दिवाली के अगले दिन क्यों की जाती है गोवर्धन पूजा? यहाँ जाने

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govardhan puja story

क्या है हिन्दुओ  में इस दिन का महत्व?


अक्टूबर का महीना खत्म होने वाला है और दिवाली भी नजदीक आ गयी है। दिवाली के अगले दिन ही गोवर्धन की पूजा की जाती है और इस साल गोवेर्धन की पूजा 28 अक्टूबर को पड़ रही है। आपको बता दें की गोवर्धन पूजा को कई लोग अन्नकूट की पूजा से भी जानते है। इस दिन विभिन्न प्रकार के अन्न को समर्पित और वितरित करने के कारण ही इस उत्सव या पर्व का नाम अन्नकूट पड़ा है। इस दिन अनेक प्रकार के पकवान, मिठाई से भगवान कृष्ण को भोग लगाया जाता है।

क्यों की जाती है दिवाली के अगले दिन गोवेर्धन की पूजा?

गोवर्धन की पूजा करने के पीछे एक कहानी है ऐसा माना जाता है की भगवान श्रीकृष्ण इंद्र का अभिमान तोड़ना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी अंगुली पर उठाकर गोकुल वासियों की इंद्र से रक्षा की थी। इसके बाद भगवान कृष्ण ने स्वंय कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा के दिन 56 भोग बनाकर गोवर्धन पर्वत की पूजा करने का आदेश दिया था, तभी से गोवर्धन पूजा की प्रथा आज भी कायम है और हर साल गोवर्धन पूजा की जाती है और अन्नकूट का त्योहार मनाया जाता है।

इसके अलावा इस दिन लोग घरो में गाय के गोबर से गोवर्धन की छवि बनाकर उनको पूजते है और अन्नकूट का भोग भी लगाया जाता है। इस दिन मंदिरो में भी अन्न दान किया जाता है। साथ ही धन-दौलत, गाड़ी, अच्छे मकान के लिए कृष्ण जी और मां लक्ष्मी को प्रसन्न किया जाता है ताकि नौकरी या व्यापार में खूब तरक्की मिल सके। इस बार गोवेर्धन की पूजा आप दोपहर 3 बजकर 2 मिनट से लेकर शाम के 5 बजकर 15 मिनट तक कर  सकते है।

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दोस्तो को यह मैसेज भेज कर दें गोवर्धन की शुभकामनाएं

1. कृष्ण की शरण में आकर

भक्त नए जीवन पाते  है

इसलिए गोवर्धन पूजा के दिन

हम सच्चे मन से मनाते है

हैप्पी गोवर्धन पूजा

2. बंसी के धुन पर सभी के दुःख हरता है

वो कान्हा ही है जो सारे चमत्कार करता है

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