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Bihar Politics News:  शिवचंद्र राम के इस्तीफे पर RJD में बवाल! तेज प्रताप ने खोला मोर्चा; मांझी ने भी साधा निशाना

Bihar Politics News:  बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम के इस्तीफे ने राष्ट्रीय जनता दल में सियासी हलचल बढ़ा दी है। तेज प्रताप यादव ने उनका समर्थन किया, जबकि जीतन राम मांझी ने भी राजद नेतृत्व पर हमला बोला।

Bihar Politics News:  शिवचंद्र राम के इस्तीफे से बढ़ी RJD की मुश्किलें, तेज प्रताप और मांझी ने साधा निशाना

Bihar Politics News: बिहार विधान परिषद चुनाव 2026 से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने पार्टी नेतृत्व पर उपेक्षा और वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। उनके इस फैसले के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और विपक्षी नेताओं को भी राजद पर हमला करने का मौका मिल गया है।

भावुक हुए शिवचंद्र राम, लगाए गंभीर आरोप

अपने इस्तीफे की घोषणा के दौरान शिवचंद्र राम भावुक नजर आए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि पार्टी में लंबे समय तक काम करने के बावजूद उन्हें उचित सम्मान नहीं मिला। उन्होंने नेतृत्व पर वादाखिलाफी और लगातार उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उनके इस्तीफे को बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले राजद के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

तेज प्रताप यादव ने किया समर्थन

शिवचंद्र राम के इस्तीफे के बाद सबसे चौंकाने वाली प्रतिक्रिया तेज प्रताप यादव की ओर से आई। जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए शिवचंद्र राम के पक्ष में खुलकर समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि शिवचंद्र राम ने वर्षों तक संगठन और समाज के लिए समर्पित भाव से काम किया है। संत रविदास के विचारों को आगे बढ़ाने वाले नेता के साथ ऐसा व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है। तेज प्रताप ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी शिवचंद्र राम के सम्मान और संघर्ष की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रहेगी।

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मांझी ने भी RJD पर बोला हमला

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने भी इस मुद्दे पर राजद नेतृत्व को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति और जनजाति की जमीनों पर सबसे अधिक अवैध कब्जे राजद नेताओं द्वारा किए गए हैं। मांझी ने कहा कि जो लोग गरीबों और दलितों की जमीन तक नहीं छोड़ते, उनसे न्याय की उम्मीद करना बेकार है। उन्होंने शिवचंद्र राम के समर्थन में खड़े होने की बात भी कही।

विधान परिषद चुनाव से पहले बढ़ी सियासी चुनौती

राजद पहले ही बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर रणनीति बनाने में जुटा है। ऐसे समय में शिवचंद्र राम का इस्तीफा और उस पर तेज प्रताप यादव तथा जीतन राम मांझी की प्रतिक्रियाएं पार्टी के लिए नई चुनौती बन सकती हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति को और अधिक गर्मा सकता है। खासकर तब, जब विधानसभा चुनावों से पहले विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों अपनी-अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हुए हैं।

बिहार की राजनीति में छिड़ी नई बहस

शिवचंद्र राम के इस्तीफे ने सिर्फ राजद के अंदरूनी हालात पर सवाल नहीं खड़े किए हैं, बल्कि दलित नेतृत्व, संगठन में सम्मान और राजनीतिक भविष्य को लेकर भी नई बहस शुरू कर दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि राजद नेतृत्व इस पूरे विवाद पर क्या रुख अपनाता है।

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