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World Glaucoma Day: ग्लॉकोमा से कैसे बचें? 2026 विश्व ग्लॉकोमा दिवस पर जानें पूरी जानकारी

World Glaucoma Day, हर साल 12 मार्च को पूरे विश्व में विश्व ग्लॉकोमा दिवस (World Glaucoma Day) मनाया जाता है। यह दिन लोगों को ग्लॉकोमा नामक आंखों की बीमारी के प्रति जागरूक करने और समय पर जांच तथा इलाज

World Glaucoma Day : विश्व ग्लॉकोमा दिवस 2026, समय पर इलाज ही है अंधापन से बचने का उपाय

World Glaucoma Day, हर साल 12 मार्च को पूरे विश्व में विश्व ग्लॉकोमा दिवस (World Glaucoma Day) मनाया जाता है। यह दिन लोगों को ग्लॉकोमा नामक आंखों की बीमारी के प्रति जागरूक करने और समय पर जांच तथा इलाज के महत्व को समझाने के लिए समर्पित है। ग्लॉकोमा दुनिया भर में दृश्य हानि और अंधापन का प्रमुख कारण माना जाता है, लेकिन कई लोग इसके बारे में पूरी तरह जागरूक नहीं हैं।

ग्लॉकोमा क्या है?

ग्लॉकोमा (Glaucoma) आंखों की एक ऐसी गंभीर बीमारी है, जिसमें ऑप्टिक नर्व (optic nerve) को नुकसान पहुँचता है। ऑप्टिक नर्व वह तंत्रिका है जो आंख और दिमाग को जोड़ती है, और इसे नुकसान होने से दृष्टि धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है।

  • इसे अक्सर “साइलेंट थैफ ऑफ़ साईट” भी कहा जाता है, क्योंकि शुरुआत में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते।
  • समय पर पहचान और इलाज न होने पर यह स्थायी अंधापन तक भी ले जा सकता है।

ग्लॉकोमा के प्रकार

ग्लॉकोमा के कई प्रकार हैं, लेकिन सबसे प्रमुख हैं:

  1. ओपन-एंगल ग्लॉकोमा (Open-Angle Glaucoma)
    • सबसे आम प्रकार
    • आंख के अंदर का द्रव (aqueous humor) ठीक से बाहर नहीं निकल पाता
    • धीरे-धीरे दृष्टि कमजोर होती है
  2. क्लोज्ड-एंगल ग्लॉकोमा (Angle-Closure Glaucoma)
    • अचानक आंख में दर्द और धुंधला दिखाई देना
    • आँख लाल और सूजी हुई लग सकती है
    • यह आपातकालीन स्थिति होती है
  3. कॉनजेनिटल ग्लॉकोमा (Congenital Glaucoma)
    • जन्मजात ग्लॉकोमा, बच्चों में पाया जाता है
    • आंखों की बड़ी पुतली और रोने पर आंखों से आंसू आना इसके लक्षण हैं
  4. सेकंडरी ग्लॉकोमा (Secondary Glaucoma)
    • चोट, सूजन, या अन्य बीमारियों के कारण होता है
    • कुछ दवाइयों के उपयोग से भी हो सकता है

ग्लॉकोमा के लक्षण

शुरुआत में ग्लॉकोमा का पता लगाना मुश्किल होता है। इसके कुछ लक्षण हैं:

  • आंखों में हल्का या तेज दर्द
  • धुंधला दिखना
  • सिर दर्द
  • रोशनी में हल्का अजीब अनुभव
  • रात में देखने में कठिनाई
  • अचानक दृष्टि में बदलाव

यदि ये लक्षण नजर आए तो तुरंत ऑप्टोमेट्रिस्ट या नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

ग्लॉकोमा के कारण

ग्लॉकोमा के पीछे कई कारण हो सकते हैं:

  • आंख के अंदर द्रव का दबाव (Intraocular Pressure) बढ़ना
  • बढ़ती उम्र, खासकर 40 साल से ऊपर
  • परिवार में ग्लॉकोमा का इतिहास
  • मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां
  • आंखों पर चोट या ऑपरेशन

ग्लॉकोमा के जोखिम में कौन लोग हैं?

कुछ लोग ग्लॉकोमा के लिए अधिक जोखिम में होते हैं:

  • 40 वर्ष से ऊपर के लोग
  • जिनके परिवार में ग्लॉकोमा का इतिहास है
  • मधुमेह या उच्च रक्तचाप वाले मरीज
  • लंबी अवधि तक किसी दवा का सेवन करने वाले लोग
  • दृष्टि की अचानक कमी महसूस करने वाले लोग

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ग्लॉकोमा की जांच

ग्लॉकोमा का समय पर पता लगाना बहुत जरूरी है। इसके लिए नेत्र विशेषज्ञ कुछ टेस्ट करते हैं:

  1. Tonometry – आंख के अंदर के दबाव को मापना
  2. Ophthalmoscopy – ऑप्टिक नर्व की जांच
  3. Perimetry (Visual Field Test) – नजर की चौड़ाई और ताकत को मापना
  4. Gonioscopy – आंख के ड्रेन एज की जाँच
  5. Optical Coherence Tomography (OCT) – ऑप्टिक नर्व और रेटिना की 3D इमेज

ग्लॉकोमा का इलाज

ग्लॉकोमा का इलाज समय पर होने पर दृष्टि को बचाया जा सकता है। उपचार के विकल्प हैं:

  1. आई ड्रॉप्स – आंखों का दबाव कम करने वाली दवाइयाँ
  2. ओरल मेडिसिन्स – कुछ मामलों में दवाईयों का सेवन
  3. लेजर ट्रीटमेंट – ड्रेनिंग एंगल को खोलने के लिए
  4. सर्जरी – गंभीर मामलों में ऑप्टिक नर्व को बचाने के लिए

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ग्लॉकोमा से बचाव

  • नियमित आंखों की जांच कराएं, खासकर 40 साल से ऊपर
  • आँखों पर अत्यधिक तनाव या चोट से बचें
  • मधुमेह और उच्च रक्तचाप नियंत्रित रखें
  • हेल्दी डायट और व्यायाम करें
  • कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन पर लंबे समय तक काम करते समय ब्रेक लें

विश्व ग्लॉकोमा दिवस का महत्व

विश्व ग्लॉकोमा दिवस का उद्देश्य है:

  • लोगों को ग्लॉकोमा और इसकी गंभीरता के बारे में जागरूक करना
  • समय पर जांच और इलाज के महत्व को समझाना
  • आंखों की सेहत के लिए नियमित चेकअप की आदत डालना
  • समाज में अंधापन और दृष्टि हानि के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना

हर साल विश्व ग्लॉकोमा दिवस के तहत नेत्र स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता अभियान और सोशल मीडिया अभियान चलाए जाते हैं।ग्लॉकोमा एक साइलेंट आंखों की बीमारी है, जो धीरे-धीरे दृष्टि को नुकसान पहुंचा सकती है। सही समय पर जांच और इलाज से इससे होने वाले अंधापन को रोका जा सकता है। इस विश्व ग्लॉकोमा दिवस पर यह संदेश दिया जाता है कि अपनी आंखों की देखभाल करें, नियमित चेकअप कराएं और ग्लॉकोमा के लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

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