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IVY County: नोएडा की हाईराइज सोसायटी में भीषण आग, दमकल की पहुंच से बाहर थी 12वीं मंजिल!

IVY County, उत्तर प्रदेश के नोएडा में स्थित IVY County सोसायटी में शुक्रवार सुबह लगी भीषण आग ने न केवल वहां रहने वाले लोगों को दहशत में डाल दिया, बल्कि शहर की अग्निशमन व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए। 28 मंजिला टावर की 12वीं मंजिल पर लगी आग को बुझाने के दौरान फायर ब्रिगेड को

IVY County : 12वीं मंजिल पर धधक रही थी आग, लेकिन छठी मंजिल तक ही पहुंच रहा था पानी

IVY County, उत्तर प्रदेश के नोएडा में स्थित IVY County सोसायटी में शुक्रवार सुबह लगी भीषण आग ने न केवल वहां रहने वाले लोगों को दहशत में डाल दिया, बल्कि शहर की अग्निशमन व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए। 28 मंजिला टावर की 12वीं मंजिल पर लगी आग को बुझाने के दौरान फायर ब्रिगेड को ऐसी चुनौती का सामना करना पड़ा, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। वायरल वीडियो में देखा गया कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियों से छोड़ा जा रहा पानी केवल पांचवीं या छठी मंजिल तक ही पहुंच पा रहा था, जबकि आग 12वीं मंजिल पर धधक रही थी।

सुबह-सुबह मची अफरा-तफरी

जानकारी के अनुसार, नोएडा के सेक्टर-75 स्थित IVY County सोसायटी के एक फ्लैट में सुबह करीब 7 से 8 बजे के बीच आग लग गई। आग 28 मंजिला टावर की 12वीं मंजिल पर स्थित फ्लैट में लगी थी। देखते ही देखते आग ने पूरे फ्लैट को अपनी चपेट में ले लिया और काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा। आग की खबर मिलते ही सोसायटी में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकलने लगे।

फायर ब्रिगेड के सामने आई बड़ी मुश्किल

घटना के बाद कई दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। लेकिन जल्द ही यह स्पष्ट हो गया कि जमीन से छोड़ा जा रहा पानी आग तक नहीं पहुंच पा रहा है। वायरल वीडियो में पानी की धार केवल पांचवीं या छठी मंजिल तक ही जाती दिखाई दी, जबकि आग उससे कहीं ऊपर लगी हुई थी। इस दृश्य ने लोगों को हैरान कर दिया और सोशल मीडिया पर अग्निशमन विभाग की तैयारियों को लेकर बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा कि पानी आग बुझाने के बजाय नीचे लगे पौधों तक ही पहुंच रहा था। यह वीडियो कुछ ही घंटों में इंटरनेट पर वायरल हो गया।

हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म से संभाला मोर्चा

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फायर विभाग ने केवल पानी की बौछारों पर निर्भर रहने के बजाय आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया। अधिकारियों ने 42 मीटर ऊंचे हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और अन्य विशेष उपकरणों को मौके पर तैनात किया। साथ ही सोसायटी के अंदर मौजूद फायर फाइटिंग सिस्टम और हाइड्रेंट नेटवर्क का भी उपयोग किया गया। इन्हीं संसाधनों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका।

200 से ज्यादा लोगों को निकाला गया सुरक्षित

आग लगने के बाद सबसे पहली प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना थी। घने धुएं के कारण ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई। फायर विभाग और सोसायटी प्रबंधन की मदद से 200 से अधिक निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रभावित फ्लैट में रहने वाले परिवार को भी सुरक्षित बचा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।

दो फ्लैट पूरी तरह जलकर खाक

दमकल विभाग के अनुसार आग इतनी भीषण थी कि 12वीं मंजिल के दो फ्लैटों को भारी नुकसान पहुंचा। फ्लैट के अंदर रखा फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और घरेलू वस्तुएं पूरी तरह जल गईं। हालांकि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे आग अन्य मंजिलों तक फैलने से रुक गई।

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शॉर्ट सर्किट की आशंका

प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि एयर कंडीशनर या घर में मौजूद किसी इलेक्ट्रिक उपकरण में तकनीकी खराबी आग का कारण हो सकती है। हालांकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच जारी है।

अग्निशमन व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि तेजी से ऊंची इमारतों वाले शहरों में क्या अग्निशमन विभाग के पास पर्याप्त संसाधन हैं? वायरल वीडियो ने यह बहस छेड़ दी है कि यदि किसी और ऊंची मंजिल पर इससे भी बड़ी आग लग जाए, तो क्या वर्तमान व्यवस्था उससे निपट पाएगी? रिपोर्टों के अनुसार, नोएडा में उपलब्ध सबसे ऊंचा हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म लगभग 14 मंजिल तक पहुंच सकता है, जिससे भविष्य में और ऊंची इमारतों में आग लगने की स्थिति चिंता का विषय बन सकती है।

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प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

घटना के बाद प्रशासन और फायर विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही हाईराइज इमारतों में फायर सेफ्टी मानकों की समीक्षा करने की बात भी कही गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल आधुनिक इमारतें बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके अनुरूप अग्निशमन सुविधाओं का विकास भी उतना ही जरूरी है। IVY County की 12वीं मंजिल पर लगी आग ने एक बार फिर हाईराइज इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि दमकल विभाग और सोसायटी प्रबंधन की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया और सभी लोग सुरक्षित बचा लिए गए, लेकिन वायरल वीडियो ने यह दिखा दिया कि ऊंची इमारतों में आग से निपटने के लिए आधुनिक और अधिक सक्षम संसाधनों की जरूरत है। यह घटना भविष्य के लिए एक चेतावनी भी है कि शहरी विकास के साथ-साथ आपदा प्रबंधन की क्षमता को भी समान गति से मजबूत करना होगा।

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