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Electric Scooter: ई-स्कूटर चलाते समय न करें ये 7 गलतियां, वरना समय से पहले खराब हो सकती है बैटरी

Electric Scooter, भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बीच ई-स्कूटर लोगों को कम रनिंग कॉस्ट और आसान मेंटेनेंस का विकल्प देते हैं।

बैटरी बदलवाने में खर्च होंगे हजारों रुपये! Electric Scooter यूजर्स इन गलतियों से रहें सावधान

Electric Scooter, भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बीच ई-स्कूटर लोगों को कम रनिंग कॉस्ट और आसान मेंटेनेंस का विकल्प देते हैं। लेकिन इलेक्ट्रिक स्कूटर का सबसे महंगा और महत्वपूर्ण हिस्सा उसकी बैटरी होती है। गलत चार्जिंग, तेज गर्मी, लगातार तेज रफ्तार और बैटरी को बार-बार बिल्कुल खत्म कर देना जैसी आदतें इसकी क्षमता और उम्र पर असर डाल सकती हैं। जून 2026 में Suzuki Motorcycle India ने भी इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी लाइफ बढ़ाने के लिए नियमित चार्जिंग, डीप डिस्चार्ज से बचने और सही चार्जर इस्तेमाल करने की सलाह दी थी। अगर आप चाहते हैं कि आपके ई-स्कूटर की बैटरी लंबे समय तक अच्छी कंडीशन में रहे और समय से पहले हजारों रुपये खर्च न करने पड़ें, तो इन गलतियों से बचना बेहद जरूरी है।

24 06 2023

बैटरी को बार-बार बिल्कुल खत्म करना

कई लोग स्कूटर की बैटरी 1-2 प्रतिशत तक आने के बाद ही चार्ज करते हैं। कभी-कभार ऐसा होना बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन लगातार बैटरी को बेहद कम स्तर तक पहुंचाना अच्छा नहीं माना जाता। Suzuki की बैटरी-केयर गाइड भी बार-बार डीप डिस्चार्ज से बचने की सलाह देती है। रोजाना इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए बैटरी को जरूरत के मुताबिक नियमित रूप से चार्ज करना बेहतर आदत है। हालांकि, आपके स्कूटर के मॉडल और बैटरी केमिस्ट्री के अनुसार निर्माता की गाइडलाइन को प्राथमिकता देनी चाहिए।

हर बार 100 प्रतिशत चार्ज करना

100 प्रतिशत चार्ज करना अपने आप में गलत नहीं है, खासकर जब आपको लंबी दूरी तय करनी हो। लेकिन रोजाना स्कूटर को लंबे समय तक 100 प्रतिशत पर छोड़ देना बैटरी की उम्र पर असर डाल सकता है। 2026 की EV मेंटेनेंस गाइड्स में रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए लगभग 20-80 प्रतिशत चार्ज रेंज को बैटरी पर कम तनाव वाली आदत के रूप में बताया गया है। अगर अगले दिन लंबी यात्रा है, तो निर्माता द्वारा निर्धारित 100 प्रतिशत चार्ज करना ठीक हो सकता है। इसलिए सिर्फ प्रतिशत देखकर नहीं, बल्कि अपने स्कूटर की कंपनी की सलाह के अनुसार चार्जिंग करें।

गर्म स्कूटर को तुरंत चार्ज पर लगा देना

गर्मी बैटरी की सबसे बड़ी दुश्मनों में से एक हो सकती है। खासकर भारत में गर्मियों के दौरान लंबे समय तक तेज रफ्तार में चलाने के बाद बैटरी गर्म हो सकती है। ऐसे में तुरंत चार्जिंग शुरू करने की बजाय, अगर निर्माता की गाइडलाइन इसकी अनुमति देती है, तो स्कूटर को कुछ समय ठंडा होने देना बेहतर है। अत्यधिक तापमान बैटरी की उम्र और परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकता है। गर्मियों में कोशिश करें कि स्कूटर को सीधे तेज धूप में लंबे समय तक पार्क न करें।

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सस्ता या लोकल चार्जर इस्तेमाल करना

यह गलती बैटरी के साथ-साथ सुरक्षा के लिहाज से भी भारी पड़ सकती है। अलग-अलग इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी, वोल्टेज और चार्जिंग सिस्टम अलग हो सकते हैं। इसलिए कंपनी की ओर से दिए गए या निर्माता द्वारा अनुमोदित चार्जर का इस्तेमाल करना चाहिए।Suzuki भी इलेक्ट्रिक स्कूटर के लिए निर्माता द्वारा दिए गए या स्वीकृत चार्जर के इस्तेमाल की सलाह देता है। गलत चार्जिंग उपकरण बैटरी के लिए जोखिम बढ़ा सकते हैं।

