सेहत

Malaria Prevention: गर्मी में बुखार को न करें नजरअंदाज! हो सकता है मलेरिया, ऐसे करें बचाव

Malaria Prevention, गर्मी का मौसम आते ही मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ने लगती है। खासकर मलेरिया फैलाने वाले मच्छर इस मौसम में ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। मलेरिया एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित मादा Anopheles मच्छर के काटने से फैलती है।

Malaria Prevention : गर्मी में मच्छरों का अटैक क्यों होता है तेज? समझिए साइंस और बचाव के तरीके

Malaria Prevention, गर्मी का मौसम आते ही मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ने लगती है। खासकर मलेरिया फैलाने वाले मच्छर इस मौसम में ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। मलेरिया एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित मादा Anopheles मच्छर के काटने से फैलती है। अगर समय पर इलाज न मिले तो यह बीमारी जानलेवा भी साबित हो सकती है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि गर्मियों में मलेरिया का खतरा क्यों बढ़ जाता है और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।

गर्मी में मच्छर ज्यादा सक्रिय क्यों होते हैं?

डॉक्टरों के अनुसार, गर्म और नमी भरा वातावरण मच्छरों के प्रजनन के लिए आदर्श होता है। 25 से 35 डिग्री सेल्सियस तापमान में मच्छर तेजी से अंडे देते हैं और उनका जीवन चक्र भी जल्दी पूरा होता है।

  • रुका हुआ पानी: कूलर, गमलों, टायर, छत पर रखी टंकियों या खुले बर्तनों में जमा पानी मच्छरों के लिए ब्रीडिंग ग्राउंड बन जाता है।
  • नमी और पसीना: गर्मी में शरीर से निकलने वाला पसीना और कार्बन डाइऑक्साइड मच्छरों को आकर्षित करती है।
  • शाम और सुबह का समय: मलेरिया फैलाने वाले Anopheles मच्छर खासकर शाम और सुबह के समय ज्यादा काटते हैं।

गर्मी में दिन लंबे और रातें अपेक्षाकृत गर्म होती हैं, जिससे मच्छरों को ज्यादा समय सक्रिय रहने का मौका मिलता है।

मलेरिया क्या है?

मलेरिया एक परजीवी (Parasite) से होने वाली बीमारी है, जो संक्रमित मच्छर के काटने से शरीर में प्रवेश करता है। यह परजीवी खून की लाल रक्त कोशिकाओं को संक्रमित करता है।भारत समेत कई उष्णकटिबंधीय देशों में यह बीमारी अभी भी स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती है। विश्व स्तर पर मलेरिया को नियंत्रित करने के लिए World Health Organization लगातार अभियान चला रहा है।

Read More: Ustaad Bhagat Singh OTT Release: कब और कहां देखें Ustaad Bhagat Singh? जानें Pawan Kalyan की मूवी की OTT डिटेल्स

मलेरिया के लक्षण क्या हैं?

मलेरिया के लक्षण आमतौर पर मच्छर के काटने के 7 से 15 दिनों के भीतर दिखाई देते हैं।

  • तेज बुखार
  • ठंड लगना और कंपकंपी
  • सिरदर्द
  • उल्टी और मतली
  • शरीर में दर्द
  • कमजोरी

कुछ मामलों में मरीज को पीलिया, सांस लेने में दिक्कत या बेहोशी जैसी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

Read More: Rajpal Yadav: ‘भूत बंगला’ से वापसी, असली जिंदगी में भूत देखने का किया खुलासा

क्या मलेरिया जानलेवा हो सकता है?

हाँ, यदि समय पर इलाज न किया जाए तो मलेरिया गंभीर रूप ले सकता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं में यह ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।गंभीर मलेरिया में दिमाग, किडनी और अन्य अंग प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मलेरिया से बचाव के लिए सावधानी सबसे जरूरी है।

1. पानी जमा न होने दें

घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें। कूलर का पानी हर हफ्ते बदलें और टंकियों को ढककर रखें।

2. मच्छरदानी का उपयोग

सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।

3. फुल स्लीव कपड़े पहनें

शाम के समय बाहर जाते समय पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।

4. मच्छर भगाने वाले रिपेलेंट

क्रीम, स्प्रे या इलेक्ट्रिक वेपराइजर का इस्तेमाल करें।

5. समय पर जांच

अगर बुखार तीन दिन से ज्यादा रहे तो ब्लड टेस्ट जरूर करवाएं। शुरुआती पहचान से इलाज आसान हो जाता है।

6. साफ-सफाई का ध्यान

घर और आसपास की साफ-सफाई रखें। कूड़ा इकट्ठा न होने दें।

क्या वैक्सीन उपलब्ध है?

हाल के वर्षों में मलेरिया की वैक्सीन पर काम हुआ है और कुछ देशों में इसे लागू भी किया गया है। हालांकि, अभी भी रोकथाम के पारंपरिक उपाय ही सबसे प्रभावी माने जाते हैं।

बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए खास सावधानी

गर्भवती महिलाओं में मलेरिया से जटिलताएं बढ़ सकती हैं। बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर होती है, इसलिए उन्हें विशेष सुरक्षा की जरूरत होती है।

  • मच्छरदानी का नियमित उपयोग
  • डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न लें
  • बुखार आने पर तुरंत जांच

गर्मी के मौसम में मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि यह समय मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल होता है। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है।साफ-सफाई, मच्छरों से बचाव और समय पर जांच ही इस बीमारी से बचने के सबसे असरदार तरीके हैं। अगर बुखार या अन्य लक्षण नजर आएं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। जागरूकता और सतर्कता से ही मलेरिया जैसी बीमारी को मात दी जा सकती है।

We’re now on WhatsApp. Click to join.

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com

Back to top button