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भारत

जानिए केसा था दी ग्रेट इंडियन फ़ूड फेस्टिवल

दी ग्रेट इंडियन फ़ूड फेस्टिवल


नेताजी सुभाष प्लेस में स्थित दिल्ली हाट में 5 और 6 नवम्बर को दी ग्रेट इंडियन फ़ूड फेस्टिवल आयोजित किया गया था। दिल्ली वासियो को ‘फूडी’ कहा जाता है क्योंकि उनके के लिए खाना बहुत ही ज़रूरी होता है और उन्हें अलग-अलग प्रकार का खाना स्वाद करना पसंद होता हैं। तो ऐसा मौका कोई भी कैसे छोड़ सकता है।

दी ग्रेट इंडियन फ़ूड फेस्टिवल
दी ग्रेट इंडियन फ़ूड फेस्टिवल

 दी ग्रेट इंडियन फ़ूड फेस्टिवल में जाके हमें लोगो की भीड़ और उनका उत्साह देखकर अच्छा लगा और साथ ही यहाँ हम भी बहुत उत्साहित हुए। लोगो से जब बात की तो हमे बहुत ही अलग फीडबैक मिले।

दी ग्रेट इंडियन फ़ूड फेस्टिवल
प्रिया अरोरा और उनके दोस्त शिविका गांधी और अलका फम्बु( L to R)

यहाँ पढ़ें : दिल्ली की मशहूर 5 स्ट्रीट फूड जगहें, जिन्हें एक बार जरूर ट्राई करें

‘यहाँ खाना अच्छा है, प्रबंध भी अच्छा ही है। यहाँ गाने और ताम झाम थोड़ा बेहतर होता तो शायद ज़्याद रौनक होती।’, ये कहना था प्रिया अरोरा का जो अपनी सहेली अलका के साथ वहाँ उपस्थित थी।

बड़ो से बात करने पर पता चला की उनके विचार भी इन बच्चो से बहुत हद तक मिलते झुलते थे।

दी ग्रेट इंडियन फ़ूड फेस्टिवल
कल्पना अरोरा

नोएडा से आई डॉ कल्पना अरोरा का कहना था कि, ‘यहाँ खाना ठीक है, थोड़ा महँगा है। यहाँ रौनक थोड़ी कम है। और खाने के ज़्यादा प्रकार भी नही है।’ उनका ये भी कहना था कि,सिर्फ प्रबंधकों को ही नहीं पर यहाँ उपस्थित सभी लोगो की जिम्मेदारी है कि वो यहाँ साफ़ सफाई रखे।’

दिल्ली में रहने वाली अर्चना भरद्वाज का मानना था कि, ‘ ये दी ग्रेट इंडियन फ़ूड फेस्टिवल है और यहाँ कुछ ज़्यादा वैरायटी नहीं है। यहाँ खाने के लिए और बहतर चीज़े होनी चाहिए थी। ये चाट आदि तो बहुत आम है। भारत के कोनो से अगर अलग अलग प्रकार के खानों के स्टाल लगते तो शायद वो लोगो को ज़्यादा पसंद आता।’

दी ग्रेट इंडियन फ़ूड फेस्टिवल
अर्चना भरद्वाज अपने परिवार के साथ वहां उपस्थित थी।

वही ‘दी फ्रोज़न पैन’ के स्टाल से क्रिषांक का कहना था की, ‘यहाँ ज़्यादा लोग नहीं आये है। शायद मौसम के कारण ऐसा हो की जितने लोगो की उम्मीद थी उससे कम लोग आए है।’

अब चाहे कुछ भी हो, दिल्ली वालों को तो खाने से मतलब है। खैर जैसी उम्मीद थी वो तो हुआ नहीं, पर अगली बारी के लिए एक सबक मिल गया।

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