NEET Controversy: NEET मामले में आज हो सकता है बड़ा फैसला, CJP से फिर बातचीत; धर्मेंद्र प्रधान पर सस्पेंस
NEET Controversy, NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार और CJP (Cockroach Janta Party) के बीच गतिरोध अभी भी खत्म नहीं हुआ है।
NEET Controversy : NEET विवाद पर सरकार की नई कोशिश, CJP से आज फिर वार्ता; क्या होगा धर्मेंद्र प्रधान का फैसला?
NEET Controversy, NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार और CJP (Cockroach Janta Party) के बीच गतिरोध अभी भी खत्म नहीं हुआ है। सरकार की ओर से राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में बड़े स्तर पर कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में सुधार और अन्य कदम उठाने के बावजूद CJP अपनी प्रमुख मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं है। सबसे बड़ा विवाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर बना हुआ है। इसी मुद्दे पर आज दोनों पक्षों के बीच तीसरे दौर की अहम बैठक होने जा रही है।
आज होगी तीसरे दौर की अहम बैठक
सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच आज दोपहर एक और दौर की बातचीत प्रस्तावित है। पिछले दो दौर की बैठकों में कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सहमति नहीं बन सकी। सरकार ने इस मांग पर विचार करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था, जिसके बाद आज की बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है।
CJP अपनी मांग पर अड़ा
CJP का कहना है कि NEET पेपर लीक जैसी गंभीर घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। संगठन का दावा है कि केवल अधिकारियों पर कार्रवाई से छात्रों का भरोसा वापस नहीं आएगा। उनका कहना है कि जवाबदेही तय किए बिना परीक्षा प्रणाली में सुधार अधूरा रहेगा।
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सरकार ने क्या-क्या कदम उठाए?
NEET विवाद के बाद केंद्र सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। इनमें NTA के 47 अधिकारियों को हटाने, भर्ती प्रक्रिया में बदलाव, परीक्षा सुरक्षा को मजबूत करने और पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लागू करने जैसे कदम शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों का विश्वास बहाल करना है।
किन मांगों पर बनी सहमति?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने CJP की कुछ मांगों पर सिद्धांततः सहमति जताई है। इनमें शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर दर्ज कुछ FIR वापस लेने और कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजे के प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख शामिल है। हालांकि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का मुद्दा अब भी अनसुलझा है और यही सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या है स्थिति?
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर अब भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सरकार फिलहाल इस्तीफे के पक्ष में नहीं है और उसका मानना है कि सुधारात्मक कदम अधिक महत्वपूर्ण हैं। वहीं CJP का कहना है कि जब तक इस्तीफा नहीं होगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा। इसी वजह से आज की बैठक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
CJP ने साफ किया है कि यदि उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। संगठन ने देशभर में कैंडल मार्च और अन्य शांतिपूर्ण कार्यक्रमों का भी आह्वान किया है। दूसरी ओर, दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और प्रदर्शन स्थलों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
छात्रों की क्या है मांग?
NEET अभ्यर्थियों और विभिन्न छात्र संगठनों की मांग है कि भविष्य में किसी भी परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटनाएं न हों। वे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और भर्ती व प्रवेश परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की मांग कर रहे हैं। विशेषज्ञों का भी मानना है कि तकनीकी निगरानी और जवाबदेही बढ़ाने से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
आज की बैठक क्यों है अहम?
आज होने वाली वार्ता से यह साफ हो सकता है कि सरकार और CJP के बीच गतिरोध खत्म होगा या आंदोलन आगे और तेज होगा। यदि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई नया संकेत नहीं मिलता, तो विरोध प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है। वहीं अगर किसी समझौते का रास्ता निकलता है, तो लंबे समय से चल रहे इस विवाद में राहत मिल सकती है। फिलहाल पूरे देश की नजर आज की बैठक और उसके नतीजों पर टिकी हुई है।
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