सेहत

Mouth Cancer Signs: 2 हफ्ते से ज्यादा न भरे छाले तो हो जाएं सावधान! तुरंत कराएं जांच

Mouth Cancer Signs, अक्सर हम मुंह में होने वाले छोटे-छोटे छालों को सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। मसालेदार खाना, पेट की गड़बड़ी या हल्की चोट को इसका कारण मान लिया जाता है।

Mouth Cancer Signs : मुंह में जलन, गांठ या सूजन?

Mouth Cancer Signs, अक्सर हम मुंह में होने वाले छोटे-छोटे छालों को सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। मसालेदार खाना, पेट की गड़बड़ी या हल्की चोट को इसका कारण मान लिया जाता है। लेकिन कई बार यही मामूली दिखने वाले छाले Oral cancer यानी मुंह के कैंसर का शुरुआती संकेत भी हो सकते हैं।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अगर मुंह में बना घाव या छाला दो हफ्ते से ज्यादा समय तक ठीक न हो, बार-बार उसी जगह पर उभरता रहे या उसमें दर्द, खून या सूजन हो, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।

मुंह का कैंसर क्या है?

मुंह का कैंसर सिर और गर्दन के कैंसर की श्रेणी में आता है। यह होंठ, जीभ, मसूड़े, गाल की अंदरूनी परत, तालु या गले के शुरुआती हिस्से में विकसित हो सकता है।भारत में तंबाकू, गुटखा और पान मसाला के अधिक सेवन के कारण इसके मामले काफी ज्यादा देखने को मिलते हैं। शुरुआती चरण में पहचान हो जाए तो इलाज संभव है, लेकिन लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

किन लक्षणों को न करें नजरअंदाज?

लंबे समय तक न भरने वाला छाला

अगर मुंह का छाला 14 दिनों के बाद भी ठीक नहीं हो रहा है, तो यह चेतावनी का संकेत हो सकता है।

सफेद या लाल धब्बे

मुंह के अंदर सफेद (Leukoplakia) या लाल (Erythroplakia) पैच दिखना भी कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है।

गांठ या सूजन

जीभ या गाल के अंदर असामान्य गांठ महसूस होना चिंता का विषय हो सकता है।

लगातार दर्द या जलन

बिना किसी स्पष्ट कारण के लंबे समय तक दर्द या जलन बनी रहे तो जांच जरूरी है।

निगलने या बोलने में दिक्कत

अगर खाना निगलने या साफ बोलने में परेशानी हो रही है, तो यह उन्नत अवस्था का संकेत हो सकता है।

मुख्य जोखिम कारक

मुंह के कैंसर के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

  • तंबाकू चबाना या धूम्रपान
  • गुटखा, पान मसाला और सुपारी का सेवन
  • अत्यधिक शराब पीना
  • खराब मौखिक स्वच्छता
  • HPV संक्रमण
  • परिवार में कैंसर का इतिहास

भारत में तंबाकू से जुड़ी आदतें सबसे बड़ा जोखिम कारक मानी जाती हैं।

Read More: Rajpal Yadav: ‘भूत बंगला’ से वापसी, असली जिंदगी में भूत देखने का किया खुलासा

कब कराएं जांच?

यदि मुंह में कोई भी असामान्य बदलाव दिखे और वह दो हफ्ते से अधिक समय तक बना रहे, तो तुरंत डेंटिस्ट या ENT विशेषज्ञ से परामर्श लें।डॉक्टर आवश्यकता पड़ने पर बायोप्सी, स्कैन या अन्य परीक्षण कर सकते हैं। शुरुआती स्टेज में इलाज के विकल्प ज्यादा प्रभावी और कम जटिल होते हैं।

क्या है इलाज?

मुंह के कैंसर का उपचार उसकी स्टेज पर निर्भर करता है।

  • शुरुआती चरण में सर्जरी से प्रभावित हिस्से को हटाया जा सकता है।
  • कुछ मामलों में रेडिएशन थेरेपी या कीमोथेरेपी दी जाती है।
  • एडवांस स्टेज में मल्टीमॉडल ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ सकती है।

जल्दी पहचान होने पर मरीज की रिकवरी की संभावना काफी बढ़ जाती है।

Read More: Ustaad Bhagat Singh OTT Release: कब और कहां देखें Ustaad Bhagat Singh? जानें Pawan Kalyan की मूवी की OTT डिटेल्स

बचाव के आसान उपाय

  • तंबाकू और गुटखा पूरी तरह छोड़ दें।
  • शराब का सेवन सीमित करें।
  • रोजाना दो बार ब्रश करें और मुंह की साफ-सफाई रखें।
  • साल में कम से कम एक बार डेंटल चेकअप जरूर कराएं।
  • संतुलित आहार लें जिसमें फल और हरी सब्जियां शामिल हों।

स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस बीमारी के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

क्यों जरूरी है जागरूकता?

अक्सर लोग शर्म, डर या लापरवाही के कारण डॉक्टर के पास जाने में देरी कर देते हैं। लेकिन यही देरी बीमारी को गंभीर बना सकती है।अगर समय रहते जांच और इलाज हो जाए, तो मुंह के कैंसर से बचा जा सकता है। इसलिए मुंह में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न करें।मुंह में होने वाला हर छाला कैंसर नहीं होता, लेकिन हर लंबे समय तक न भरने वाला छाला जांच का विषय जरूर है। छोटी सी लापरवाही बड़ी बीमारी का कारण बन सकती है।अपने शरीर के संकेतों को समझें, समय पर जांच कराएं और स्वस्थ आदतें अपनाएं। याद रखें, जागरूकता और समय पर इलाज ही इस खतरे से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।

We’re now on WhatsApp. Click to join.

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

Back to top button