US Navy: 5 हजार अमेरिकी सैनिकों के पटाया पहुंचते ही बदला माहौल, सेक्स वर्कर्स पर छापेमारी से मचा हड़कंप
US Navy, थाईलैंड के मशहूर पर्यटन शहर पटाया में इन दिनों अमेरिकी नौसैनिकों की मौजूदगी के कारण हलचल बढ़ गई है। अमेरिकी नौसेना का विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln करीब 5,000 अमेरिकी नौसैनिकों और मरीन के साथ थाईलैंड के लाएम चाबांग बंदरगाह पहुंच चुका है।
US Navy : अमेरिकी सैनिकों के पटाया पहुंचते ही बढ़ी पुलिस की सक्रियता, सेक्स वर्कर्स के खिलाफ छापेमारी
US Navy, थाईलैंड के मशहूर पर्यटन शहर पटाया में इन दिनों अमेरिकी नौसैनिकों की मौजूदगी के कारण हलचल बढ़ गई है। अमेरिकी नौसेना का विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln करीब 5,000 अमेरिकी नौसैनिकों और मरीन के साथ थाईलैंड के लाएम चाबांग बंदरगाह पहुंच चुका है। यह जहाज 200 दिनों से ज्यादा समय तक समुद्र में तैनात रहा। लंबे सैन्य अभियान के बाद चालक दल को आराम और रिकवरी का मौका देने के लिए यह पोर्ट विजिट किया जा रहा है। इसी बीच पटाया में पुलिस ने सेक्स वर्क और अवैध वेश्यावृत्ति के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।

286 दिनों की तैनाती के बाद थाईलैंड पहुंचा USS Abraham Lincoln
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, USS Abraham Lincoln 286 दिनों की लंबी तैनाती के बाद बुधवार को थाईलैंड के लाएम चाबांग बंदरगाह पहुंचा। इस दौरान जहाज ने लगातार 250 से ज्यादा दिनों तक बिना किसी पोर्ट विजिट के समुद्र में समय बिताया। जहाज पर करीब 5,000 नौसैनिक और मरीन मौजूद हैं। यह तैनाती सामान्य परिस्थितियों की तुलना में काफी लंबी मानी जा रही है। थाई अधिकारियों के अनुसार अमेरिकी सैन्यकर्मियों का यह दौरा करीब पांच दिनों का होगा। इसका उद्देश्य सैन्य अभ्यास करना नहीं, बल्कि चालक दल को आराम, मनोरंजन और जरूरी लॉजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध कराना है। अमेरिकी जहाज के साथ अन्य नौसैनिक पोत भी थाईलैंड पहुंचे हैं।
पटाया में क्यों बढ़ाई गई पुलिस की निगरानी?
अमेरिकी सैनिकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी को देखते हुए पटाया प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। शहर के समुद्र तट, प्रमुख नाइटलाइफ इलाकों और मनोरंजन क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। अधिकारियों की चिंता का एक बड़ा कारण शहर में लंबे समय से मौजूद अवैध सेक्स ट्रेड और मानव तस्करी से जुड़े जोखिम हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी सैनिकों के पहुंचने से पहले ही पुलिस ने कई इलाकों में छापेमारी शुरू कर दी थी। सप्ताहांत में हुई कार्रवाई के दौरान करीब 40 से 50 लोगों को वेश्यावृत्ति से जुड़े संदेह में हिरासत में लिया गया। इसका मकसद शहर में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना बताया गया है।
सेक्स वर्कर्स पर क्यों हुई कार्रवाई?
