भारत का भविष्य बदल देंगे ये 5 युवा राजनेता 


जानिये कौन हैं भारत के सबसे कम उम्र वाले नेता


दुनिया में कई सारे देश हैं और हर देश की पहचान उसके संविधान और नेताओं से होती है।  हर देश के नेता जहाँ देश की जिम्मेदारी लेते हैं वही देश का भविष्य बदलने और देश को आगे बढ़ाने की भी कुव्वत रखते हैं।  यही वजह है की भारत के हर नागरिक की उम्मीदें देश के युवा नेताओं से बंधी हुई हैं।

जानते हैं भारत के 5 सबसे कम उम्र वाले नेताओं को:-

1 प्रियंका गाँधी वाड्रा (INC)

47 वर्ष की प प्रियंका गाँधी वाड्रा भारतीय राजनीतिज्ञ हैं जो नेहरू-गाँधी परिवार से ताल्लुक रखती हैं. प्रियंका गाँधी को इस लोकसभा चुनाव में कई बार प्रचार प्रसार करते देखा गया। प्रियंका कांग्रेस की हैं।  प्रियंका गाँधी ने 1998 में हुए एक इंटरव्यू में कहा की ‘मेरे दिमाग में यह बात बिलकुल स्पष्ट है कि राजनीति शक्तिशाली नहीं है, बल्कि जनता अधिक महत्वपूर्ण है और मैं उनकी सेवा राजनीति से बाहर रहकर भी कर सकती हूँ। तथापि उनके औपचारिक राजनीति में जाने का प्रश्न परेशानीयुक्त लगता है: “मैं यह बात हजारों बार दोहरा चुकी हूँ, कि मैं राजनीति[3] में जाने की इच्छुक नहीं हूँ…”

2 -सचिन पायलट (INC)

लेफ्टिनेंट सचिन पायलट 41 वर्ष के एक भारतीय राजनीतिज्ञ तथा वर्तमान राजस्थान सरकार में उपमुख्यमंत्री हैं. वे भारत सरकार की पंद्रहवीं लोकसभा के मंत्रीमंडलमें संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री में मंत्री रहे है। ये चौदहवीं लोकसभा में राजस्थान के दौसा लोकसभा क्षेत्र का भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से प्रतिनिधित्व करते हैं। ये 2012 से अब तक भारतीय राजनीति का हिस्सा बने हुए हैं

3-राज्यवर्धन सिंह राठौड़(BJP)

49 साल के राजयवर्धन सिंह ने 2013 में अपने राजनितिक करियर की शुरुवात की थी वो 16 वीं लोकसभा में जयपुर ग्रामीण लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के सांसद चुने गये। राजयवर्धन 2004 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक, एथेंस में डबल ट्रैप स्पर्धा में रजत पदक विजेता हैं। वो प्रथम भारतीय हैं जिन्होंने व्यक्तिगत रजत पदक जीता। उनसे पहले ब्रितानी मूल के भारत में जन्मे नॉर्मन प्रिचर्ड ने 1900 ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक में दो रजत पदक जीते।10 सितंबर 2013 को राठौर बीजेपी में शामिल हुए और इसके पहले वह रेवाड़ी में नरेंद्र मोदी की एक रैली का हिस्‍सा बने थे। राठौर ने राजनीति में आने के लिए सितंबर 2013 में ही सेना से वॉलेंटरी रिटायरमेंट ले लिया और बतौर कर्नल वह अपने पद से रिटायर हुए।

4 -ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया (INC)
ज्योतिरादित्य भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से सम्बन्ध रखते हैं। 48 वर्षीय ज्योतिरादित्य सिंधिया मनमोहन सिंह के सरकार में केन्द्रीय मंत्री रहे हैं इनके पिता स्व.श्री माधवराव सिन्धिया जी भी गुना से कांग्रेस के विजयी उम्मीदवार रहे थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया 2019 लोकसभा चुनाव में गुना सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा।भाजपा उम्मीदवार के.पी.यादव ने 125549 वोटों से हराया। ये 2012 से अब तक राजनीती में बने हुए हैं
5-मिलिंद देवड़ा (INC)
31 अगस्‍त 2009 को उन्‍होंने केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी समिति का सदस्‍य घोषित किया गया। 30 अक्‍टूबर 2012 को वे केंद्रीय नौका-परिवहन के राज्‍यमंत्री बनें। राजनीति के अलावा मिलिंद गिटार बजाना भी जानते हैं और वे खेलों को प्रोत्‍साहन देने वाले युवा राजनीतिज्ञ हैं, वे क्रिकेट क्‍लब ऑफ़ इंडिया, बॉम्‍बे जिमखाना आदि के सदस्‍य हैं। मिलिंद 2004 से अब तक राजनीती में बने हुए हैं
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Story By : AvatarIfat Qureshi
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