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Early detection of cervical cancer: सही जानकारी और जांच से टल सकता है महिलाओं का यह गंभीर कैंसर

Early detection of cervical cancer:सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में चौथा सबसे सामान्य कैंसर है और इसे रोकना संभव है। जानिए सर्वाइकल कैंसर के कारण, लक्षण तथा रोकथाम के दो प्रभावी उपाय जिन्हें अपनाकर जीवन-रक्षक अंतर हो सकता है।

Early detection of cervical cancer:कारण, रोकथाम और बचाव के प्रभावी तरीके

Early detection of cervical cancerदुनिया भर में महिलाओं में चौथा सबसे आम कैंसर सर्वाइकल कैंसर है, लेकिन अच्छी बात यह है कि इसे रोका जा सकता है। सही समय पर HPV वैक्सीन और नियमित जांच से इस बीमारी का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है। जागरूकता और शुरुआती पहचान महिलाओं के जीवन को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाती है।

महिलाओं में चौथा सबसे आम कैंसर और इसे कैसे रोका जा सकता है

दुनिया भर में महिलाओं में होने वाले चौथे सबसे आम कैंसर का नाम सर्वाइकल कैंसर है  जो गर्भाशय के निचले हिस्से (सर्विक्स) में विकसित होता है और गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बन सकता है। अच्छी खबर यह है कि इस कैंसर को काफी हद तक हम रोक सकते हैं, पहचान सकते हैं और इलाज कर सकते हैं, खासकर शुरुआती चरणों में।

सर्वाइकल कैंसर क्या है?

सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय का वह हिस्सा है जो योनि को जोड़ता है। जब यहां की कोशिकाओं में एचपीवी (HPV) जैसे वायरस के कारण असामान्य वृद्धि होती है, तो यह कैंसर का रूप ले सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर दुनिया भर में महिलाओं में चौथे सबसे सामान्य कैंसर के रूप में दर्ज होता है और यदि जल्दी पहचान लिया जाए तो इसका इलाज संभव है।

दो मुख्य तरीके जिससे इस कैंसर को रोका जा सकता है

1. HPV वैक्सीन (टीका) लगवाना

एचपीवी वैक्सीन महिलाओं को उस वायरस से सुरक्षा प्रदान करती है जो सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि युवा उम्र में HPV वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए, ताकि वायरस संक्रमण से बचाव संभव हो सके।

2. नियमित स्क्रीनिंग और जांच

एक और प्रभावी तरीका है नियमित स्क्रीनिंग  जैसे पाप स्मीयर टेस्ट और डॉक्टर द्वारा सुझाई गई अन्य जांच। पाप स्मीयर टेस्ट से शुरुआती परिवर्तन पकड़े जा सकते हैं, जिससे समय रहते इलाज कर कैंसर को विकास से रोका जा सकता है।

विशेष रूप से 21 वर्ष और उससे ऊपर की महिलाओं को समय-समय पर स्क्रीनिंग करवाना चाहिए। 30 से 65 वर्ष की आयु के बीच एचपीवी टेस्ट भी किया जा सकता है, जैसा कि डॉक्टर सलाह देंगे।

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क्यों जागरूकता जरूरी है?

भारत और दुनिया भर में सर्वाइकल कैंसर के मामलों का बढ़ना चिंता का विषय है, लेकिन यह कैंसर अक्सर रोकने योग्य भी है। WHO के आंकड़ों के अनुसार, HPV संक्रमण ही लगभग सभी मामलों का कारण है, और यदि यह समय रहते समझ लिया जाए तो बीमारी को रोकना या इलाज करना संभव है।

प्लानिंग और जागरूकता से महिलाएं न सिर्फ़ अपने स्वास्थ्य को बचा सकती हैं, बल्कि पूरे समुदाय में कैंसर के बोझ को कम करने में योगदान दे सकती हैं।

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निष्कर्ष

सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में चौथा सबसे आम कैंसर है लेकिन इसे दो सरल कदमों  HPV वैक्सीन और नियमित स्क्रीनिंग से काफी हद तक रोका जा सकता है। सही जानकारी, समय पर जांच और इलाज से यह बीमारी जीवन-रक्षक रूप से नियंत्रित की जा सकती है।

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