China Masters: श्रीकांत को फिर नहीं मिली जीत, हांगकांग के ली चेउक यियू ने क्वार्टर फाइनल में किया बाहर
China Masters, भारत के अनुभवी बैडमिंटन खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत का चाइना मास्टर्स 2026 में शानदार सफर क्वार्टर फाइनल में समाप्त हो गया।
China Masters : तीन साल बाद क्वार्टर फाइनल में पहुंचे श्रीकांत, लेकिन आगे नहीं बढ़ सका सफर
China Masters, भारत के अनुभवी बैडमिंटन खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत का चाइना मास्टर्स 2026 में शानदार सफर क्वार्टर फाइनल में समाप्त हो गया। शुक्रवार, 4 सितंबर को शेन्जेन में खेले गए मुकाबले में हांगकांग के ली चेउक यियू ने पूर्व विश्व नंबर-1 भारतीय खिलाड़ी को सीधे गेमों में 21-16, 21-16 से हराया। इस हार के साथ ही श्रीकांत का इस BWF वर्ल्ड टूर सुपर 750 टूर्नामेंट में अभियान खत्म हो गया।
तीन साल बाद सुपर 750 के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे थे श्रीकांत
भले ही श्रीकांत को क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन उनके लिए सकारात्मक संकेत लेकर आया। यह तीन साल में पहली बार था जब श्रीकांत किसी BWF वर्ल्ड टूर सुपर 750 या उससे बड़े टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे थे। इससे पहले वह इस स्तर पर लंबे समय से अंतिम आठ में जगह नहीं बना सके थे। श्रीकांत ने चीन मास्टर्स में अपने अभियान की शुरुआत चीनी ताइपे के विश्व नंबर-21 ची यू-जेन के खिलाफ की थी। उन्होंने महज 35 मिनट में 21-16, 21-15 से मुकाबला अपने नाम किया। इसके बाद राउंड ऑफ 16 में उन्होंने बड़ा उलटफेर करते हुए कनाडा के विश्व नंबर-9 विक्टर लाई को 21-18, 21-19 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी।
पहले गेम में ली चेउक ने बनाई मजबूत बढ़त
क्वार्टर फाइनल में श्रीकांत ने अच्छी शुरुआत की और शुरुआती अंक हासिल किए। लेकिन ली चेउक यियू ने जल्द ही मुकाबले पर नियंत्रण बना लिया। हांगकांग के खिलाड़ी ने लगातार अंक जुटाते हुए बढ़त मजबूत की और भारतीय खिलाड़ी को दबाव में रखा।एक समय ली चेउक ने छह अंकों की बढ़त बनाकर स्कोर 14-6 कर दिया था। श्रीकांत ने इसके बाद वापसी की कोशिश की और अंतर कम किया, लेकिन शुरुआती नुकसान की भरपाई नहीं कर सके। ली ने संयम बनाए रखा और पहला गेम 21-16 से अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में 4-0 की बढ़त भी नहीं बचा पाए
दूसरे गेम में श्रीकांत ने बेहद आक्रामक अंदाज में शुरुआत की। उन्होंने लगातार चार अंक हासिल करते हुए 4-0 की बढ़त बना ली। ऐसा लगा कि भारतीय खिलाड़ी मुकाबले को निर्णायक गेम तक ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।लेकिन इसके बाद श्रीकांत से लगातार चार अनफोर्स्ड एरर हुईं और ली चेउक ने स्कोर बराबर कर दिया। मुकाबला इसके बाद काफी रोमांचक हुआ और दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। श्रीकांत ने 15-14 की बढ़त भी हासिल की, लेकिन ली ने निर्णायक समय पर लगातार अंक जुटाकर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया। ली चेउक ने 18-15 की बढ़त बनाई और इसके बाद श्रीकांत को कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने दूसरा गेम भी 21-16 से जीतते हुए 39 मिनट में मुकाबला अपने नाम कर लिया।
हांगकांग के खिलाड़ी के खिलाफ लगातार चौथी हार
