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MP Homework policy: एमपी में अब बच्चों को मिली होमवर्क से छुट्टी

मध्य प्रदेश में सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के लिए होमवर्क पॉलिसी जारी की गई है। इसके आधार पर हर स्तर पर बच्चों को होमवर्क देने की सीमा तय कर दी गई है।

MP Homework policy: हर कक्षा के लिए तय की गई सीमाएं, देखे गाइडलाइन

MP Homework policy: मध्य प्रदेश में सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के लिए होमवर्क पॉलिसी जारी की गई है। इसके आधार पर हर स्तर पर बच्चों को होमवर्क देने की सीमा तय कर दी गई है। जानिए स्कूल शिक्षा केंद्र का आदेश।

मध्य प्रदेश के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए एक खुशखबरी है। सरकार ने बच्चों के लिए होमवर्क की सीमा तय कर दी है, इससे ज्यादा बच्चों को होमवर्क नहीं दिया जा सकता है। बता दें कि पहले बच्चों को इतना ज्यादा होमवर्क मिल जाता था, तो वो और किसी चीज में भाग नहीं ले पाते थे और उनका मानसिक तनाव भी बढ़ जाता था।

बच्चों पर होमवर्क के प्रेशर के कारण वो किसी और चीज में अपनी रुचि दिखा ही नहीं पाते थे। लेकिन अब बच्चों को होमवर्क से छुटकारा मिल गया है। बच्चों के स्थिति को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने उनके मानसिक तनाव को कम करने के लिए ये फैसला लिया गया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने स्कूलों और जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर दिया गया है। इसमें कक्षा 1 से लेकर 10वीं तक के बच्चों के लिए होमवर्क पॉलिसी दी गई है।

शिक्षा विभाग का आदेश

शिक्षा विभाग ने बच्चों के संदर्भ में आदेश जारी किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 12वीं तक के बच्चों के लिए 1 से 3 घंटे तक की साप्ताहिक और दिन के हिसाब के घंटे तय किए गए हैं, मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग का ये आदेश स्कूल बैग पॉलिसी के आधार पर आया है।

किस कक्षा को मिलेगा कितना होमवर्क

आपको बता दें कि नर्सरी से दूसरी कक्षा तक के बच्चों को कोई होमवर्क नहीं मिलेगा। कक्षा तीसरी से पांचवी तक के बच्चों को हर सप्ताह ज्यादा से ज्यादा 2 घंटे का होमवर्क दिया जा सकता है।, और छठी से आठवीं तक के बच्चों को हर सप्ताह 1 घंटे का होमवर्क दिया जा सकता है। वहीं, नौवीं से 12वीं तक के बच्चों को रोजाना अधिकतम दो घंटे का ही होमवर्क दिया जा सकता है।

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स्कूलों में लगेगा चार्ट

मध्य प्रदेश के राज्य शिक्षा केंद्र ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। इसमें सबसे बड़ी बात है कि शिक्षा अधिकारियों को हर महीने इसका रिकॉर्ड भी मेंटेन करना होगा। सबसे खास बात ये की स्कूलों को एक चार्ट लगाना होगा। इसमे क्लास के हिसाब से बैग का वजन मैनशन होगा।

स्कूल बैग पॉलिसी क्या है?

बता दें कि स्कूल बैग पॉलिसी 2000 के तहत मध्य प्रदेश सरकार ने साल 2022 में सरकारी और गैर सरकारी के साथ-साथ अनुदान प्राप्त स्कूलों के लिए बच्चों के बैग का वजन तय करने का आदेश जारी किया था। इसके आधार पर पहली क्लास के बच्चों के बैग का वजन 1.6 से लेकर 2.2 किलो तथा कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों के बैग का वजन 2.2 से लेकर 4.5 किलो तय किया था।

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Roshni Mishra

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