Difference between lockdown and sealing: लॉकडाउन और जगह सील होने में क्या है अंतर?

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अगर आप को भी है लॉकडाउन और सीलिंग में उलझन तो यहाँ जाने फ़र्क़


Difference between lockdown and sealing: अभी पूरी दुनिया में कोरोना वायरस महामारी के कारण हाहाकार मचा हुआ है। इस कारण ज्यादातर देशों में लॉकडाउन चल रहा है। इसी महामारी को रोकने और इससे बचने के लिए भारत ने भी 21 दिन का लॉकडाउन किया है जो कल ख़त्म हो गया। परंतु भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल सुबह 10 बजे देश को संबोधित किया, और 21 दिन के लॉकडाउन की अवधी बढ़ा कर 3 मई कर दी। इसका मतलब एक बार फिर भारत में 19 दिन का लॉकडाउन लग गया है। लॉकडाउन का बढ़ना स्वाभाविक भी है, क्योंकि भारत में कोरोना वायरस के केस बहुत तेजी से बढ़ रहे है जिसके कारण सरकार ने कुछ इलाकों को सील भी कर दिया है। अगर हम बात करे अपनी राजधानी दिल्ली की तो यहाँ कोरोना के केस 1450 से ऊपर जा चुके है। कुछ इलाको को सील भी कर दिया गया है। लेकिन लोग आज भी लॉकडाउन और सीलिंग में क्या अंतर है ये समझ नहीं पा रहे है तो चलिए आज हम आपको आसान शब्दों में बताते है की इन दोनों में क्या अंतर है।

लॉकडाउन क्या होता है।

लॉकडाउन में सब कुछ बंद होता है परन्तु आप अपनी जरूरी की चीजे लेने बाहर जा सकते हैं। जैसे फल, सब्जियां, राशन, दूध, दवाइयों के लिए बाहर जाने की छूट होती है। और साथ ही आपातकालीन सेवाएं चलती रहती हैं। मगर बेवजह घरों से निकलने पर कानूनी रोक है। और इसके लिए आपको सजा भी मिलती है।

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सीलिंग में क्या होता है।

लॉकडाउन में आप जरूरी सामान लेने बाहर जा सकते हैं। परन्तु सीलिंग में आप घर से बहार भी नहीं जा सकते है। भारत में 21 दिन का लॉकडाउन रहा परन्तु लॉकडाउन के बाद भी जिन इलाकों से कोरोना के मामले बढ़ते गए, वहां सब कुछ सील कर दिया गया। लोगों को घरों से बाहर निकलने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई। दूध-राशन के लिए भी छूट नहीं है। सब दुकानें बंद करा दी गईं। डोर-टू-डोर स्‍क्रीनिंग शुरू की गई।

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