ली चेउक यियू के खिलाफ यह श्रीकांत की लगातार चौथी हार है। दोनों खिलाड़ियों के बीच अब तक की भिड़ंत में भारतीय खिलाड़ी को सिर्फ एक बार जीत मिली है। श्रीकांत ने ली को 2018 इंडिया ओपन के शुरुआती दौर में हराया था। इसके बाद हांगकांग के खिलाड़ी ने लगातार चार मुकाबलों में बाजी मारी है। इस तरह चीन मास्टर्स का क्वार्टर फाइनल श्रीकांत के लिए दोहरी तस्वीर लेकर आया। एक तरफ वह तीन साल बाद सुपर 750 स्तर पर अंतिम आठ में पहुंचे, वहीं दूसरी ओर ली चेउक के खिलाफ अपनी हार का सिलसिला नहीं रोक सके।
विक्टर लाई पर जीत ने जगाई थी उम्मीद
क्वार्टर फाइनल से पहले श्रीकांत के प्रदर्शन ने भारतीय फैंस की उम्मीदें बढ़ा दी थीं। राउंड ऑफ 16 में उन्होंने विश्व नंबर-9 विक्टर लाई को सीधे गेमों में हराकर बड़ा उलटफेर किया था। लाई हाल ही में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके थे और उन्होंने भारतीय खिलाड़ी लक्ष्य सेन को भी हराया था।ऐसे खिलाड़ी के खिलाफ श्रीकांत की 21-18, 21-19 की जीत ने दिखाया कि अनुभवी भारतीय शटलर अभी भी बड़े मुकाबलों में शीर्ष खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं।
Read More: Nepal rescue operation: बाढ़ से दहला नेपाल, मौतों का आंकड़ा 1127 के पार; हजारों लोग अब भी लापता
भारतीय पुरुष एकल चुनौती खत्म
श्रीकांत की हार के साथ चीन मास्टर्स में भारत की पुरुष एकल चुनौती भी समाप्त हो गई। इससे पहले लक्ष्य सेन टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में बाहर हो गए थे। श्रीकांत के अलावा भारत की युवा खिलाड़ी तन्वी शर्मा भी महिला एकल में जापान की टोमोका मियाजाकी से हारकर बाहर हो चुकी हैं।अब टूर्नामेंट में भारतीय उम्मीदें मुख्य रूप से पुरुष युगल की स्टार जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी पर टिकी हैं। दोनों ने क्वार्टर फाइनल में फ्रांस के पोपोव भाइयों को तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में हराकर आगे का टिकट हासिल किया है
श्रीकांत के लिए फिर भी रहा यादगार टूर्नामेंट
चाइना मास्टर्स का खिताब जीतने का मौका भले ही श्रीकांत के हाथ से निकल गया हो, लेकिन तीन साल बाद सुपर 750 के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचना उनके लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 33 वर्षीय श्रीकांत ने इस टूर्नामेंट में अपने पुराने आत्मविश्वास की झलक दिखाई और विश्व नंबर-9 विक्टर लाई को हराकर बड़ा उलटफेर किया।अब उनकी नजरें आगामी प्रतियोगिताओं पर होंगी। चीन में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने का यह प्रदर्शन उनके लिए आगे की चुनौतियों से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। दूसरी ओर, ली चेउक यियू से लगातार चौथी हार यह भी बताती है कि भारतीय खिलाड़ी को इस प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ अपनी रणनीति पर और काम करना होगा।कुल मिलाकर, किदांबी श्रीकांत का चाइना मास्टर्स सफर भले ही क्वार्टर फाइनल में थम गया, लेकिन तीन साल बाद सुपर 750 के अंतिम आठ में पहुंचना उनके लिए एक सकारात्मक वापसी है। अब भारतीय फैंस की निगाहें सात्विक-चिराग पर रहेंगी, जो टूर्नामेंट में भारत की आखिरी बड़ी उम्मीद बने हुए हैं।
We’re now on WhatsApp. Click to join.
अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com.







