इन्सोमनिया की बीमारी ले सकती है आपकी जान 

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Insomnia

जानें इन्सोमनिया की बीमारी क्या है ?


कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री दिवगंत नारायण तिवारी के बेटे रोहित शेखर  तिवारी के हत्याकांड मामले मे उनकी पत्नी  को दोषी करार किया गया है. बताया जाता है की रोहित इन्सोमनिया नाम की बीमारी से पीड़ित थे. बदलती  जीवनशैली और ज़िन्दगी के बीच ये बीमारी लोगो को रोगी बनाती जा रही है.आइये जानते है की क्या होती है ये बीमारी और क्या होता है इसका इलाज़ ?

इन्सोमनिया क्या है ?

इन्सोमनिया एक ऐसी बीमारी है जिसमे नींद नहीं आती और अस्वस्थ नींद की आदत्ते प्रभावित करती है. एक बार अगर आप सो जाते है और फिर अचानक आपकी नींद खुल जाए तो आप उठ ही जाते है जिसके बाद आपके लिए  दोबारा सोना थोड़ा मुश्किल हो जाता है .लेकिन दिन मे  नींद पूरी ना होने के कारण आपको थकावट महसूस  होती है. इसके अलावा ऊर्जा ,स्वास्थय , मनोदशा ,काम का प्रदर्शन और जीवन की गुणवत्ता को भी कमज़ोर बनाती  है   .

बहुत व्यक्तियों  को अल्पावधि मे इन्सोमनिया का अनुभव हो सकता है जो सप्ताह या कुछ  दिनों तक रहता है  . ज़्यादातर लोग जो दीर्घावधि इन्सोमनिया का सामना करते है उनकी अवधि  महीना या उससे अधिक रहती है ऐसा कुछ चिकित्सा  स्थितियों या दवाइयों के दुष्प्रभावों के कारण होता है  .

इन्सोमनिया के कारण

तनाव 

वित्तीय स्थिति , स्वास्थय, विद्यालय और काम के बारे मे चिंता करना अगर आप थक गए है तो आपका मन भी सक्रिय हो सकता है. जिससे सोना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. जीवन की कुछ घटनाएं जैसे – तलाक , नौकरी छूट जाना , किसी प्रिय की मौत अनिद्रा का कारण हो सकता है  .

कार्य या यात्रा कार्यक्रम 

काम की शिफ्ट का बार बार बदलते रहना , लेट शिफ्ट तक काम करते रहना अनिद्रा जन्म देता है  .

अस्वस्थ नींद की आदते 

नींद की आदते जैसे की सोने से पहले खाना, टेलीविज़न ज़्यादा देखना ,काम के  दौरान बिस्तरे का उपयोग करना, सोने का वातावरण सही ना होना ,सोने का अनियमित समय इनसोमनिया हो सकता है  .

दवाएं 

चिकित्सकीय दवाओं  रक्तचाप और अस्थमा के इलाज़ मे इस्तेमाल मे  काम होने वाली दवाये भी अनिद्रा भी पैदा कर सकती है  .

मानसिक समस्याए 

जैसे की – पोस्ट ट्रामटिक तनाव विकार या चिंता विकार जैसे विकार भी अनिद्रा के विकार को भी गतिं प्रदान कर सकते है.

इन्सोमनिया के लक्षण 

रात मे सोने मे कठिनाई होना.

रात के दौरान जागते रहना.

रोज़ के कामो मे अच्छे से  ध्यान ना  देना.

नींद और थकान महसूस  करना और बहुत जल्दी उठना .

इन्सोमनिया से बचने के उपाय 

सही समय पर सोना और सही समय पर उठना.

सोने तभी जाए जब आपको लगे कि आपको नींद आ रही है  .

सोते हुए अपने आप को रिलैक्स छोड़ दे इससे आपको तनाव से राहत मिलती और जल्दी नींद आती है.

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अनिद्रा से बचने के लिए शाम के समय व्यायाम करना एक अच्छा विकल्प है.

सोने से दो घंटे पहले भोजन कर ले.

इन्सोमनिया से बचने के लिए मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल सोने से पहले ना करे .

हलकी नीली लाइट मे जल्दी नींद आती है इसका प्रयोग आप कमरे मे  सोने से पहले कर सकते है .

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