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Fifa World Cup 2026: फ्रांस का दमदार प्रदर्शन, मोरक्को को 2-0 से हराकर World Cup 2026 के सेमीफाइनल में बनाई जगह

Fifa World Cup 2026, फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टरफाइनल में फ्रांस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्यों उसे टूर्नामेंट का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

Fifa World Cup 2026 : पेनल्टी मिस के बाद एमबापे का जोरदार कमबैक, फ्रांस ने मोरक्को का सपना तोड़ा

Fifa World Cup 2026, फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टरफाइनल में फ्रांस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्यों उसे टूर्नामेंट का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। कप्तान किलियन एमबापे ने मैच की शुरुआत में पेनल्टी मिस कर दी, लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए गोल और असिस्ट दोनों किए। फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हराकर लगातार तीसरी बार विश्व कप के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।

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शुरुआत में मिला झटका

बोस्टन में खेले गए इस मुकाबले में फ्रांस ने शुरुआती मिनटों से ही आक्रामक खेल दिखाया। टीम को पहले हाफ में पेनल्टी मिली और सभी की निगाहें किलियन एमबापे पर थीं। हालांकि, मोरक्को के गोलकीपर यासीन बुनू ने शानदार बचाव करते हुए एमबापे की पेनल्टी रोक दी। इस मिस के बाद ऐसा लगा कि फ्रांस पर दबाव बढ़ जाएगा, लेकिन टीम ने अपना संयम बनाए रखा।

दूसरे हाफ में बदला मैच का रंग

पहले हाफ में गोल नहीं होने के बाद फ्रांस ने दूसरे हाफ में अपनी गति तेज कर दी। 60वें मिनट में एमबापे ने बॉक्स के बाहर से शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर गेंद को नेट में पहुंचाया और फ्रांस को 1-0 की बढ़त दिला दी। पेनल्टी मिस करने के बाद यह गोल उनके आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती का बेहतरीन उदाहरण था।

डेम्बेले ने जीत पर लगाई मुहर

एमबापे के गोल के महज छह मिनट बाद फ्रांस ने दूसरा गोल भी दाग दिया। इस बार एमबापे ने शानदार मूव बनाया और उनकी पहल पर तैयार हुए आक्रमण को उस्मान डेम्बेले ने गोल में बदल दिया। 66वें मिनट में हुए इस गोल के बाद फ्रांस ने मैच पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया। मोरक्को की टीम वापसी करने में असफल रही और फ्रांस ने आराम से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

मोरक्को का संघर्ष नहीं आया काम

2022 विश्व कप की सेमीफाइनलिस्ट मोरक्को से इस बार भी बड़े प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन टीम पूरे मुकाबले में आक्रामक नजर नहीं आई। प्रमुख खिलाड़ी इस्माइल साइबारी की गैरमौजूदगी का असर साफ दिखाई दिया। मोरक्को ने कुछ मौके जरूर बनाए, लेकिन फ्रांस की मजबूत डिफेंस और गोलकीपिंग के सामने वे सफल नहीं हो सके। आंकड़ों के अनुसार, पूरे मैच में मोरक्को का आक्रमण काफी कमजोर रहा।

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एमबापे ने रचा नया रिकॉर्ड

इस मुकाबले में किलियन एमबापे ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। 27 वर्ष की उम्र में उन्होंने फ्रांस के लिए विश्व कप में 20 मैच खेलने का रिकॉर्ड अपने नाम किया और ह्यूगो लॉरिस की बराबरी कर ली। इसके अलावा टूर्नामेंट में उनका यह आठवां गोल रहा, जिससे उन्होंने गोल्डन बूट की दौड़ में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली।

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डिफेंस ने भी निभाई अहम भूमिका

फ्रांस की जीत में सिर्फ एमबापे ही नहीं, बल्कि पूरी टीम का योगदान रहा। डिफेंस ने मोरक्को के हमलों को लगातार विफल किया। दायोत उपामेकानो और उनके साथी खिलाड़ियों ने शानदार रक्षात्मक प्रदर्शन करते हुए लगातार तीसरे नॉकआउट मुकाबले में क्लीन शीट बरकरार रखी। मिडफील्ड ने भी गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और विपक्षी टीम को ज्यादा अवसर नहीं दिए।

कोच डिडिएर डेशां ने की टीम की तारीफ

मैच के बाद फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेशां ने खिलाड़ियों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि टीम ने पेनल्टी मिस होने के बाद भी धैर्य नहीं खोया और पूरे मैच में अनुशासन के साथ खेला। डेशां ने कहा कि सेमीफाइनल तक पहुंचना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन टीम का लक्ष्य अभी विश्व कप ट्रॉफी जीतना है।

मोरक्को के कोच ने स्वीकार की हार

मोरक्को के कोच मोहम्मद उआहबी ने हार के बाद माना कि फ्रांस इस मुकाबले में बेहतर टीम साबित हुई। उन्होंने कहा कि उनकी टीम ने पूरा प्रयास किया, लेकिन फ्रांस की गुणवत्ता और अनुभव के सामने वे टिक नहीं सके। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि 2030 विश्व कप में मोरक्को और भी मजबूत प्रदर्शन करेगा।

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अब किससे होगा फ्रांस का मुकाबला?

इस जीत के साथ फ्रांस ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है। अब उसका सामना स्पेन और बेल्जियम के बीच होने वाले क्वार्टरफाइनल मुकाबले के विजेता से होगा। यदि फ्रांस अगला मुकाबला भी जीतता है तो वह लगातार तीसरी बार फीफा विश्व कप के फाइनल में पहुंचने का इतिहास रच देगा।

जीत के बाद एमबापे का बयान

मैच के बाद एमबापे ने कहा कि पेनल्टी मिस होने के बाद उन्होंने खुद पर भरोसा बनाए रखा। उन्होंने कहा कि फुटबॉल में गलतियां होती हैं, लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि खिलाड़ी वापसी कैसे करता है। उन्होंने टीम के सामूहिक प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि अभी असली चुनौती बाकी है और सभी खिलाड़ियों का ध्यान अब सेमीफाइनल पर है। फ्रांस ने एक बार फिर दिखाया कि दबाव की परिस्थितियों में वह कितना मजबूत खेल सकता है। किलियन एमबापे ने पेनल्टी मिस करने के बावजूद शानदार वापसी करते हुए गोल और असिस्ट दोनों किए तथा टीम को 2-0 की जीत दिलाई। इस जीत के साथ फ्रांस लगातार तीसरी बार विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंच गया है और खिताब जीतने की उसकी उम्मीदें पहले से कहीं ज्यादा मजबूत दिखाई दे रही हैं। वहीं मोरक्को का यादगार सफर क्वार्टरफाइनल में समाप्त हो गया, लेकिन टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अपने जुझारू प्रदर्शन से दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों का दिल जरूर जीता।

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