Jannah Theme License is not validated, Go to the theme options page to validate the license, You need a single license for each domain name.
सेहत

तनाव की वजह से हो सकते हैं खतरनाक बीमारियों के शिकार, इन तरीकों से करें स्ट्रेस मैनेज : Stress Management

हमारी सेहत का स्ट्रेस दुश्मन होता है। इस स्ट्रेस के पीछे कई कारण हो सकते हैं जिन्हें पहचान कर उनसे बचाव करना बहुत आवश्यक है और इसकी वजह से हार्ट अटैक स्ट्रोक डायबिटीज जैसी खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं।

खतरनाक बीमारियों को रोकने के लिए अपनाएं स्ट्रेस मैनेजमेंट के टिप्स : Stress Management

आजकल हमारी लाइफस्टाइल की वजह से, हमारी मेंटल सेहत पर काफी प्रभाव पड़ता  है। रोज-रोज के काम-धंधों के कारण हमारा तनाव बढ़ता रहता है, जिससे हमारी सेहत को भी काफी नुकसान पहुंचता  है। हालांकि, स्ट्रेस एक आम समस्या बन चुकी है, जिससे हर कोई व्यक्ति प्रभावित होता रहता है। इसलिए इससे बचाव करना बहुत जरूरी हो जाता है। तो आइए जानते हैं स्ट्रेस की वजह से क्या-क्या समस्याएं हो सकती हैं और इस तनाव को किन तरीकों से कम किया जा सकता है।

स्ट्रेस हो सकता है कई बीमारियां

इस तनाव की  वजह से स्ट्रोक और हार्ट अटैक का लोग शिकार हो सकते हैं।

स्ट्रेस कम करने के लिए हम फिजिकल एक्टिविटी, हेल्दी डाइट और मेडिटेशन हमारी मदद कर सकते हैं।

We’re now on WhatsApp. Click to join

दिल की बीमारियां-

स्ट्रेस की वजह से दिल से जुड़ी कई परेशानियां आपको हो सकती हैं। स्ट्रेस की वजह से हाइपरटेंशन की समस्या उत्पन्न हो सकती है, जो कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक का कारण बन सकता है। स्ट्रेस की वजह से नींद न आने की समस्या भी हो सकती है। इसी वजह से भी दिल की कई बीमारियों के हम शिकार हो सकते हैं।

डायबिटीज के शिकार –

हमारे लाइफ में तनाव की अधिक मात्रा होने से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बनने लगता का है। इस कारण से, इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ जाता है और फिर इंसुलिन के ठीक से काम न कर पाने की वजह से ब्लड शुगर का लेवल बढ़ने लगता है। फिर अगर ब्लड शुगर कम न किया जाए, तो डायबिटीज का खतरा हो सकता है।

स्ट्रोक का खतरा-

स्ट्रेस बढ़ने की वजह से हाइपरटेंशन की समस्या  उत्पन्न हो जाती है, जिस वजह से हमारे शरीर में ब्लड क्लॉटिंग या नस फटने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में इन दोनो वजहों से, स्ट्रोक का जोखिम हमेशा बना रहता है, जो दिमाग में ब्लीडिंग या खून न पहुंचने की वजह से हो सकता है।

read more : उत्तरी बिहार को भी मिलेगी वंदे भारत की सौगात, समस्तीपुर के डीआरएम ने भेजा प्रस्ताव: Vande Bharat Train Update

इरेगुलर पीरियड्स का होना –

महिलाओं मे पीरियड्स का बहुत प्रभाव पड़ता है। पीरियड्स पर शरीर के हार्मोन्स लेवल से प्रभावित होते रहते हैं। स्ट्रेस की वजह से इरेगुरल पीरियड होने का खतरा रहता है, जो शरीर में हार्मोन में असंतुलन या बदलाव की वजह से हो सकता है।

तनाव से बचने के लिए बचाव के तरीके –

फिजिकल एक्टिविटी करें-

आजकल के बिजी लाइफ में फिजिकल एक्टिविटी करने से स्ट्रेस कम हो सकता है। इससे शरीर में हैप्पी हार्मोन, एंडोर्फिन रिलीज होता है, जो हमारा मूड को बेहतर करने में मदद करता है। इसलिए कोशिश करें कि रोज थोड़ी देर वॉकिंग, रनिंग या किसी भी तरीके से फिजिकल एक्टिविटी को किया जाएं।

हेल्दी डाइट ही अपनाएं –

आप अपनी रोज की  डाइट में सब्जियां, फल, दही, दूध, साबुत अनाज आदि को शामिल करना बेहतर हो सकता है। इससे आपकी सेहत भी बेहतर रहेगी और स्ट्रेस कम करने में भी मदद मिल सकती है।

मेडिटेशन जरूर करें –

हर रोज थोड़ी देर मेडिटेट करने से स्ट्रेस कम करने में लाभदायक साबित हो सकता है। इसकी मदद से स्ट्रेस क्यों हो रहा है और क्या इसका कारण है, इसका पता लगाने में भी मदद मिल सकती है। इसलिए रोज अपनी इच्छा अनुसार दिन में किसी भी समय थोड़ी देर मेडिटेशन करें।

स्क्रीन टाइम को कम करें –

आजकल अधिक स्क्रीन टाइम होने की वजह से भी आप स्ट्रेस का शिकार हो सकते हैं। ज्यादा सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी इसके पीछे की एक वजह हो सकती है। इसलिए हो सके तो अपना स्क्रीन टाइम कम करने की कोशिश जरूर करें।

अपनी नींद पूरी करें –

काम या तनाव की वजह से भी नींद पूरी नही होती है जिससे कि शरीर के स्ट्रेस हार्मोन बढ़ सकता हैं। इसलिए रोज 7-8 घंटे की नींद लेने की कोशिश करना चाहिए। बेहतर नींद के लिए आपना, सोने और उठने का एक फिक्स टाइम चुन सकते हैं और अपने बेड रूम से सभी डिस्ट्रैक्शन्स को बाहर रख सकते हैं।

अगर आपके पास भी हैं कुछ नई स्टोरीज या विचार, तो आप हमें इस ई-मेल पर भेज सकते हैं info@oneworldnews.com   

 

Back to top button