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Delhi women safety: दिल्ली में अब ‘Pink Force’ का पहरा! महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैयार हुआ नया प्लान

Delhi women safety, दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए पुलिसिंग व्यवस्था में एक नए मॉडल पर जोर दिया गया है।

Delhi women safety : स्कूल-कॉलेज से मेट्रो स्टेशन तक ‘Pink Force’ रखेगी नजर

Delhi women safety, दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए पुलिसिंग व्यवस्था में एक नए मॉडल पर जोर दिया गया है। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली पुलिस को गोवा पुलिस की तर्ज पर एक समर्पित ‘Pink Force’ बनाने के निर्देश दिए हैं। इस फोर्स में प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों को शामिल करने और उन्हें ऐसे इलाकों में तैनात करने की योजना है, जहां महिलाओं और छात्राओं की आवाजाही ज्यादा रहती है। इसका मकसद सिर्फ किसी घटना के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाकर अपराध और छेड़छाड़ जैसे मामलों को रोकने की दिशा में काम करना है।

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क्या है ‘Pink Force’?

‘Pink Force’ एक महिला-केंद्रित पुलिस पेट्रोलिंग यूनिट के तौर पर प्रस्तावित है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली में इसे गोवा पुलिस की ‘Pink Force’ की तर्ज पर विकसित करने की बात कही गई है। इसमें प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों की टीम होगी, जो राजधानी के संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर नजर रखेगी। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ होने वाली छेड़छाड़, उत्पीड़न और अन्य घटनाओं को रोकने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर तेजी से पुलिस सहायता पहुंचाना होगा। यानी इसे सामान्य पुलिस व्यवस्था के समानांतर कोई अलग पुलिस बल समझने के बजाय महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने वाली पेट्रोलिंग और रिस्पॉन्स यूनिट के रूप में देखा जा सकता है। अभी उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसकी विस्तृत तैनाती, संख्या और संचालन की पूरी रूपरेखा सार्वजनिक नहीं हुई है।

किन जगहों पर होगी खास नजर?

प्रस्तावित Pink Force की सबसे अहम जिम्मेदारी उन जगहों पर निगरानी रखने की होगी, जहां महिलाओं, छात्राओं और युवतियों की आवाजाही ज्यादा होती है। रिपोर्टों के अनुसार स्कूल, कॉलेज, मेट्रो स्टेशन और दूसरे संवेदनशील स्थान इसके प्रमुख फोकस एरिया हो सकते हैं। इसके अलावा उन इलाकों में भी पेट्रोलिंग बढ़ाने की जरूरत होगी जहां शाम और रात के समय महिलाओं की आवाजाही रहती है। इसका उद्देश्य पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाना है, ताकि सार्वजनिक स्थानों पर छेड़छाड़ या उत्पीड़न करने वालों के लिए कार्रवाई का खतरा स्पष्ट रूप से मौजूद रहे।

सिर्फ पेट्रोलिंग नहीं, तेजी से रिस्पॉन्स पर भी जोर

Pink Force के प्रस्ताव में सिर्फ पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने की बात नहीं है। इसे डिटरेंस और रैपिड रिस्पॉन्स, यानी अपराध रोकने और घटना की सूचना मिलने पर तेजी से प्रतिक्रिया देने वाले मॉडल के तौर पर विकसित करने की बात कही गई है। खासकर उन घंटों में जब महिलाओं के लिए सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ सकता है, ऐसी टीमों की सक्रियता महत्वपूर्ण होगी। अगर किसी महिला को सार्वजनिक स्थान पर छेड़छाड़, पीछा करने या उत्पीड़न जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है, तो ऐसी समर्पित टीम का मौके पर जल्दी पहुंचना पुलिस सहायता को अधिक प्रभावी बना सकता है। हालांकि, इसकी वास्तविक कार्यप्रणाली लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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‘Operation Shishtachar’ के साथ चलेगा अभियान

महिला सुरक्षा के लिए Pink Force के साथ-साथ दिल्ली पुलिस के मौजूदा अभियानों पर भी जोर दिया गया है। उपराज्यपाल ने सार्वजनिक स्थानों पर ईव-टीजिंग और महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ ‘Operation Shishtachar’ के तहत कार्रवाई जारी रखने को कहा है।इसका मतलब है कि नई महिला-केंद्रित पेट्रोलिंग यूनिट को पहले से चल रही पुलिसिंग और निगरानी व्यवस्था के साथ जोड़ा जा सकता है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं को परेशान करने वाले मामलों की पहचान, रोकथाम और कार्रवाई को मजबूत करना है।

दिल्ली में पहले से भी चल रहे हैं महिला सुरक्षा के कई प्रयास

Pink Force का प्रस्ताव दिल्ली में महिला सुरक्षा से जुड़े अन्य कदमों के बीच सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने जून 2026 में उत्तर जिले के सब्जी मंडी इलाके में राजधानी का पहला समर्पित Women Police Station शुरू किया था। दिल्ली पुलिस के अनुसार यह थाना महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की रोकथाम और जांच के लिए समर्पित है तथा पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।दिल्ली पुलिस की ओर से महिलाओं और बच्चों के लिए जागरूकता कार्यक्रम, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और सुरक्षा संबंधी गतिविधियां भी आयोजित की जाती रही हैं। पुलिस की वेबसाइट पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए 112 इमरजेंसी सेवा समेत कई संसाधनों की जानकारी भी उपलब्ध है।

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जमीन पर लागू होने के बाद सामने आएगी असली तस्वीर

Pink Force की घोषणा ऐसे समय हुई है जब राजधानी में महिला सुरक्षा को लेकर पेट्रोलिंग, स्ट्रीट लाइट, पुलिस मौजूदगी और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा जारी है। हाल में Lady Shri Ram College के आसपास छात्रों ने PCR वैन की कमी, अंधेरी सड़कों और एक गैर-कार्यशील Pink Booth जैसी सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी उठाई थीं। ऐसे में नई फोर्स की प्रभावशीलता केवल महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती पर निर्भर नहीं करेगी। पेट्रोलिंग की नियमितता, संवेदनशील इलाकों की सही पहचान, शिकायत पर त्वरित प्रतिक्रिया, पर्याप्त स्टाफ और स्थानीय पुलिस के साथ बेहतर समन्वय भी अहम होंगे।

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