तेज रफ्तार और अचानक एक्सेलरेशन

अगर आप हर समय स्कूटर को तेज गति से चलाते हैं और बार-बार अचानक एक्सेलरेटर बढ़ाते हैं, तो मोटर को ज्यादा ऊर्जा की जरूरत पड़ती है। इससे बैटरी तेजी से डिस्चार्ज हो सकती है और एक चार्ज में मिलने वाली रेंज कम हो सकती है।शहर में स्मूथ एक्सेलरेशन, स्थिर गति और जरूरत के मुताबिक ड्राइविंग करने से ऊर्जा की खपत को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इससे बैटरी पर अनावश्यक दबाव भी कम किया जा सकता है।

टायर में हवा कम रखना

बैटरी बचाने के लिए सिर्फ चार्जिंग पर ध्यान देना काफी नहीं है। टायर प्रेशर भी इलेक्ट्रिक स्कूटर की रेंज को प्रभावित करता है। कम हवा वाले टायर सड़क पर ज्यादा रोलिंग रेजिस्टेंस पैदा कर सकते हैं, जिससे स्कूटर को आगे बढ़ने के लिए अधिक ऊर्जा चाहिए होती है।इसलिए समय-समय पर कंपनी द्वारा सुझाए गए टायर प्रेशर की जांच करें। सही टायर प्रेशर से बेहतर रेंज और सुरक्षित राइडिंग दोनों में मदद मिल सकती है।

स्कूटर पर जरूरत से ज्यादा वजन लादना

ई-स्कूटर पर क्षमता से ज्यादा वजन लेकर चलने से मोटर पर अतिरिक्त भार पड़ सकता है। इससे ऊर्जा की खपत बढ़ती है और बैटरी तेजी से खत्म होती है। रोजाना भारी सामान ढोने या तय क्षमता से ज्यादा वजन के साथ स्कूटर चलाने से बचना चाहिए।स्कूटर की अधिकतम लोड क्षमता कंपनी के मैनुअल में दी होती है। उसे नजरअंदाज करना बैटरी ही नहीं, टायर, सस्पेंशन और ब्रेक पर भी असर डाल सकता है।

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बारिश के बाद तुरंत चार्जिंग करना

मानसून में इलेक्ट्रिक स्कूटर इस्तेमाल करते समय चार्जिंग को लेकर विशेष सावधानी जरूरी है। चार्जर, चार्जिंग पोर्ट और कनेक्शन को गीली स्थिति में इस्तेमाल करना जोखिम भरा हो सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि चार्जिंग उपकरणों को बारिश और पानी से सुरक्षित रखा जाए। अगर स्कूटर बारिश में भीग गया है, तो चार्जिंग से पहले चार्जिंग पोर्ट और संबंधित हिस्सों को पूरी तरह सूखने दें और अपने वाहन के निर्माता के निर्देशों का पालन करें।

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लंबे समय तक स्कूटर को 0 या 100 प्रतिशत पर छोड़ना

अगर आप कई दिनों या हफ्तों तक स्कूटर इस्तेमाल नहीं करने वाले हैं, तो उसे पूरी तरह खाली या लंबे समय तक पूरी तरह चार्ज अवस्था में छोड़ना उचित नहीं हो सकता। 2026 की EV मेंटेनेंस गाइड रोजमर्रा के इस्तेमाल से अलग लंबी अवधि के स्टोरेज में मध्यम चार्ज स्तर बनाए रखने की सलाह देती है। स्टोरेज के लिए अपने स्कूटर के मैनुअल में दिए गए निर्देशों को सबसे पहले देखें, क्योंकि अलग-अलग बैटरी सिस्टम की जरूरतें अलग हो सकती हैं।

बैटरी में खुद से छेड़छाड़ न करें

अगर बैटरी फूलने लगे, असामान्य गर्म हो, तेज गंध आए, चार्जिंग में परेशानी हो या रेंज अचानक बहुत कम हो जाए, तो बैटरी को खुद खोलने या लोकल तरीके से रिपेयर करने की कोशिश न करें। अधिकृत सर्विस सेंटर से जांच करवाना बेहतर है।

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छोटी-छोटी सावधानियां बचा सकती हैं बड़ा खर्च

ई-स्कूटर की बैटरी हमेशा के लिए चलने वाली नहीं होती। समय के साथ इसकी क्षमता स्वाभाविक रूप से कम होती है, लेकिन सही इस्तेमाल से अनावश्यक तेजी से होने वाली गिरावट को कम किया जा सकता है। नियमित और सही चार्जिंग, अत्यधिक गर्मी से बचाव, सही चार्जर, उचित टायर प्रेशर और जिम्मेदार राइडिंग जैसी आदतें बैटरी की सेहत बनाए रखने में मदद कर सकती हैं। इसलिए अगली बार ई-स्कूटर चलाते समय सिर्फ उसकी रेंज पर ध्यान न दें, बल्कि बैटरी की सेहत का भी ख्याल रखें। कुछ मिनट की सावधानी भविष्य में महंगी बैटरी रिप्लेसमेंट या बड़ी मरम्मत के खर्च से बचाने में मदद कर सकती है।

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