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पाकिस्तान में स्थित गुटों को आतंकवादी घोषित करने को लेकर सर्वसम्मति हासिल नहीं कर सका भारत

 पाकिस्तान में स्थित गुटों को आतंकवादी घोषित करने को लेकर सर्वसम्मति हासिल नहीं कर सका भारत


पड़ोस में आतंकवाद का मदरशिप

 पाकिस्तान में स्थित गुटों को आतंकवादी घोषित करने को लेकर सर्वसम्मति हासिल नहीं कर सका भारत :- भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार यानि कल गोवा राज्‍य में बिक्‍स सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों को साफ-साफ य‍ह  कहा दिया है,  कि भारत देश के पड़ोस में आतंकवाद का मदरशिप चल रहा है। जो कि  विकास और आर्थिक वृद्धि के ब्रिक्स के लक्ष्यों के लिए खतरा है। साथ ही नरेन्‍द्र मोदी ने यह भी कहा, कि आतंकवाद को पनाह देने वाले भी आतंकवादियों जितना ही बड़ा खतरा हैं, मगर नरेन्‍द्र मोदी के इतना कहने के बाद भी पांचों सदस्य देशों द्वारा स्वीकृत गोवा घोषणापत्र में भारत की उन चिंताओं का ज़िक्र नहीं है, जो सत्र के दौरान या सिर्फ प्रारंभिक सत्र के दौरान उठाई गई थीं।

 पाकिस्तान में स्थित गुटों को आतंकवादी घोषित करने को लेकर सर्वसम्मति हासिल नहीं कर सका भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

दरअसल, घोषणापत्र में आग्रह किया गया है, कि आतंकवादियों  के ठिकानों को खत्म किया जाए।  सभी देशों को व्यापक पहल करनी होगी, जिस में कट्टरपंथ से निपटना, आतंकियों की भर्ती रोकना और आतंकवाद को वित्तपोषण खत्म करना शामिल होगा। साथ ही  घोषणापत्र में कहा गया है, कि इंटरनेट और  सोशल मीडिया पर भी आतंकवाद से टक्कर लेनी होगी।

विचारों पर फोकस

गोवा में हुए दो दिन के ब्रिक्स सम्मेलन के समापन के बाद मीडिया से बातचीत के दौरन  सचिव ‘अमर सिन्हा’ ने यह कहा कि घोषणा पत्र में विचारों पर फोकस किया गया है। साथ ही यह भी बताया, कि वे लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद आदि जैसे पाकिस्तान में स्थित गुटों को आतंकवादी घोषित करने को लेकर सर्वसम्मति हासिल नहीं कर सके है। वजह यह बताई है, कि यह मामला सिर्फ भारत और पाकिस्तान देश से जुड़ा मामला हो जाता। मगर घोषणापत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवादी घोषित किए जा चुके संगठनों से निपटने की ज़रूरत पर बल दिया गया है। बता दें, भारत में उरी हमले हुआ था, जिस में सेना के कैम्प पर आतंकवादी हमला किया गया था। साथ ही लगातार सीमापार से आतंकवाद की अन्य घटनाओं को लेकर पाकिस्तान देश पर अंगुली उठाने के मामले में चीन के दोहरे रवैये की वजह से भारत और चीन संबंधों में खटास व्याप्त रही।

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