देखा होगा कि अक्सर लोग ख़ासी बुखार होने पर खुद दवा ले लेते है ये लोगों की सबसे बड़ी गलती होती है। लोगों को समझना चाहिए कि उन्हें स्वयं दवा नहीं लेनी चाहिए। कई केसों में ऐसा भी देखा गया है कि जब तक एक कोविड रोगी को बीमारी की गंभीरता का पता चलता है तब तक बहुत देर हो जाती है क्योंकि समय रहते वो बीमारी की गंभीरता से समझने में असफल रहता है वो डॉक्टर से जब तक संपर्क नहीं करता जब तक उससे डॉक्टर की बहुत ज्यादा आवश्यक न हो। लेकिन आपको बता दें कि हमेशा डॉक्टर के संपर्क में रहना और अपने स्वास्थ्य को अपडेट करना हमेशा अच्छा होता है। ताकि डॉक्टर आपको बता सकें कि आपके लिए क्या सही है।

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देश में यलो फंगस का अटैक, जानें क्या है इसके लक्षण

जाने क्या है ये यलो फंगस, कैसे है और से ज्यादा खतरनाक


जैसा की हम अभी लोग जानते हैं कि पिछले साल से ही पूरी दुनिया कोरोना वायरस महामारी को झेल रही है इस महामारी के कारण लाखों लोगों की जान तक चली गई। अभी दुनिया इस कोरोना वायरस महामारी से उभर नहीं पायी थी कि ब्‍लैक फंगस और व्‍हाइट फंगस शुरू हो गया। इतना ही नहीं ब्‍लैक फंगस और व्‍हाइट फंगस के बाद तो अभी हमारे देख में यलो फंगस भी अटैक कर चुका है। यलो फंगस का पहला मामला गाजियाबाद में देखने को मिला था। खबरों की माने तो यलो फंगस को ब्‍लैक और व्‍हाइट फंगस से ज्‍यादा खतरनाक बताया जा रहा है। गाजियाबाद के जिस मरीज में यलो फंगस पाया गया है उनकी उम्र महज 34 साल है और वो पहले कोरोना से भी संक्रमित हो चुका था साथ ही साथ वो मरीज डाइबिटीज से भी पीड़ित है।

जाने क्या है ये यलो फंगस

आपको बता दे कि यलो फंगस, ब्‍लैक और व्‍हाइट फंगस से ज्यादा खतरनाक है। यलो फंगस को घातक बीमारियों में से एक माना जा रहा है। यलो फंगस पहले मरीज को अंदर से कमजोर करता है उसके बाद मरीज को सुस्‍ती आना, कम भूख लगना या फिर बिल्‍कुल भूख खत्‍म होने की शिकायत आने लगती है। इतना ही नहीं यलो फंगस जब जिस व्यक्ति को होता है तो उसका वजन लगातार कम होने लगता है। और धीरे धीरे ये काफी ज्यादा घातक हो जाता है। अगर किसी मरीज को पहले से कही पर भी कोई चोट लगी हो या कटा हो तो उस जगह से मवाद का रिसाव होने लगता है। उसके बाद मरीज का घाव काफी धीमी गति से ठीक होता है। इस दौरान मरीज की आंखें अंदर की तरफ धंस जाती हैं और शरीर के कई अंग काम करना बंद कर देते है।

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जाने यलो फंगस होने पर क्या करें

अगर किसी व्यक्ति को काफी समय से काफी ज्यादा सुस्‍ती आ रही हो या बहुत कम भूख लग रही हो तो या फिर उसका खाने का बिलकुल भी मन न करता हो तो उससे आपको बिलकुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जितना जल्दी हो सकें आपको व्यक्ति को डॉक्टर के पास लेकर जाना चाहिए। यलो फंगस का इलाज amphoteracin b इंजेक्शन है। जो कि एक ब्रॉड स्पेक्ट्रम एंटीफ़ंगल है।

जाने क्यों फैलता है यलो फंगस

आपको बता दें कि अभी तक की जानकारी के अनुसार लोगों में यलो फंगस गंदगी के कारण फैलता है। इसलिए आपको अपने घर के आस पास सफाई रखनी चाहिए। और जितना हो सके अपना और अपने घर वालों का ध्यान रखना चाहिए। अपने घर और अपने आस पास सफाई रख कर आप फंगस से छुटकारा पा सकते है। पुराने खाद्य पदार्थों को अपने घर से जल्द से जल्द हटाने से भी आप इस खतरनाक फंगस से बचा सकते है।

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