Hindi News Today: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की सुरक्षा सोच, H-1B वीज़ा में देरी से जूझते भारतीय प्रोफेशनल्स और मध्य-पूर्व में बढ़ता सैन्य तनाव एक साथ सुर्खियों में
Hindi News Today: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की नई सुरक्षा सोच, H-1B वीज़ा देरी से जूझते भारतीय और ईरान तनाव के बीच अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर की तैनाती — जानिए आज की तीन अहम अंतरराष्ट्रीय खबरें।
Hindi News Today :अमेरिका की रणनीति, भारतीयों की मुश्किलें और ईरान तनाव, दुनिया की तीन बड़ी खबरें
Hindi News Today दुनिया में एक साथ कई अहम घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। अमेरिका ने ग्रीनलैंड को अपनी मिसाइल सुरक्षा रणनीति के लिए बेहद जरूरी बताया है। वहीं H-1B वीज़ा में देरी से भारतीय प्रोफेशनल्स पर आर्थिक और कानूनी दबाव बढ़ रहा है। दूसरी ओर, ईरान तनाव के बीच अमेरिका ने क्षेत्र में अपना एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात कर दिया है।
अमेरिका की रणनीति से लेकर भारतीयों की परेशानी तक
दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आज तीन ऐसी खबरें सामने आई हैं, जिनका असर वैश्विक राजनीति, सुरक्षा और आम लोगों की जिंदगी से जुड़ा हुआ है। अमेरिका की रक्षा नीति, भारतीय प्रोफेशनल्स की चुनौतियां और मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव तीनों ही मुद्दे चर्चा में हैं।
अमेरिका के लिए ग्रीनलैंड क्यों बन गया रणनीतिक केंद्र?
अमेरिका ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम बताया है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक रूस की मिसाइल क्षमताओं के बढ़ते खतरे के बीच ग्रीनलैंड अमेरिका के “गोल्डन डोम डिफेंस सिस्टम” का अहम हिस्सा बन सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियां आने वाले समय में बड़ी भू-राजनीतिक चुनौती बन सकती हैं।
H-1B वीज़ा में देरी से भारतीयों पर बढ़ा दबाव
अमेरिका में काम कर रहे हजारों भारतीय प्रोफेशनल्स H-1B वीज़ा की भारी देरी से परेशान हैं। 182 दिनों से अधिक की प्रोसेसिंग डिले के कारण नौकरी की सुरक्षा, टैक्स नियमों और लीगल स्टेटस को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
इस स्थिति का असर सिर्फ कर्मचारियों पर ही नहीं, बल्कि उन अमेरिकी कंपनियों पर भी पड़ रहा है जो विदेशी टैलेंट पर निर्भर हैं।
ईरान तनाव के बीच अमेरिका का बड़ा सैन्य कदम
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिका ने अपने अत्याधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन को क्षेत्र में तैनात किया है। इस कैरियर के साथ F-35 जैसे आधुनिक फाइटर जेट्स भी भेजे गए हैं।
विश्लेषकों के अनुसार यह कदम ईरान को कड़ा संदेश देने और क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाए रखने की कोशिश माना जा रहा है।
निष्कर्ष
इन तीनों खबरों से साफ है कि दुनिया एक बार फिर सुरक्षा, राजनीति और वैश्विक अस्थिरता के दौर से गुजर रही है। चाहे अमेरिका की रक्षा रणनीति हो, भारतीय प्रोफेशनल्स की मुश्किलें हों या मध्य-पूर्व का तनाव आने वाले समय में इनका असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखने को मिल सकता है।
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