पटाया लंबे समय से अपने नाइटलाइफ और सेक्स टूरिज्म के लिए जाना जाता रहा है। हालांकि थाईलैंड में वेश्यावृत्ति कानूनी तौर पर प्रतिबंधित है, लेकिन पर्यटक क्षेत्रों में इससे जुड़ी गतिविधियां लंबे समय से दिखाई देती रही हैं। अमेरिकी सैन्यकर्मियों के आने से पहले अधिकारियों ने आशंका जताई कि बड़ी संख्या में विदेशी सैनिकों के आने से सेक्स ट्रेड और उससे जुड़े स्वास्थ्य एवं सुरक्षा जोखिम बढ़ सकते हैं। इसी वजह से पुलिस ने समुद्र तट और नाइटलाइफ क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई है। प्रशासन का जोर केवल सेक्स वर्क पर कार्रवाई करने पर नहीं, बल्कि यौन शोषण, मानव तस्करी और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े जोखिमों को रोकने पर भी है।
29 लोगों को भी हिरासत में लिया गया था
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी जहाजों के आने से कुछ दिन पहले पुलिस और सामाजिक सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने पटाया के विभिन्न सार्वजनिक इलाकों में कार्रवाई की थी। एक ऑपरेशन में 18 थाई महिलाओं, पांच लाओस की महिलाओं और दो युगांडा की महिलाओं समेत कुल 25 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा अलग-अलग अभियानों में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या बढ़कर करीब 40-50 तक पहुंचने की रिपोर्ट है। अधिकारियों ने इन कार्रवाइयों को अमेरिकी सैनिकों के दौरे से पहले शहर में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के प्रयास का हिस्सा बताया है।
पटाया के कारोबारियों को आर्थिक फायदा होने की उम्मीद
जहां एक तरफ प्रशासन सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सतर्क है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय कारोबारी अमेरिकी सैनिकों के आने से खुश हैं। लंबे समय से पर्यटन पर निर्भर पटाया में होटल, रेस्तरां, बार, टैक्सी और दूसरे छोटे कारोबारों को इस यात्रा से अच्छी कमाई की उम्मीद है। करीब 5,000 सैन्यकर्मियों के शहर में आने से होटल और रेस्तरां के अलावा स्थानीय परिवहन और मनोरंजन उद्योग को भी फायदा मिल सकता है। अमेरिकी सैनिकों को बंदरगाह से पटाया तक पहुंचाने के लिए करीब 40 बसों की व्यवस्था किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
अमेरिकी सैनिकों के लिए भी लगाए गए हैं कुछ प्रतिबंध
थाई अधिकारियों और अमेरिकी सैन्य प्रशासन ने सैनिकों की सुरक्षा को लेकर कुछ नियम भी तय किए हैं। रिपोर्टों के अनुसार सैनिकों को कुछ जोखिम भरी गतिविधियों में हिस्सा लेने से रोका गया है। इनमें जेट स्की, अन्य जल क्रीड़ाएं, बंजी जंपिंग और कुछ संपर्क वाले खेल शामिल हैं। इसका उद्देश्य लंबे समय तक समुद्र में तैनाती के बाद आराम के दौरान किसी दुर्घटना या अनुशासन संबंधी समस्या को रोकना है।
लंबी तैनाती ने बढ़ाई मानसिक स्वास्थ्य की चिंता
USS Abraham Lincoln की असाधारण रूप से लंबी तैनाती ने अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मानसिक और शारीरिक स्थिति को लेकर भी चर्चा बढ़ाई है। रिपोर्टों में जहाज पर लंबे समय तक लगातार तैनाती और कठिन परिस्थितियों के कारण मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं का उल्लेख किया गया है। ऐसे में थाईलैंड का यह पांच दिवसीय पोर्ट विजिट सैनिकों के लिए आराम और सामान्य माहौल में समय बिताने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
पटाया में बदला दिख रहा है माहौल
अमेरिकी सैन्यकर्मियों की आमद पटाया के लिए आर्थिक अवसर भी है और प्रशासन के लिए चुनौती भी। एक तरफ स्थानीय कारोबारियों को उम्मीद है कि हजारों अमेरिकी सैनिक शहर में खर्च करेंगे, वहीं पुलिस को यह सुनिश्चित करना है कि अवैध गतिविधियां न बढ़ें।पटाया की पुरानी छवि सेक्स टूरिज्म से जुड़ी रही है, लेकिन शहर प्रशासन पिछले कुछ वर्षों में इसे परिवार-केंद्रित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में अमेरिकी सैनिकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी के दौरान पुलिस का बढ़ा हुआ पहरा इसी संतुलन को बनाए रखने की कोशिश माना जा रहा है। कुल मिलाकर, USS Abraham Lincoln का थाईलैंड पहुंचना सिर्फ सैन्य लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि पटाया के पर्यटन और स्थानीय कारोबार के लिए भी बड़ा घटनाक्रम है। करीब 5,000 अमेरिकी नौसैनिकों और मरीन को लंबे समुद्री अभियान के बाद पांच दिनों के आराम का मौका मिलेगा। दूसरी तरफ पटाया पुलिस ने सेक्स वर्क और उससे जुड़े अवैध नेटवर्क पर कार्रवाई तेज कर दी है।फिलहाल प्रशासन की कोशिश है कि अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी से स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा मिले, लेकिन कानून-व्यवस्था, यौन शोषण और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े जोखिम नियंत्रण में रहें।
We’re now on WhatsApp. Click to join.
अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com.







