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Alwar Shiv Mandir: तोड़ दिया 300 साल पुराना शिव मंदिर, आइए जानते है इसका इतिहास

Alwar Shiv Mandir: जानें 300 साल पुराना मंदिर क्यों था खास?


Highlights –

. राजस्थान का अलवर शहर बेहद खास है।

. यह राजस्थान के उत्तर पूर्व में अरावली की पहाड़ियों पर बसा एक खूबसूरत शहर है।

. अलवर शहर कुछ समय से सुर्खियों में है।

Alwar Shiv Mandir: वैसे तो भारत देश के हर राज्य की अपनी खूबसूरती है, अपना इतिहास है। लेकिन जब बात राजस्थान की आती है तब हम भारतीय परम्पराओं को और गौर से देखने और समझने लगते हैं। राजस्थान खूबसूरती के लिए जाना जाता है। राजस्थान का इतिहास, यहाँ की संस्कृति, रेगिस्तान की मिट्टी, तपती धूप, बड़े – बड़े किले और हवेलियां और यहाँ का ज़ायका सब अलग है। राजस्थान के शहरों की अपनी एक अलग छवि है। राजस्थान में जोधपुर, उदयपुर, जैसलमेर, जयपुर और अलवर सबसे प्रसिद्ध शहरों में से एक है। राजस्थान का अलवर शहर बेहद खास है। यह राजस्थान के उत्तर पूर्व में अरावली की पहाड़ियों पर बसा एक खूबसूरत शहर है।

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अलवर शहर कुछ समय से सुर्खियों में है। कारण है राजस्थान के इस शहर में बसे शिव मंदिर के ढांचे को गिराया जाना। बताया ये जा रहा है कि यह मंदिर 300 साल पुराना था। 22 अप्रैल को 300 साल पुराने इस शिव मंदिर पर बुलडोजर चलाए जाने का मामला सामने आया है। आज हम आपको राजस्थान के अलवर शहर लेकर चलते हैं और इस 300 साल पुराने मंदिर के बारे में पूरी जानकारी देते हैं।

अलवर शहर राजस्थान के सबसे पुराने शहरों में से एक है। यह शहर राजपूतों का प्रतिनिधित्व करता है। इस शहर की परंपरा कैसी है, यहाँ की आबोहवा कैसी है इसका पता विराटनगर क्षेत्र से लगाया जा सकता है। कहते हैं कि विराटनगर 1500 ईसा पूर्व पुराना है। वैसे तो पूरा राजस्थान ही किलों का प्रदेश है लेकिन अलवर में किलों की संख्या ज्यादा है और इसी के साथ अलवर की मिट्टी पर बसी है सालों – साल पुरानी मंदिरें जिनकी अपनी – अपनी कहानियाँ हैं।

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Alwar Shiv Mandir का इतिहास

बता दें कि अलवर के राजगढ़ में भगवान शिव को समर्पित एक मंदिर था। इतिहासकार के मुताबिक यह मंदिर 300 साल पुराना था। इस मंदिर को प्रताप सिंह और भक्तावर सिंह के समय में बनाया गया था। आज भी यह मंदिर स्थानीय लोगों के आस्था का केंद्र है। पुरातत्व के लिहाज से भी यह मंदिर खास रहा है। इस मंदिर में शिव परिवार का वर्णन किया गया था। भगवान शिव के अलावा यहाँ माँ पार्वती, कार्तिकेय और गणेश जी की मूर्ति स्थापित थी। सावन के महीने में इस मंदिर में एक अलग रौनक देखने को मिलती थी।

Alwar Shiv Mandir की खासियत

अलवर के इस शिव मंदिर को पर्यटन के हिसाब से भी बहुत महत्व दिया जाता है। बताया ये जाता है कि भगवान शिव का यह मंदिर चूना, पत्थर से बना था। आपको बता दें कि उस समय में अधिकतर मंदिरों को चूना पत्थरों से ही बनाया जाता था। कारण था चूना – पत्थर को सबसे मजबूत विकल्प का दर्जा देना। भारत में आपको कई ऐसे मंदिर मिल जाएंगे जिनकी उम्र 100 साल से भी अधिक है। इसका कारण यही चूना – पत्थर से बनाए जाना है। इस मंदिर का धार्मिक महत्व है और यह वास्तुकला के चमत्कार का नमूना भी है।

मंदिर का मामला अलवर में तेज होता जा रहा है। तमाम सियासी दल अपनी – अपनी प्रतिक्रिया के साथ सामने आ रहें हैं।

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