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Delhi Protest: संसद मार्च बवाल, छात्रों पर 7 राउंड पैलेट फायर, जांच में RAF जवान की पहचान सामने

Delhi Protest, नई दिल्ली में 20 जुलाई को हुए छात्रों के संसद मार्च के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर चल रही जांच में बड़ा खुलासा सामने आया है।

Delhi Protest : CRPF जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, संसद मार्च के दौरान छात्रों पर 7 राउंड पैलेट गन चली

Delhi Protest, नई दिल्ली में 20 जुलाई को हुए छात्रों के संसद मार्च के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर चल रही जांच में बड़ा खुलासा सामने आया है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की आंतरिक जांच में उस रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान की पहचान कर ली गई है, जिस पर प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने का आरोप है। शुरुआती जांच के अनुसार, संबंधित जवान ने कुल 7 राउंड पैलेट फायर किए थे, जिनमें से कई प्रदर्शनकारियों को लगे और कुछ जमीन पर गिरे।

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क्या है पूरा मामला?

20 जुलाई को परीक्षा से जुड़े विवादों और अन्य मुद्दों को लेकर बड़ी संख्या में छात्र दिल्ली में संसद की ओर मार्च कर रहे थे। जैसे-जैसे प्रदर्शन आगे बढ़ा, कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प की स्थिति बन गई। इसके बाद लाठीचार्ज, आंसू गैस और अन्य भीड़ नियंत्रण उपायों का इस्तेमाल किया गया। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों के शरीर पर पैलेट जैसे घाव मिलने के बाद पैलेट गन के इस्तेमाल का मामला सामने आया।

CRPF जांच में क्या सामने आया?

सूत्रों के अनुसार, CRPF की जांच टीम ने घटनास्थल पर मौजूद RAF जवानों के लॉग, हथियारों के रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की समीक्षा की। जांच में पता चला कि एक RAF जवान ने 7 राउंड पैलेट फायर किए थे। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से पांच राउंड प्रदर्शनकारियों को लगे जबकि दो राउंड जमीन से टकराए। अधिकारियों ने संबंधित जवान की पहचान कर ली है और उससे पूछताछ भी की जा रही है।

रिपोर्ट जल्द सौंपेगी जांच टीम

CRPF द्वारा गठित जांच समिति अब यह पता लगा रही है कि पैलेट गन चलाने की नौबत किन परिस्थितियों में आई और क्या इसके लिए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन किया गया था। जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद यह तय किया जाएगा कि संबंधित जवान या अन्य अधिकारियों के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी या नहीं।

घायल प्रदर्शनकारियों का क्या कहना है?

प्रदर्शन में घायल कुछ छात्रों और अन्य प्रतिभागियों ने दावा किया कि उन्हें चेहरे, गर्दन और शरीर के अन्य हिस्सों में पैलेट लगे। कई घायलों का इलाज दिल्ली के अस्पतालों में किया गया। घायलों की मेडिकल रिपोर्ट में पैलेट जैसे घाव मिलने के बाद इस पूरे मामले ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को और तेज कर दिया।

पहले क्या था प्रशासन का रुख?

घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया था और सोशल मीडिया पर चल रहे कई दावों को भ्रामक बताया था। हालांकि, बाद में CRPF ने अपने स्तर पर जांच शुरू की। अब जांच में संबंधित RAF जवान की पहचान होने और पैलेट फायरिंग की पुष्टि होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

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RAF की भूमिका पर उठे सवाल

RAF देश में दंगा नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित बल है। ऐसे में प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर कई विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं कि क्या यह कदम परिस्थितियों के अनुरूप था और क्या इससे पहले अन्य कम आक्रामक विकल्प अपनाए गए थे। जांच समिति इन सभी पहलुओं की समीक्षा कर रही है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

मामले के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से जवाब मांगा है। विपक्ष का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया। वहीं सरकार की ओर से कहा गया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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आगे क्या होगा?

CRPF की विस्तृत जांच रिपोर्ट अगले कुछ दिनों में आने की संभावना है। रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाएगा कि पैलेट गन का इस्तेमाल किन परिस्थितियों में हुआ, किस स्तर पर इसकी अनुमति थी और क्या मानक प्रक्रियाओं का पालन किया गया। यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों और जवानों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पैलेट गन चलाने का मामला अब एक महत्वपूर्ण जांच का विषय बन चुका है। शुरुआती जांच में RAF जवान की पहचान और 7 राउंड फायरिंग का खुलासा होने से यह मामला और गंभीर हो गया है। अब सभी की नजरें CRPF की अंतिम रिपोर्ट पर हैं, जिससे यह तय होगा कि बल प्रयोग उचित था या नहीं और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

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