Himachal News: हिमाचल में ऑरेंज अलर्ट के बीच सोलन-सिरमौर में स्कूल बंद, शिमला में पर्यटन सीजन थमा
Himachal News: हिमाचल प्रदेश में लगातार भारी बारिश और IMD के ऑरेंज अलर्ट के बीच सोलन और सिरमौर में स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं। शिमला में भी बारिश के कारण पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
Himachal News: भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, शिमला में पर्यटन पर ब्रेक
Himachal News: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए सोलन और सिरमौर जिलों में सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का फैसला किया है। भारी बारिश के चलते भूस्खलन, जलभराव और सड़कें बंद होने जैसी घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
ऑरेंज अलर्ट के बीच स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
जिला प्रशासन ने छात्रों और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सोलन और सिरमौर में शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ आने की आशंका बनी हुई है। हालांकि आवासीय कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और चिकित्सा शिक्षा संस्थानों को इस आदेश से छूट दी गई है। शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को निर्धारित समय पर संस्थानों में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
भारी बारिश से बढ़ा भूस्खलन का खतरा
हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण ग्रामीण सड़कें प्रभावित हुई हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में मिट्टी खिसकने और सड़कें अवरुद्ध होने की घटनाएं बढ़ रही हैं। प्रशासन लगातार संवेदनशील इलाकों की निगरानी कर रहा है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
सिरमौर में स्वास्थ्य केंद्र जलमग्न
सिरमौर जिले के माजरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भारी बारिश के कारण जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई है। अस्पताल परिसर और मुख्य प्रवेश द्वार तक कई फीट पानी भर गया, जिससे मरीजों और स्थानीय लोगों को इलाज के लिए पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यह समस्या सामने आती है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
ड्रेनेज व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों को जोखिम उठाना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि समस्या की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है और जल्द समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं।
शिमला में पर्यटन सीजन पर बारिश का असर
शिमला में मानसून की तेज बारिश के कारण पर्यटन गतिविधियों की रफ्तार भी धीमी पड़ गई है। मई से जुलाई के बीच लाखों पर्यटक वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई थी, लेकिन लगातार खराब मौसम के चलते पर्यटकों की संख्या में गिरावट आने लगी है। कई पर्यटन स्थलों पर बारिश और धुंध के कारण आवाजाही प्रभावित हुई है।
ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में जुटा प्रशासन
पर्यटन सीजन के दौरान बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए शिमला पुलिस ने अतिरिक्त पुलिसकर्मियों, होमगार्ड और स्वयंसेवकों की तैनाती की थी। शहर को अलग-अलग ट्रैफिक सेक्टरों में बांटकर निगरानी की गई और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग बढ़ावा दिया गया। इससे ट्रैफिक व्यवस्था काफी हद तक नियंत्रित रही।
IMD ने लोगों को किया सतर्क
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है। लोगों को नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
निष्कर्ष
Himachal News के अनुसार लगातार हो रही बारिश और ऑरेंज अलर्ट ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित किया है। सोलन और सिरमौर में स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जबकि सिरमौर में स्वास्थ्य सेवाएं भी जलभराव से प्रभावित हुई हैं। शिमला में पर्यटन गतिविधियों पर भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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